Advertisement

भरोसे का बजट : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ विधानसभा में वर्ष 2022-23 का पुनरीक्षित एवं 2023-24 का बजट अनुमान

रायपुर: भरोसे का बजट : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ विधानसभा में वर्ष 2022-23 का पुनरीक्षित एवं 2023-24 का बजट अनुमान
रायपुर, 06 मार्च 2023

• मुख्यमंत्री बघेल ने वर्ष 2022-23 का पुनरीक्षित एवं 2023-24 का बजट अनुमान सदन के समक्ष प्रस्तुत किया।

• वर्ष 2022-23 में कुल प्राप्ति के बजट अनुमान 01 लाख 04 हजार करोड़ की तुलना में पुनरीक्षित अनुमान 01 लाख 12 हजार 708 करोड़ है। इस प्रकार बजट अनुमान की तुलना में पुनरीक्षित अनुमान में 08 प्रतिशत की वृद्धि अनुमानित है।

• पुनरीक्षित प्राप्तियों में वृद्धि को देखते हुए कुल व्यय का बजट अनुमान 01 लाख 04 हजार करोड़ से बढ़ा करके पुनरीक्षित अनुमान 01 लाख 12 हजार 708 करोड़ प्रस्तावित है।

• वर्ष 2023-24 में 01 लाख 21 हजार 500 करोड़ की कुल प्राप्ति का बजट अनुमान है, जो गत वर्ष की अनुमानित बजट प्राप्तियों से 17 प्रतिशत अधिक है। कुल प्राप्तियों में राज्य की राजस्व प्राप्तियां 56 हजार 200 करोड़, केन्द्र से प्राप्तिया 49 हजार 800 करोड एवं पंूजीगत प्राप्तियां 15 हजार 500 करोड़ अनुमानित है।

• वर्ष 2023-24 के लिए विनियोग का आकार 01 लाख 32 हजार 370 करोड़ का है। सकल व्यय से ऋणों की अदायगी एवं पुनर्प्राप्तियों को घटाने पर शुद्ध व्यय 01 लाख 21 हजार 500 करोड़ अनुमानित है। राजस्व व्यय 01 लाख 02 हजार 501 करोड़ एवं पूजीगत व्यय 18 हजार 660 करोड़ है। वर्ष 2023-24 में पूंजीगत व्यय कुल व्यय का 15.36 प्रतिशत है।

• प्रदेश में अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के विकास के लिए कुल बजट की 45 प्रतिशत राशि का प्रावधान।

• वर्ष 2023-24 के बजट में सामाजिक क्षेत्र के लिये 41 प्रतिशत, आर्थिक क्षेत्र के लिये 36 प्रतिशत एवं सामान्य सेवा क्षेत्र के लिये 23 प्रतिशत का प्रावधान।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-08-06 at 13.18.43
WhatsApp Image 2026-08-06 at 13.56.51
ChatGPT Image Aug 8, 2026, 10_06_26 PM

राजकोषीय स्थिति

• राज्य के स्वयं की राजस्व प्राप्तियों को बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम सकारात्मक रहा है। इस वर्ष राज्य के स्वयं के राजस्व में 26 प्रतिशत की वृद्धि अनुमानित है।

• पूर्ववर्ती सरकार द्वारा राज्य के विकास कार्यों हेतु वर्ष 2012-13 से निरंतर बाजार ऋण लिया जा रहा था। विगत 03 वर्षों में कुशल वित्तीय प्रबंधन अपनाते हुए वर्ष 2022-23 में सरकार ने अब तक बाजार ऋण नहीं लिया है।

• वर्ष 2021-22 के वित्त लेखे के अनुसार 04 हजार 642 करोड़ का राजस्व आधिक्य रहा है। चालू वर्ष में माह जनवरी 2023 के लेखा अनुसार भी 04 हजार 471 करोड़ के राजस्व आधिक्य की स्थिति बनी हुई है।

• वर्ष 2021-22 के वित्त लेखे के अनुसार वित्तीय घाटा राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 0.17 प्रतिशत रहा है। चालू वर्ष में माह जनवरी 2023 की स्थिति में राज्य सरकार का शुद्ध ऋण (-)788 करोड़ है।

• राज्य का वास्तविक ऋण भार जनवरी 2023 की स्थिति में राज्य के सकल घरेलू उत्पाद की तुलना में 17.90 प्रतिशत है। इसी अवधि में भारत सरकार का ऋण भार सकल घरेलू उत्पाद की तुलना में 48 प्रतिशत है।

• राज्य का सकल वित्तीय घाटा 15 हजार 200 करोड अनुमानित है, जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 2.99 प्रतिशत है। इस प्रकार एफ.आर.बी.एम. एक्ट में निर्धारित 03 प्रतिशत की सीमा में है।

• राज्य की कुल राजस्व प्राप्तियां 01 लाख 06 हजार करोड़ एवं कुल राजस्व व्यय 01 लाख 02 हजार 500 करोड़ अनुमानित है। अत वर्ष 2023-24 में कुल 03 हजार 500 करोड़ का राजस्व आधिक्य (Revenue Surplus) अनुमानित है।

कर प्रस्ताव

• वर्ष 2023-24 के लिये कोई कर प्रस्ताव नहीं है।

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM