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राज्यपाल मंगुभाई पटेल बोले-पावर का सदुपयोग ग्राम के विकास के लिए हो

आदिवासियों के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन होगा, आजीविका से जुड़कर महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर
सिवनी. ग्राम सभा ने आपको क्या क्या जिम्मेदारी दी है, क्या-क्या सुरक्षा दी है, यह बताया गया है। कई ऐसी बात है, सुरक्षा समिति में भी बताया गया है, कितना पावर ग्राम सभा के पास है। पावर का सदुपयोग हो। ग्राम के विकास के लिए हो यह बहुत जरूरी है। इससे के उद्गार राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गुरुवार को जिले के आदिवासी बाहुल्य धनोरा विकासखंड के साजपानी गांव में आयोजित पेसा कानून की ग्राम सभा व कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। भाषण की शुरुआत राज्यपाल ने भारत माता के जय कारी के साथ की।

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राजपाल मंगुभाई पटेल ने आम के पेड़ का उदाहरण देते हुए कहा कि, आम के पेड़ पर जब फल आते हैं तो उसकी डाली झुक जाती है। जिम्मेदारी आई है, वहन करना है। इस तरह सब लोगों को साथ लेकर ग्रामसभा के माध्यम से सरकारी योजनाओं को अच्छी तरह से पालन हो ऐसे प्रयास होने चाहिए। मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल कहा कि पेसा एक्ट से आदिवासियों के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन होगा। इसका भलीभांति क्रियान्वयन करें। इस एक्ट के माध्यम से आदिवासियों के विकास और कल्याण से जुड़े सभी महत्वपूर्ण निर्णय गांव में ही ग्राम सभा के माध्यम से लिए जाएंगे। राज्यपाल ने महिलाओं के स्व सहायता समूह (सेल्फ आफ ग्रुप) पर चर्चा करते हुए कहा कि गुजरात में बतौर मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ मंत्रिमंडल में 14 सालों तक किए गए कामों की चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने प्रारंभ से ही बेटी बचाओ अभियान चलाकर लोगों में जनजागृति लाई। जिससे बढ़ती बेटे बेटियों में बढ़ती असमानता को खत्म किया गया। बेटी बचाओ के बाद बेटी पढ़ाओ अभियान से बेटियों को आगे आने का मौका मिला।
राज्यपाल ने कहा कि आजीविका से जुड़कर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। समूह के छोटे-छोटे कामों से भी महिलाएं आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने कहां की आदिवासियों पर सिकल सेल एनीमिया का प्रकोप है। जितने भी मरीज सिकल सेल एनीमिया के जांच में सामने आते हैं उसमें आदिवासियों की संख्या 95 प्रतिशत है। इस रोग से बचाव तथा इसके उपचार के लिए व्यापक जन जागरूकता अभियान केंद्र व राज्य सरकार द्वारा चलाया जा रहा है। ग्राम सभाओं तथा महिला स्वसहायता समूहों के माध्यम से भी आदिवासी भाइयों को सिकल सेल के संबंध में जागरूक करें।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया के उपचार को लेकर मेरे द्वारा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से आग्रह किया गया था, जिस पर उन्होंने गंभीरता दिखाते हुए बजट में इसके इसकी जांच व उपचार की व्यवस्था के लिए प्रावधान किया। 2047 तक भारत को सिकल सेल एनीमिया मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए मैंने दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार भी व्यक्त किया।

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