पुरूष नसबंदी पखवाड़ा में उत्कृष्ट कार्यों के लिए छत्तीसगढ़ को मिला 3 पुरस्कार

रायपुर: पुरूष नसबंदी पखवाड़ा में उत्कृष्ट कार्यों के लिए छत्तीसगढ़ को मिला 3 पुरस्कार

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पखवाड़ा के दौरान पुरुष नसबंदी में छत्तीसगढ़ पिछले 3 वर्षों से देश में प्रथम स्थान पर

सर्वाधिक नसबंदी के लिए डॉ. संजय नवल को तथा नसबंदी के लिए कई दंपत्तियों को प्रेरित करने वाली मितानिन श्रीमती केवरा वर्मा को भी मिला पुरस्कार

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने आज नई दिल्ली में दिए पुरस्कार

रायपुर. 27 जुलाई 2022

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने आज नई दिल्ली में दिए पुरस्कार

छत्तीसगढ़ को पुरूष नसबंदी पखवाड़ा में उत्कृष्ट कार्यों के लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने तीन पुरस्कारों से नवाजा है। पुरुष नसबंदी पखवाड़ा के दौरान पिछले तीन वर्षों 2019 से 2021 के बीच नसबंदी में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार ने आज नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश को इस उपलब्धि के लिए पुरस्कृत किया। परिवार नियोजन कार्यक्रम के उप संचालक डॉ. टी.के. टोंडर एवं कंसल्टेंट डॉ. रोशन गुप्ता ने छत्तीसगढ़ की ओर से यह पुरस्कार ग्रहण किया।

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पुरुष नसबंदी के लिए प्रदेश को दो और श्रेणियों में पुरस्कार प्राप्त हुआ है। सर्वाधिक पुरुष नसबंदी के लिए डॉ. संजय नवल को राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय पुरस्कार मिला है। पुरुष नसबंदी के लिए दम्पत्ति मोटिवेशन (प्रेरक) की श्रेणी में रायपुर जिले के तिल्दा की मितानिन श्रीमती केवरा वर्मा को पुरस्कृत किया गया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने प्रदेश की इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य विभाग एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की टीम को बधाई दी है।

परिवार नियोजन कार्यक्रम के उप संचालक डॉ. टी.के. टोंडर ने बताया की पुरूष नसबंदी पखवाड़ा के दौरान पिछले तीन वर्षो में प्रदेश में 3212 पुरुषों की नसबंदी की गई है। पुरूष नसबंदी पखवाड़ा के दौरान वर्ष 2019-20 में 1695, वर्ष 2020-21 में 168 और वर्ष 2021-22 में 1349 पुरूषों ने नसबंदी कराई है। उन्होंने बताया कि नसबंदी पखवाड़ा के दौरान ग्राम स्तर से लेकर जिला स्तर तक विशेष अभियान चलाकर लोगों में पुरूष नसबंदी के प्रति फैली भ्रांतियों व मिथकों को दूर किया जाता है। ग्राम स्तर पर “मोर मितान मोर संगवारी” चौपाल का आयोजन कर पुरूषों को नसबंदी के लिए प्रेरित किया जाता है।