पतरापाली चमेली स्व-सहायता समूह महिलाओं के लिए मछली पालन बना आय का जरिया

जशपुरनगर : पतरापाली चमेली स्व-सहायता समूह महिलाओं के लिए मछली पालन बना आय का जरिया

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महिलाएं एक सीजन में लगभग 70 से 80 हजार रुपए का मुनाफा कमा रही है
इस सीजन में 160 किलो मछली के उत्पादन से समूह को 25 हजार का हुआ लाभ

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कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में स्व-सहयता समूह की महिलाओं को विभिन्न आजीविका से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इसी कड़ी में पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम पतरापाली की चमेली स्व-सहायता समूह की महिलाएं छिंदबहरी तालाब में मछली पालन करके अपने आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही है।
समूह की अध्यक्ष श्रीमती बालमती सिदार ने बताया कि समूह में 10 महिलाएं कार्य कर रही है। पंचायत से लीज पर तालाब लेकर मछली पालन करती है। लगभग 4 साल से मछली पालन के व्यवसय सेे जुड़ी हुई है। सीजन अनुसार महिलाएं एक सीजन में लगभग 70 से 80 हजार रुपए मछली पालन से लाभ कमा लेती है। महिलाएं अन्य गतिविधियों के साथ कृषि कार्य से भी जुड़ी हुई है जिनसे उनको साल में अतिरिक्त आमदनी भी हो जाती है। जिला प्रशासन द्वारा एनआरएलएम के माध्यम से मछली पालन के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया है। ताकि मछली के व्यवसाय से जुड़ी महिलाएं उन्नत तकनीकी से मछली का व्यापार कर सके।
समूह महिलाओं ने बताया कि इस सीजन में स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने छिंदबहरी तालाब से 1 क्विंटल 60 किलो मछली अब तक निकाल चुकी है। समूह द्वारा 150 रुपए प्रति किलो थोक की दर से मछली का विक्रय किया गया और लगभग 25 हजार की आमदनी इस कमा ली। मछली व्यवसाय से जुड़ी महिलाएं खुश है। और अपने परिवार को भी आर्थिक मदद कर रही है। महिलाओं ने खुशी जाहिर करते हुए जिला प्रशासन को धन्यवाद देते हुए कहा कि मछली पालन आय का उत्तम साधन हैै। आज समूह की महिलाएं मछली पालन से स्वावलंबी बन गई है।