बच्चों ने ड्रोन टेक्नोलॉजी को समझा और स्वयं उड़ाना भी सीखा

रायपुर : बच्चों ने ड्रोन टेक्नोलॉजी को समझा और स्वयं उड़ाना भी सीखा

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बच्चों ने ड्रोन टेक्नोलॉजी को समझा और स्वयं उड़ाना भी सीखा

छत्तीसगढ़ रीजनल साईस सेन्टर में ड्रोन पर पाँच दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन

साईस सेन्टर

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छत्तीसगढ़ रीजनल साईस सेन्टर में 29 नवम्बर से 03 दिसम्बर 2022 तक पाँच दिवसीय हैण्ड्स ऑन प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन रीजनल साईस सेन्टर के महानिदेशक डॉ. एस कर्मकार ने किया। कार्यशाला में बच्चों ने ड्रोन उड़ाने और उसकी टेक्नालॉजी सहित उनके उपयोग की जानकारी ली। बच्चों ने कहा कि ड्रोन टेक्नोलॉजी भविष्य की टेक्नोलॉजी है। हमने साईंस सेंटर की सहायता से सिर्फ परिचित ही नहीं हुए, बल्कि उसे स्वयं उड़ाकर भी देखा। साईंस सेंटर की यह कार्यशाला विज्ञान के नवीन तकनीकों को सीखने के लिए बेहतर प्लेटफार्म है। कार्यशाला का आयोजन परियोजना संचालक डॉ. शिरिष कुमार सिंह के मार्गदर्शन में हुआ।
यह आयोजन दो दिनों की थ्योरी कक्षाओं के साथ शुरू हुआ। साथ ही अगले तीन दिनों की असेम्बिलिंग और ड्रोन फ्लाईंग सेशन के साथ समाप्त हुआ। इस कार्यशाला में स्वामी आत्मानंद शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला, लालपुर एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला अमलीडीह के नवमी से बारहवीं तक के कुल 50 विद्यार्थियों ने भाग लिया। गौरतलब है कि कार्यशाला के दौरान 02 नवम्बर को कुछ समय के लिए जशपुर के पहाड़ी कोरवा बच्चे भी शामिल हुए। उन्होंने साईंस सेंटर का अवलोकन किया और ड्रोन के बारे में भी जाना।
प्रशिक्षकों ने जानकारी दी कि आगामी कुछ दिनों में छत्तीसगढ़ रीजनल साईस सेन्टर में बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट एवं एयरो मॉडलिंग पर दो और हैण्ड्स ऑन कार्यशाला का भी आयोजन किया जाएगा। कार्यशाला में आए छात्रों तथा उनके शिक्षक एवं अभिभावकों ने पूर्व में रीजनल साईस सेंटर में आयोजित 10 दिवसीय रोबोटिक्स कार्यशाला की सराहना की। इस कार्यशाला के दौरान अन्य अधिकारियों में इंजीनियर अमित मेश्राम (वैज्ञानिक-डी) श्रीमती प्रज्ञा कदम (वैज्ञानिक अधिकारी) श्री प्रदीप कुरे (क्यूरेटर) श्री राजेश कुमार परमार (वित्त अधिकारी) सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।