Advertisement

नवाडीह में सेवा सेतु शिविर: ग्रामीणों को एक ही जगह मिला योजनाओं का लाभ, आयुष्मान कार्ड से लेकर पीएम आवास तक






नवाडीह सेवा सेतु शिविर: एक ही छत के नीचे मिलीं शासकीय सुविधाएं, आयुष्मान कार्ड से लेकर पीएम आवास की चाबी तक वितरित | प्रदेश खबर


विशेष ग्रामीण रिपोर्टिंग


सुशासन एवं विकास

नवाडीह में सेवा सेतु शिविर: ग्रामीणों को एक ही स्थान पर मिला शासकीय योजनाओं का लाभ, आयुष्मान कार्ड वितरण से लेकर नए आवासों की चाबी तक सौंपी गई

संपादक: आशीष सिन्हा
|
स्थान: बलरामपुर-रामानुजगंज (छत्तीसगढ़)
|
अपडेटेड: 07 अक्टूबर, 2026
बलरामपुर जिले के रामचन्द्रपुर विकासखंड स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नवाडीह के प्रांगण में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत सेवा सेतु शिविर का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। शिविर में ग्रामीणों को दर्जनों दफ्तरों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिली और एक ही मंडप के नीचे शासन के विभिन्न विभागों द्वारा जनकल्याणकारी सेवाओं एवं प्रशासनिक आवेदनों का मौके पर ही निपटारा किया गया।

गांव की चौपाल तक पहुंचा प्रशासन, सीधे संवाद से दूर हुई परेशानियां

छत्तीसगढ़ राज्य शासन की मंशानुरूप आम जनता को प्रशासनिक जटिलताओं से राहत दिलाने और शासकीय योजनाओं की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सेवा संकल्प अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को नवाडीह के शासकीय स्कूल परिसर में आयोजित सेवा सेतु शिविर में क्षेत्र के दूर-दराज गांवों से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण पहुंचे।

शिविर में जिला प्रशासन के प्रमुख अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों ने स्वयं उपस्थिति दर्ज कराकर ग्रामीण स्तर पर प्रशासनिक कार्यशैली को गति प्रदान की। शिविर स्थल पर कृषि, स्वास्थ्य, राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, विद्युत तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) सहित विभिन्न विभागों द्वारा पृथक-पृथक स्टॉल लगाए गए थे, जहां विभागीय अमले ने आवेदनों को स्वीकार कर उनका त्वरित निराकरण किया।

सेवा सेतु शिविर: मुख्य आकर्षण एवं त्वरित उपलब्धियां

  • एक ही स्थान पर सेवाएं: विभिन्न सरकारी विभागों के स्टॉलों के माध्यम से दर्जनों सुविधाओं का मौके पर निष्पादन।
  • आयुष्मान कार्ड एवं जाति प्रमाण पत्र वितरण: दर्जनों हितग्राहियों को तत्काल आधिकारिक दस्तावेज प्रदान किए गए।
  • गृह प्रवेश का सपना साकार: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पूर्ण दो पक्के मकानों की चाबियां लाभार्थियों को सौंपी गईं।
  • मितानिन सम्मान: स्वास्थ्य एवं सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली मैदानी कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया।

कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने किया स्टॉलों का औचक निरीक्षण

कार्यक्रम के दौरान बलरामपुर कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने शिविर स्थल पर स्थापित सभी विभागीय स्टॉलों का बारीकी से निरीक्षण किया। कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन और प्राप्त आवेदनों की स्थिति का जायजा लिया।

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए कि शिविर में आने वाले प्रत्येक हितग्राही की समस्या को पूरी संवेदनशीलता एवं गंभीरता से सुना जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र नागरिक जानकारी के अभाव या प्रक्रियागत जटिलता के कारण शासन की योजना से वंचित न रहे। आवेदन प्राप्त होते ही नियमानुसार प्राथमिकता के आधार पर उन्हें पात्रता अनुसार संबंधित योजनाओं से तत्काल जोड़ा जाए।

हितग्राहियों को मिली राहत: आयुष्मान कार्ड और पीएम आवास की चाबी सौंपी गई

सेवा सेतु शिविर केवल आवेदनों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह मौके पर ही सरकारी सेवाओं के हस्तांतरण का सशक्त माध्यम बना। शिविर के दौरान पात्र ग्रामीणों को आयुष्मान भारत योजना के तहत निशुल्क आयुष्मान कार्ड तथा स्कूली छात्रों व युवाओं को जाति प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

विशेष अवसर तब आया जब प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत निर्मित पूर्ण आवासों के दो हितग्राहियों को उनके सपनों के नए पक्के घर की चाबियां अतिथियों द्वारा सौंपी गईं। नया घर पाकर हितग्राहियों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएं प्रदान करने वाली मितानिनों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें शिविर में सम्मानित किया गया।

“सेवा सेतु शिविरों का मूल उद्देश्य प्रशासन और ग्रामीणों के बीच की दूरी को पूरी तरह खत्म करना है। ऐसे शिविरों के माध्यम से पूरा जिला प्रशासन स्वयं गांव तक पहुंच रहा है, ताकि आम जन की समस्याओं को सुनकर त्वरित समाधान निकाला जा सके और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।”
— चंदन संजय त्रिपाठी, कलेक्टर, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज

