Chhattisgarh News : छूट और रियायतों से गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को नया आशियाना बनाने में मिली राहत

रायपुर : छूट और रियायतों से गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को नया आशियाना बनाने में मिली राहत

एम.एल. चौधरी, सहायक संचालक

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

रायपुर, 02 दिसम्बर 2021छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को गतिमान रखने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में पिछले तीन वर्षों में लिए गए नये फैसलों ने रियल एस्टेट कारोबार को नया बूम दिया है। राज्य में गरीब और मध्यम वर्गों को अपना आशियाना बनाने में काफी सहुलियत मिली है, वहीं राज्य शासन द्वारा रियल एस्टेट बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए कई नये प्रावधान किए गए हैं। ऑनलाईन पंजीयन सुविधा, निर्धारित समय अवधि में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट की स्वीकृति दी जा रही है।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर राज्य सरकार ने 5 डिसमिल तक के छोटे भू-खण्डों की खरीद-बिक्री पर लगी रोक को हटाया। सम्पत्तियों की गाईड-लाईन दरों में 30 प्रतिशत की कमी की गई। भूमि नामांतरण और डायवर्सन की प्रक्रिया को पूर्व की अपेक्षा अब ज्यादा आसान किया गया है। छत्तीसगढ़ शासन ने महिलाओं को पंजीयन शुल्क में एक प्रतिशत की छूट प्रदान की है। दस्तावेजों के पंजीयन के लिए सिंगल विन्डों प्रणाली से अनुमति और अनापत्ति प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया आसान बनाई बना दी गयी है। छत्तीसगढ़ सरकार के फैसलों से राज्य में अब आम आदमी और कमजोर तबके लोग भी छोटे और मध्यम भू-खण्डों की खरीदी-बिक्री कर रहे हैं।
     राज्य के पंजीयन कार्यालयों में आधुनिकीकरण और नई सुविधाएं जुटाई गई है। इन कार्यालयों में ऑनलाईन पंजीयन ई-स्टाम्पिंग की सुविधा दी गई है। इसी प्रकार जमीनों और मकानों का पंजीयन तेजी से कराने के लिए सॉफ्टवेयर में संशोधन किया है। पंजीयन शुल्क भुगतान के लिए ऑनलाइन भुगतान सुविधा सहित स्वाइप मशीन अधिकांश पंजीयन कार्यालयों में उपलब्ध कराई गई है। राजस्व न्यायालयों को भी आधुनिक बनाया जा रहा है। न्यायालयों में ऑनलाईन प्रकरणों का पंजीयन के साथ ही जमीन और भवन संबंधी दस्तावेजों का डिजिटलाईजेशन किया जा रहा है। पंजीयन विभाग में एक जनवरी 2019 से अब तक करीब दो लाख 75 हजार से ज्यादा छोटे भू-खंडों के क्रय विक्रय के दस्तावेजों का पंजीयन किया गया है। वर्ष 2020-21 में 1589.42 करोड़ का राजस्व अर्जित किया। वित्तीय वर्ष 2021-22 में अक्टूबर माह तक 902.79 करोड़ रूपए से ज्यादा का राजस्व अर्जित किया जा चुका है।
राज्य शासन द्वारा जनहित में निर्णय लिया जाकर, दस्तावेजों के बाजार मूल्य निर्धारण करने वाले गाईडलाईन की दरों में 25 जुलाई 2019 से 30 प्रतिशत की कमी को वर्ष 2020-21 एवं वर्ष 2021-22 के लिए भी यथावत रखा गया है। संपत्ति के बाजार मूल्य में कमी के साथ ही संपत्ति के खरीदी बिक्री में राहत प्राप्त होने से मध्यमवर्ग के लिए भूमि-मकान खरीदना आसान हुआ है। इसी प्रकार 75 लाख कीमत तक के मकान-भवन के विक्रय संबंधी विलेखों पर अगस्त, 2019 से पंजीयन शुल्क की दर में 2 प्रतिशत की रियायत को वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 के लिए बढ़ाया गया है।
    कोविड-19 से संक्रमण की सुरक्षा को देखते हुए पंजीयन हेतु ऑनलाइन अपॉइंटमेंट स्लॉट बुकिंग को अनिवार्य किया गया है। अपॉइंटमेंट प्राप्त पक्षकार निर्धारित समय में ही पंजीयन कार्य हेतु उपस्थित होते हैं। इस व्यवस्था के तहत कोविड-19 महामारी के दौरान भी पंजीयन की सुविधा प्रदान की गई है। दस्तावेज पंजीयन के साथ ही साथ दस्तावेज नकल एवं खोज हेतु भी अपॉइंटमेंट बुकिंग प्रारंभ की गई है। पक्षकार द्वारा पंजीयन फीस का भुगतान भी ऑनलाइन किया जा सकता है।