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आज का पंचांग 02 अक्टूबर 2026: जानिए आज की तिथि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और शुक्रवार के विशेष महाउपाय | Aaj Ka Panchang






आज का पंचांग: 02 अक्टूबर 2026 | शुभ मुहूर्त, राहुकाल एवं विशेष धार्मिक उपाय


प्रदेश खबर | दैनिक पंचांग

आज का पंचांग: 02 अक्टूबर 2026, शुक्रवार | तिथि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया एवं विशेष ज्योतिषीय परामर्श

दिनांक: 02 अक्टूबर 2026 | स्थान: नई दिल्ली / मध्य भारत (IST) | संपादकीय विभाग
विशेष: सनातन धर्म में किसी भी नए कार्य की शुरुआत, धार्मिक अनुष्ठान, यात्रा या मांगलिक आयोजन से पूर्व दैनिक पंचांग का अवलोकन करना अत्यंत आवश्यक माना गया है। पंचांग के मुख्य पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — काल की गति और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति की सटीक गणना प्रस्तुत करते हैं। आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी/सप्तमी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र और शुक्रवार का शुभ संयोग बन रहा है। जानिए आज का संपूर्ण पंचांग, शुभ-अशुभ काल और दैनिक उपाय।

1. आज के मुख्य पंचांग घटक (Main Panchang Parameters)

पंचांग की गणना सूर्योदय की तिथि के आधार पर की जाती है। आज का दिन देवी लक्ष्मी और शुक्र ग्रह की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।

पंचांग अंग विवरण / समय
विक्रम संवत 2083 (रौद्र)
शक संवत 1948 (पराभव)
मास (महीना) आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत)
पक्ष कृष्ण पक्ष
तिथि षष्ठी तिथि (प्रातः 10:15 बजे तक), तत्पश्चात सप्तमी तिथि प्रारंभ
वार (दिन) शुक्रवार (देवी लक्ष्मी एवं शुक्र देव को समर्पित)
नक्षत्र मृगशिरा नक्षत्र (रात्रि 02:55 बजे तक), तत्पश्चात आर्द्रा नक्षत्र
योग व्यतीपात योग (सायंकाल 06:17 बजे तक), तत्पश्चात वरीयान योग
प्रथम करण वणिज (प्रातः 10:17 बजे तक)
द्वितीय करण विष्टि / भद्रा (रात्रि 09:08 बजे तक)
ऋतु शरद ऋतु
अयन दक्षिणायन

2. सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (Sun & Moon Timing)

खगोलशास्त्र और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से सूर्य एवं चंद्र की दैनिक गति का मानव जीवन और प्राकृतिक ऊर्जा पर सीधा प्रभाव पड़ता है।

घटना समय (IST)
सूर्योदय प्रातः 06:14 बजे
सूर्यास्त सायंकाल 06:07 बजे
चंद्रोदय रात्रि 11:25 बजे (लगभग)
चंद्रास्त अगले दिन दोपहर 01:15 बजे
सूर्य राशि कन्या राशि (हस्त नक्षत्र में)
चंद्र राशि वृषभ राशि (स्वामी: शुक्र)

3. शुभ मुहूर्त एवं मांगलिक काल (Auspicious Timings)

शुभ मुहूर्त में प्रारंभ किए गए कार्य बिना किसी विघ्न के संपन्न होते हैं और उनमें सफलता की संभावना अत्यधिक बढ़ जाती है।

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मुहूर्त नाम समय सीमा महत्व / उपयोग
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:46 से 12:33 बजे तक दिन का सबसे शुभ मुहूर्त, सभी प्रकार के नए कार्यों के लिए श्रेष्ठ।
ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 04:38 से 05:26 बजे तक ध्यान, पूजा-पाठ, अध्ययन एवं योग साधना के लिए सर्वोत्तम।
विजय मुहूर्त दोपहर 02:08 से 02:55 बजे तक व्यापारिक सौदे, वाद-विवाद सुलझाने और विजय प्राप्ति हेतु।
गोधूलि मुहूर्त सायंकाल 06:07 से 06:31 बजे तक संध्या आरती, दीपदान एवं गृहारंभ हेतु उपयुक्त।
अमृत काल सायंकाल 05:20 से 06:50 बजे तक महत्वपूर्ण निर्णय लेने एवं धार्मिक अनुष्ठान के लिए।

4. अशुभ समय एवं वर्जित काल (Inauspicious Timings)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अशुभ समय के दौरान कोई भी नया कार्य, अनुबंध हस्ताक्षर या लंबी यात्रा प्रारंभ करने से बचना चाहिए।