कृषक उन्नति योजना: धान के अतिरिक्त दलहन-तिलहन अपनाने पर प्रोत्साहन राशि

कृषि बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण शिविर में किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। कलेक्टर ने मंच से किसानों को संबोधित करते हुए राज्य सरकार की ‘कृषक उन्नति योजना’ का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।

उन्होंने किसानों से पारंपरिक रूप से केवल धान की खेती पर निर्भर रहने के बजाय बहुफसली चक्र को अपनाने का आग्रह किया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि दलहन, तिलहन और लघु धान्य (मिलेट्स/कोदो-कुटकी-रागी) जैसी फसलों का क्षेत्रफल बढ़ाने से न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि भूमि की सेहत भी सुधरेगी।

योजना / विषय प्रावधान एवं प्रोत्साहन राशि प्रशासनिक प्रक्रिया / संपर्क बिंदु
फसल विविधीकरण (Crop Diversification) धान के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसल (दलहन/तिलहन/लघु धान्य) लेने पर 15,000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि। पंजीयन के समय अन्य फसल का विकल्प चुनने हेतु ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO) या समिति प्रबंधक से संपर्क करें।
जल संचय जन भागीदारी अभियान कृषि भूमि के 5 प्रतिशत हिस्से पर वर्षा जल संचयन हेतु ‘5% मॉडल’ तालाब/संरचना का निर्माण। कृषि एवं जल संसाधन विभाग के अमले से समन्वय कर स्वेच्छा से भूमि चिह्नित करें।

कलेक्टर ने स्थानीय जनजीवन से जुड़ा हुआ बेहद रोचक उदाहरण देते हुए किसानों को समझाया:

“जिस प्रकार हम घर आए किसी मेहमान की थाली में केवल चावल नहीं परोसते, बल्कि दाल, सब्जी और अन्य पौष्टिक व्यंजन भी शामिल करते हैं; ठीक उसी प्रकार हमें अपने खेतों में भी केवल धान पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। खेतों में दलहन एवं तिलहन जैसी फसलें लगाने से प्राकृतिक रूप से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और परिवार को भी संतुलित व पौष्टिक आहार प्राप्त होता है।”

जल संचयन जन भागीदारी: ‘5 प्रतिशत मॉडल’ से बढ़ेगा भू-जल स्तर

पर्यावरणीय संतुलन और भविष्य में सिंचाई संकट से निपटने के लिए कलेक्टर ने ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति गंभीर रहने का संदेश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जल बचाना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक, किसान और ग्रामीण समुदाय की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।

छत्तीसगढ़ राज्य में चलाए जा रहे ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने किसानों को **’5 प्रतिशत मॉडल’** की बारीकियों से अवगत कराया। इस मॉडल के तहत किसान अपनी कुल कृषि भूमि का लगभग 5% भाग वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) के लिए समर्पित कर सकते हैं।

जल संरक्षण का मूल मंत्र: “खेत का पानी खेत में”

कलेक्टर ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण साझा करते हुए बताया कि यदि बारिश का पानी खेतों से बहकर सीधे बाहर निकलने के बजाय वहीं रोक लिया जाए, तो वह धीरे-धीरे रिस्कर जमीन के भीतर समा जाता है। पानी जितनी देर तक एक स्थान पर ठहरेगा, भू-जल स्तर (Water Table) उतना ही बेहतर होगा, जिससे शुष्क मौसम में भी कुओं और बोरवेल में सिंचाई हेतु जल की उपलब्धता बनी रहेगी।

जनप्रतिनिधियों ने जताया आभार, सतत विकास की जताई उम्मीद

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनपद पंचायत अध्यक्ष मुंद्रिका सिंह ने कहा कि सेवा सेतु शिविर ग्रामीण इलाकों को शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं से जोड़ने का एक बेहद कारगर माध्यम साबित हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासनिक स्तर पर गांव-गांव पहुंचकर दी जा रही इन सुविधाओं से क्षेत्र में सतत एवं समावेशी विकास को गति मिलेगी।

वहीं जिला पंचायत सदस्य मुंशीराम सांडिल्य ने उपस्थित जनसमुदाय से अपील की कि शिविर में प्राप्त जानकारियों को केवल स्वयं तक सीमित न रखें, बल्कि अपने टोले-मोहल्ले और आसपास के लोगों तक भी पहुंचाएं ताकि अंतिम छोर पर खड़ा कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रह जाए।

इस अवसर पर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) रणवीर साय, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के खण्ड एवं जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी तथा नवाडीह व आसपास की ग्राम पंचायतों से आए बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिक उपस्थित रहे।

© 2026 प्रदेश खबर न्यूज़ नेटवर्क. सर्वाधिकार सुरक्षित। | सम्पादकीय कार्यालय: बलरामपुर (छ.ग.)


file_0000000093d882119d122d54d9d757b5
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40 (1)
WhatsApp-Image-2026-08-15-at-00.21.47