मनरेगा के कार्यों में लापरवाही बरतने पर जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार लंगेह के आदेश पर मैनपाट और लखनपुर दो जनपद पंचायत सीईओ का आगामी आदेश तक रोका गया वेतन

मनरेगा के कार्यों में लापरवाही बरतने पर जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार लंगेह के आदेश पर मैनपाट और लखनपुर दो जनपद पंचायत सीईओ का आगामी आदेश तक रोका गया वेतन

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

सरगुजा कलेक्टर संजीव कुमार झा एवं जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार लंगेह लगातार तपती गर्मियों के समय से हर विकासखंड का दौरा कर रहे है कलेक्टर एवं सीईओ कभी भी किसी भी जनपद में पहुंचकर वहां पर चल रहे विकास कार्यों का जायजा लेते हैं, साथ ही संतुष्टि पूर्ण कार्य ना होने के कारण लोगों को तत्काल कारण बताओ नोटिस भी जारी कर देते हैं। इस औचक निरीक्षण से जिले के सभी आला अधिकारी अलर्ट हैं क्योंकी कलेक्टर और सीईओ की यह टीम कभी भी किसी भी जनपद में पहुंच जाती है और वहां पर चल रहे विकास कार्यों का जायजा लेती है। साथ ही उनके कार्यों से संतुष्ट ना होने के कारण तत्काल कार्यवाही भी की जाती है। ऐसा ही एक मामला देखने को मिला जब एक ही दिन में दो जनपद पंचायत सीईओ मैनपाट और लखनपुर को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत कार्यों की समीक्षा के दौरान शासकीय दायित्व में उदासीनता बरतने के कारण आगामी आदेश पर्यंत तक वेतन रोक देने का आदेश जारी कर दिया गया हैं

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

दरअसल महात्मागांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनान्तर्गत निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान जनपद पंचायत लखनपुर और मैनपाट की प्रगति संतोषप्रद नहीं होने के कारण अजय सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत लखनपुर और जय गोविन्द गुप्ता, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत मैनपाट को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण चाहा गया था किन्तु उनके द्वारा आज दिनांक तक अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया और न ही योजनान्तर्गत कार्यों में समुचित प्रगति लायी गयी है। जिस वजह से अजय सिंह मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत लखनपुर एवं जय गोविन्द गुप्ता, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत मैनपाट को शासकीय दायित्वों के समुचित निर्वहन में उदासीनता बरतने एवं वरिष्ठ कार्यालय के आदेशों की अवहेलना किए जाने के कारण इनका वेतन आगामी आदेश पर्यन्त तक रोका जाता है।