दंतेवाड़ा : एक मदर्स डे ऐसा भी :  दंतेवाड़ा में गौमाता के साथ मनाया गया मदर्स डे

दंतेवाड़ा,09 मई 2021 मां के सम्मान में हर साल मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाता है। मां और बच्चे का रिश्ता इस दुनिया में सबसे खूबसूरत और अनमोल है। पहली नजर का प्यार क्या होता है, ये सवाल कोई उस महिला से पूछे जिसके सामने पहली बार उसका नवजात शिशु आया हो। बच्चा दर्द में होता है, तकलीफ मां को होती है, वो मुस्कुराता है तो खुश मां होती है। मां के प्यार, त्याग, समर्पण को शब्दों में बताना आसान नहीं है। वैसे तो हर दिन ही बच्चों को पैरेंट्स के लिए खास बनाना चाहिए, लेकिन आज का दिन पूरी तरह मां को समर्पित है। ये दिन है मदर्स डे का जो इस साल 9 मई, रविवार को मनाया गया।

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

जहां एक ओर सभी अपनी मां को इस दिन पर स्पेशल फील करवाने के लिए कई प्रयत्न करते हैं। कोरोना गाइड लाइन की वजह से इस बार भव्य आयोजन तो नहीं हुए परंतु अपने घरों में सभी लोगों ने जरूर मदर्स डे सेलिब्रेट किया। वहीं दूसरी ओर कोरोना संक्रमण के बीच दंतेवाड़ा में एक अनोखा मदर्स डे सेलिब्रेशन देखने को मिला, यहां गौमाता के साथ मदर्स डे मनाया गया। पशुधन विकास विभाग के द्वारा गौमाता के सम्मान में मदर्स डे का आयोजन किया गया, पशु धन विकास विभाग द्वारा संचालित मां दंतेश्वरी गौ संवर्धन केंद्र में सभी गाय एवं बछड़ों को नहला धुला कर रंग बिरंगे सोहई बांधे गए, उनकी आरती और पूजा की गई और पुड़ी, केला व चारा खिलाया गया, वहां बछड़ों को अपनी मां का दूध पीने का मनोरम दृश्य भी देखने को मिला।

हमारे देश में पौराणिक काल से गाय को मां को दर्जा दिया गया है, गाय से जुड़ी सभी चीजों को दैवीय माना जाता है, गाय का घी, गाय का दूध, गौमूत्र और यहां तक कि गाय के गोबर का प्रयोग भी पूजापाठ में किया जाता है। छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने भी 20 जुलाई 2020 को गोधन न्याय योजना जैसी अनोखी योजना का शुभारम्भ किया है। जिससे यह पता चलता है कि छत्तीसगढ़ राज्य में गौ माता का कितना महत्व है। गोधन न्याय योजना से कितने ही गोपालको,किसानों, ग्रामीणों को फायदा पहुंचा है। लोगों को गोबर एवं  वर्मी कम्पोस्ट खाद बेचकर जहां एक ओर लाभ हुआ है वहीं दूसरी ओर गौ माता के पालन एवं सम्मान में भी वृद्धि हुई है।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

पशु धन विकास विभाग के उप संचालक श्री अजमेर कुशवाहा ने बताया कि कलेक्टर श्री दीपक सोनी ने निर्देश में पहले जिले के गोठानों में कार्यक्रम का आयोजन होने वाला था परन्तु कोविड 19 के संक्रमण को देखते हुए केंद्र के स्टॉफ के साथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हम केंद्र से यहां के गौ से उत्पादित ए टू मिल्क, दही, पनीर, घी आदि का बड़ी मात्रा में विक्रय करते हैं। साथ ही कोरोना संकट में भी उनके दूध निर्मित गोल्डन मिल्क को पीने से इम्युनिटी बढ़ाने में मदद मिल रही है।इसलिए उनका आभार मानते हुए गौ माता के सम्मान में मदर्स डे का आयोजन किया गया।

मातृ दिवस की शुरुआत को लेकर कई किस्से प्रचलित हैं। माना जाता है कि एना जार्विस नामक एक अमेरिकी महिला ने मदर्स डे मनाने की शुरुआत की थी। कहा जाता है कि एना अपनी मां से बहुत प्यार करती थी और उनसे बहुत प्रेरित थी। ऐना अविवाहित थीं और अपनी मां के निधन के बाद उनके प्रति सम्मान दिखाने के लिए इस खास दिन की शुरुआत की। एक अन्य किस्से के मुताबिक मदर्स डे सेलिब्रेट करने की शुरुआत ग्रीस से हुई है। ग्रीस के लोग अपनी माताओं के प्रति विशेष सम्मान रखते थे। इस सम्मान को दर्शाने के लिए वे इस दिन उनकी पूजा करते थे। मान्यताओं के अनुसार स्यबेले ग्रीक देवताओं की मां थीं। और ग्रीस के लोग आज ही के दिन स्यबेले की पूजा किया करते थे। मई के दूसरे रविवार को मनाने का कारणरू ऐसा माना जाता है कि साल 1914 में अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक कानून पास किया था जिसके मुताबिक मई के महीने की दूसरी रविवार को मातृ दिवस मनाया जाएगा। तब से भारत समेत दुनिया के कई देशों में इसे मनाया जाने लगा