स्कूली बच्चों के पाठ्यक्रम में ट्रैफिक नियमों को किया जाएगा शामिल

जगदलपुर। स्कूली बच्चों को सड़क यातायात के नियमों की शिक्षा देने के लिए एससीईआरटी की कमेटी ने कक्षा 1 से 10 वीं तक की किताबों का पाठ्यक्रम बनाकर राज्य सरकार को इसे पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए भेजा है। दरअसल राज्य पुलिस ने एससीईआरटी को ट्रैफिक नियमों को पाठ्यक्रम में शामिल करने प्रस्ताव दिया था। जिसके बाद कमेटी बनाई गई, जिन्होंने प्राइमरी, मिडिल और हाईस्कूल के आधार पर पाठ्यक्रम तैयार किया है। वर्तमान में भी कुछ कक्षाओं में सड़क सुरक्षा के लिए पाठ्यक्रम हैं, लेकिन वह क्रमबद्ध नहीं हैं।
बढ़ते सड़क हादसों को देखकर राज्य पुलिस ने जागरूकता के उद्देश्य से स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य गठन के बाद अब तक की सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं व मौतें वर्ष 2021 में हुई हैं। इस वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में 5,371 मौतें दर्ज की गईं। पहली – दूसरी के बच्चों को चित्र के माध्यम से बताया जाएगा कि यात्रा करते समय यदि रोड पर कोई रेड सिग्नल मिलता है तो इसका अर्थ है कि वहां पर रुकना है। ग्रीन सिग्नल का अर्थ है कि अब आगे बढऩा है। तीसरी, चौथी पांचवीं की किताबों में सड़क सुरक्षा के लिए जो नियम बनाए गए हैं उनको कहानियों और कविताओं के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। मिडिल और हाईस्कूल में सड़क सुरक्षा के पाठ और उससे आधरित प्रश्न भी होंगे। किताबों में यातायात नियमों और एक्ट की भी जानकारी रहेगी।यातायात प्रभारी शिवशंकर गेंदले ने कहा कि पुलिस द्वारा विभिन्न स्कूलों में जाकर बच्चों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी दी जाती है। यातायात सप्ताह के दौरान पुलिस के जवानों के द्वारा क्लास ली जाती है। छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग द्वारा ट्रैफिक नियमों को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाता है, तो यह बहुत अच्छा है।

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