अशुभ काल समय सीमा सावधानी
राहुकाल दोपहर 10:40 से 12:10 बजे तक इस दौरान कोई भी नया या शुभ कार्य न शुरू करें।
यमगंड दोपहर 03:08 से 04:37 बजे तक यात्रा एवं धन से जुड़े लेनदेन से बचें।
गुलिक काल प्रातः 07:42 से 09:11 बजे तक मांगलिक कार्यों का आयोजन वर्जित है।
दुर्मुहूर्त प्रातः 08:37 से 09:24 बजे तक महत्वपूर्ण बैठकों को स्थगित रखें।
भद्रा (विष्टि करण) प्रातः 10:17 से रात्रि 09:08 बजे तक भद्रा काल में रक्षाबंधन, होलिका दहन या गृहारंभ जैसे कार्य वर्जित हैं।

5. दिन और रात का चौघड़िया (Choghadiya Timings)

चौघड़िया मुहूर्त का उपयोग यात्रा, व्यापारिक कार्यों और दैनिक दिनचर्या में शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

दिन का चौघड़िया (Day Choghadiya)

प्रकार समय प्रकृति
चर (सामान्य) 06:14 AM – 07:42 AM यात्रा के लिए शुभ
लाभ (उन्नति) 07:42 AM – 09:11 AM व्यापार प्रारंभ करने हेतु श्रेष्ठ
अमृत (उत्तम) 09:11 AM – 10:40 AM सभी कार्यों के लिए अति श्रेष्ठ
काल (हानि) 10:40 AM – 12:10 PM वर्जित काल (राहुकाल)
शुभ (उत्तम) 12:10 PM – 01:39 PM धार्मिक व मांगलिक कार्य हेतु
रोग (अशुभ) 01:39 PM – 03:08 PM स्वास्थ्य संबंधी सावधानी आवश्यक
उद्वेग (अशुभ) 03:08 PM – 04:37 PM मानसिक तनाव संभव
चर (सामान्य) 04:37 PM – 06:07 PM सामान्य गतिविधियां

6. दिशा शूल एवं चंद्रबल (Disha Shool & Chandra Balam)

  • दिशा शूल: आज पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहेगा। इस दिशा में अनावश्यक यात्रा करने से बचें।
  • दिशा शूल परिहार: यदि पश्चिम दिशा में यात्रा करना अत्यंत आवश्यक हो, तो घर से निकलने से पूर्व थोड़ा दही, जौ या घी खाकर निकलें। माता-पिता के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें।
  • चंद्रबल: आज वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए चंद्रबल अनुकूल रहेगा। इन राशि वालों को मानसिक शांति और कार्यों में सफलता प्राप्त होगी।

7. आज का विशेष पर्व एवं श्राद्ध पक्ष (Special Rituals & Shraddha)

वर्तमान में आश्विन मास का कृष्ण पक्ष (पितृ पक्ष) चल रहा है। आज षष्ठी श्राद्ध / सप्तमी श्राद्ध की तिथि है।

  • पितृ तर्पण एवं श्राद्ध नियम: आज जिन पितरों की मृत्यु तिथि षष्ठी या सप्तमी हो, उनका श्राद्ध, कुतप एवं रोहिण मुहूर्त (दोपहर 11:30 से 02:30 बजे के मध्य) में संपन्न करें।
  • गौ-ग्रास निकालें: श्राद्ध कर्म के पश्चात कौए, कुत्ते, गाय और चींटियों के लिए भोजन का अंश अवश्य निकालें। इससे पितृ प्रसन्न होकर वंश वृद्धि और समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।

8. शुक्रवार के विशेष महाउपाय (Friday Special Astrological Remedies)

शुक्रवार का दिन धन, वैभव, सौंदर्य और सुख की अधिष्ठात्री देवी महालक्ष्मी तथा शुक्र ग्रह को समर्पित है। जीवन में आर्थिक संपन्नता के लिए आज निम्नलिखित उपाय अवश्य करें:

  1. लक्ष्मी जी की पूजा: आज संध्या काल में मां लक्ष्मी के समक्ष गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाएं और उसमें एक चुटकी केसर या दो लौंग डाल दें।
  2. कनकधारा स्तोत्र: आर्थिक संकट से मुक्ति हेतु आज कनकधारा स्तोत्र या श्री सूक्त का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना गया है।
  3. सफेद वस्तुओं का दान: शुक्र ग्रह की मजबूती के लिए जरूरतमंदों को चावल, दूध, चीनी, मिश्री या सफेद वस्त्र का दान करें।
  4. मंत्र जाप: ॐ शुं शुक्राय नमः अथवा ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः का 108 बार जाप करें।


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