दरिमा के खेत में असहाय मिली नवजात मासूम, खबर मिलते ही मंत्री राजेश अग्रवाल ने संभाला मोर्चा; CMHO को दिए बेहतर इलाज और सुरक्षा के कड़े निर्देश
अंबिकापुर / दरिमा: ग्रामीण अंचल में एक तरफ जहां नवजात के मिलने से सनसनी फैल गई, वहीं दूसरी तरफ संवेदनशील प्रशासनिक पहल से मासूम को नया जीवन मिलने की उम्मीद बंध गई है। दरिमा क्षेत्र के एक खुले खेत में झाड़ियों के पास लावारिस अवस्था में मिली इस नवजात बच्ची को स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से तत्काल उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां से उसे गहन चिकित्सीय निगरानी में रखा गया है ।
जैसे ही यह मामला प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के संज्ञान में आया, उन्होंने बिना किसी विलंब के सरगुजा जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) और प्रशासनिक अधिकारियों से दूरभाष पर सीधी वार्ता की। मंत्री ने बच्ची की मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति, दी जा रही चिकित्सीय सुविधाओं और आगे की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की ।
मंत्री राजेश अग्रवाल के निर्देश: “इलाज और देखरेख में न हो रत्ती भर भी कोताही”
स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारियों से चर्चा के दौरान कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने सख्त लहजे में स्पष्ट किया कि एक नवजात शिशु, जो जीवन के सबसे नाजुक दौर में इस प्रकार असहाय पाई गई है, उसके इलाज और देखभाल में किसी भी स्तर पर कोई कमी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी । उन्होंने निर्देश दिए कि बच्ची को लगातार विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाए और यदि आवश्यकता पड़े तो राज्य के सर्वश्रेष्ठ बाल रोग विशेषज्ञों की सलाह लेकर हर संभव उन्नत चिकित्सा सुविधा तुरंत मुहैया कराई जाए ।
“एक नवजात मासूम का इस प्रकार असहाय अवस्था में मिलना अत्यधिक दर्दनाक और संवेदनशील विषय है। इस समय हमारी सबसे पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता बच्ची का जीवन बचाना, उसे बेहतर स्वास्थ्य सेवा देना और एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। प्रशासनिक तंत्र और स्वास्थ्य विभाग पूरी संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएं।”
ग्रामीणों की सजगता ने बचाई मासूम की जान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दरिमा क्षेत्र के स्थानीय ग्रामीण जब सुबह अपने खेतों की ओर गए थे, तब उन्हें खुले खेत के एक कोने से शिशु के रोने की आवाज सुनाई दी। जब ग्रामीणों ने पास जाकर देखा, तो कपकपाती ठंड और असुरक्षित वातावरण के बीच एक नवजात बच्ची असहाय पड़ी हुई थी। ग्रामीणों ने बिना देर किए संवेदनशीलता का परिचय दिया और तत्काल पुलिस तथा स्थानीय स्वास्थ्य अमले को सूचित करते हुए बच्ची को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया ।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों की टीम ने बच्ची को NICU (नियोनेटल केयर यूनिट) में भर्ती कर प्राथमिक उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार, नवजात को सही समय पर अस्पताल ले आया गया, जिससे उसकी स्थिति को स्थिर करने में मदद मिली है। फिलहाल बच्ची डॉक्टरों की सतत निगरानी में है और उसकी स्थिति में सुधार दर्ज किया जा रहा है ।
मामले में त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
- तत्काल चिकित्सीय निगरानी: नवजात बच्ची को अंबिकापुर/दरिमा के विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में NICU में रखा गया है ।
- CMHO को कड़े निर्देश: मंत्री राजेश अग्रवाल ने स्वास्थ्य विभाग को 24 घंटे स्वास्थ्य अपडेट रखने के निर्देश दिए हैं ।
- अंतर-विभागीय समन्वय: स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जिला बाल संरक्षण समिति (DCPU) को संयुक्त रूप से काम करने को कहा गया है ।
- कानूनी एवं सुरक्षात्मक प्रक्रिया: पुलिस विभाग द्वारा बच्ची को त्यागने वाले अज्ञात लोगों की पतासाजी शुरू कर दी गई है।
सुरक्षा और दीर्घकालिक संरक्षण के लिए अंतर-विभागीय तालमेल
मंत्री राजेश अग्रवाल ने केवल स्वास्थ्य सेवा ही नहीं, बल्कि बच्ची के भविष्य और कानूनी संरक्षण को लेकर भी विस्तृत मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि बच्ची को केवल अस्पताल में इलाज देना ही काफी नहीं है, बल्कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उसके सुरक्षित पालन-पोषण, कानूनी संरक्षण और पुनर्वास की दिशा में भी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी ।
उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग और जिला बाल संरक्षण समिति (DCPU) को निर्देश दिया कि बाल कल्याण समिति (CWC) के माध्यम से नियमानुसार बच्ची के दत्तक ग्रहण (Adoption) अथवा राजकीय बाल गृह में सुरक्षित आवास और देखरेख की संपूर्ण प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए, ताकि मासूम को एक उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य मिल सके ।
ईश्वर से स्वस्थ होने की प्रार्थना और सामाजिक संवेदनशीलता का संदेश
घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मंत्री राजेश अग्रवाल ने मासूम बच्ची के शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की । उन्होंने कहा कि समाज में इस तरह की घटनाएं अत्यंत दुखद हैं, लेकिन अब शासन और प्रशासन इस बच्ची के अभिभावक के रूप में हर कदम पर खड़े हैं ।
“ईश्वर से प्रार्थना है कि यह नन्ही बच्ची जल्द से जल्द पूरी तरह स्वस्थ हो और उसके जीवन में खुशियों की एक नई सुबह आए। इस मासूम को बेहतर उपचार के साथ सुरक्षा, वात्सल्य और आगे बढ़ने के लिए एक सुरक्षित वातावरण मिले, यही हमारी पहली प्राथमिकता है,” उन्होंने भावुक होते हुए कहा ।
प्रशासनिक अमला अलर्ट पर, पल-पल की ली जा रही जानकारी
मंत्री के कड़े रुख और संवेदनशीलता के बाद सरगुजा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य अमला पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। CMHO सरगुजा ने आश्वस्त किया है कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल एवं जिला अस्पताल के वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञों की टीम बच्ची की देखरेख में जुटी हुई है। इसके साथ ही स्थानीय पुलिस प्रशासन ने भी क्षेत्र में जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नवजात को खेत में छोड़ने के लिए कौन जिम्मेदार है ।
सरगुजा जिले के दरिमा की यह घटना जहां एक तरफ मानवीय संवेदनाओं को झकझोरती है, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीणों की त्वरित सजगता और मंत्री राजेश अग्रवाल की संवेदनशीलता ने इस नन्ही जान के लिए उम्मीद का एक नया चिराग रोशन कर दिया है ।
Ashish Sinha
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