राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर शंकरगढ़ में उत्साह: ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विजय पैकरा ने दी बधाई, सत्य, अहिंसा और स्वावलंबन के मार्ग पर चलने का दिया संदेश
गांधी जयंती और शास्त्री जयंती के इस पावन पर्व पर शंकरगढ़ ब्लॉक मुख्यालय सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में विभिन्न सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में विशेष सभा का आयोजन हुआ, जिसकी अध्यक्षता विजय पैकरा ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं ने दोनों महान विभूतियों के बताए मार्गों पर चलने का संकल्प लिया।
महात्मा गांधी का अहिंसा और ग्राम स्वराज का दर्शन: विजय पैकरा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विजय पैकरा ने कहा कि बापू का पूरा जीवन सत्य, अहिंसा और सामाजिक सद्भाव का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने न केवल भारत को सदियों पुरानी गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराया, बल्कि दुनिया को यह भी सिखाया कि बिना हथियार उठाए, केवल नैतिक शक्ति और सत्य के बल पर भी बड़ी से बड़ी सत्ता को झुकाया जा सकता है।
विजय पैकरा ने आगे कहा, “छत्तीसगढ़ की माटी और यहाँ का जनजीवन हमेशा से गांधीवादी मूल्यों के करीब रहा है। बापू का ‘ग्राम स्वराज’ का सपना ग्रामीण भारत के सुदृढ़ीकरण से ही संभव है। जब तक हमारे गाँव, हमारे किसान और हमारे आदिवासी भाई-बहन आर्थिक और सामाजिक रूप से समृद्ध नहीं होंगे, तब तक देश की प्रगति अधूरी रहेगी। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी शंकरगढ़ लगातार बापू के इन्हीं सिद्धांतों को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।”
“गांधी जी का सत्य और अहिंसा का सिद्धांत केवल एक राजनीतिक हथियार नहीं था, बल्कि यह जीवन जीने की एक कला है। आज जब समाज में विभिन्न प्रकार की चुनौतियां हैं, तब बापू के विचार हमें प्रेम, भाईचारे और शांति का मार्ग दिखाते हैं।” — विजय पैकरा (अध्यक्ष, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, शंकरगढ़)
लाल बहादुर शास्त्री जी की सादगी और स्वाभिमान को नमन
पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री जी को नमन करते हुए विजय पैकरा ने उनके अदम्य साहस और दृढ़ नेतृत्व क्षमता को याद किया। उन्होंने कहा कि 1965 के युद्ध के दौरान शास्त्री जी ने जिस निडरता से देश का नेतृत्व किया और सीमाओं की रक्षा की, उससे पूरा देश गौरवान्वित हुआ था।
पैकरा ने कहा कि शास्त्री जी का दिया नारा ‘जय जवान, जय किसान’ आज भी भारत के दो सबसे मजबूत स्तंभों—हमारी सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों और देश का पेट भरने वाले किसानों—के प्रति हमारी कृतज्ञता को दर्शाता है। शास्त्री जी की सादगी, ईमानदारी और स्वाभिमान हर जनप्रतिनिधि और नागरिक के लिए प्रेरणा स्रोत है।
शंकरगढ़ क्षेत्र में गांधीवादी विचारों का प्रसार और सामाजिक प्रतिबद्धता
बलरामपुर जिले के दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्र शंकरगढ़ में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा गांधी जयंती के अवसर पर निम्नलिखित संकल्प लिए गए:
- स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण: गाँव-गाँव में स्वच्छता अभियान चलाना और प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण के लिए जनजागरूकता फैलाना।
- सामाजिक समरसता: जाति, धर्म और वर्ग से ऊपर उठकर आपसी भाईचारे और सौहार्द को मजबूत करना।
- किसानों और मजदूरों का सम्मान: क्षेत्र के कृषकों एवं श्रमिकों के अधिकारों के लिए सतत संघर्ष करना तथा शास्त्री जी के विचारों का क्रियान्वयन करना।
- युवाओं को गांधीवादी मूल्यों से जोड़ना: युवाओं में अहिंसा, आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार के प्रति चेतना जगाना।
आदिवासी संस्कृति और गांधीवादी जीवनशैली का संगम
विजय पैकरा ने अपने संदेश में विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों की परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरगुजा और बलरामपुर संभाग की जनजातीय संस्कृति स्वाभाविक रूप से गांधी जी के विचारों से मेल खाती है। यहाँ के लोग प्रकृति का सम्मान करते हैं, सामूहिक जीवन में विश्वास रखते हैं और सादगीपूर्ण जीवन जीते हैं।
उन्होंने कहा कि शंकरगढ़ ब्लॉक के प्रत्येक नागरिक को गांधी जी के बताए खादी, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के विचार पर अमल करना चाहिए, जिससे हमारे स्थानीय कारीगरों और महिलाओं को रोजगार मिल सके।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आह्वान
सभा के अंत में विजय पैकरा ने ब्लॉक कांग्रेस कमेटी शंकरगढ़ के समस्त पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे गांधी जी और शास्त्री जी के विचारों को केवल भाषणों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें अपने आचरण और कार्यशैली में ढालें। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा ही कांग्रेस पार्टी का मूल उद्देश्य है और यही बापू व शास्त्री जी के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इस अवसर पर शंकरगढ़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेता, पंचायत प्रतिनिधि, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस तथा एनएसयूआई के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में राष्ट्रनिर्माताओं के बताए रास्ते पर चलने और क्षेत्र की खुशहाली एवं विकास के लिए मिलकर काम करने का संकल्प दोहराया।














