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गिरदावरी की दावा आपत्ति निराकरण में हो पूर्ण पारदर्शिता-कलेक्टर

गिरदावरी की दावा आपत्ति निराकरण में हो पूर्ण पारदर्शिता-कलेक्टर

 

प्रभा सिंह यादव/ब्यूरो चीफ/सरगुजा// कलेक्टर संजीव कुमार झा ने मंगलवार को यहां कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में शासन की महत्वपूर्ण योजनाओ के क्रियान्वयन तथा विभागीय कार्यो की समीक्षा की। उन्होंने 1 अगस्त से शुरू हुए गिरदावरी कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि पटवारियों द्वारा किये जा रहे गिरदावरी शुद्ध हो तथा गिरदावरी के बाद दावा-आपत्तियों का निराकरण भी पारदर्शिता पूर्ण हो। तहसीलदार गिरदावरी की गंभीरता से मॉनिटरिंग करें ताकि पटवारी किसी प्रकार की लापरवाही न कर सकें।

कलेक्टर ने कहा कि पटवारियों द्वारा प्रतिदिन किये गए गिरदावरी का सत्यापन भी तहसीलदार तत्काल पूरा करे। उन्होंने कहा कि अपर कलेक्टर और एसडीएम हर गांव के बडे काश्तकारों के गिरदावरी को रेंडमली जांच करें। कही भी त्रुटि पाई जाती है तो पटवारी पर कार्यवाही करें। उन्होंने राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत जनहानि के प्रकरणो में क्षतिपूर्ति की राशि प्रदाय करने के लिए संवेदनशीलता के साथ त्वरित निराकरण करनें की समझाईश दी। पुलिस से रिपोर्ट लेने के लिए सम्बंधित थाने से समन्वय करें।

कलेक्टर ने गोठानो में नेपियर घास तथा शकरकंद की खेती की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी पूर्ण गोठानो में कम से कम 2 एकड़ में चारागाह विकास करें तथा सभी चारगाहों में नेपियर अनिवार्य रूप से लगाएं। बाड़ी विकास में इंटर क्रॉप फसल के लिए शकरकंद की खेती के लिए उद्यान विभाग पौधे उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि शकरकंद लगाने के 3 माह बाद तैयार हो जाता है तथा इसकी ज्यादा देखभाल करने की भी आवश्यकता नही होती। समूह की महिलाओं को इससे अच्छा आमदनी हो सकती है।

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अवैध रेत उत्खनन पर करें सख्त कार्यवाही- कलेक्टर ने अवैध रेत उत्खनन को गंभीरता से लेते हुए कहा कि एनजीटी के नियमो के तहत खनिज अधिकारी और एसडीएम इस पर अंकुश लगाएं। अवैध उत्खनन करने वालो पर कड़ी कार्यवाही करने में पीछे न हटें। उन्होंने सभी विकासखण्डों में सीएसआर मद से पक्का हेलीपैड बनाने हेतु खनिज अधिकारी को निर्देशित किया।

बैंक हितग्रहियो को न लगवाएं चक्कर- कलेक्टर ने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओ के तहत हितग्रहियों को ऋण राशि स्वीकृत करने के लिए दस्तावेजो की कमी निकालकर दूर दराज के ग्रामीणों को बैंक का कई चक्कर लगाने पड़ते है और आखिर में आधार पर आवेदन निरस्त कर देते है जिससे ग्रामीणों को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने अग्रणी बैंक प्रबंधक को फटकार लगाते हुए कहा कि बैंकों से इस बाबत निर्देश दें कि कोई भी बैंक अनावश्य हितग्राही को परेशान न करे। यदि हितग्राही पात्र नहीं है तो बैंक आवेदन परीक्षण के पश्चात् हितग्राही को अवगत करा दें और दस्तावेज से संबंधित कमियों को भी एक बार में ही बता दें।बैठक में अपर कलेक्टर द्वय ए.एल.धुव्र,  तनूजा सलाम, सहायक कलेक्टर  श्वेता सुमन, एसडीएम, तहसीलदार, जनपद सीईओ एवं विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।

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