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पौने तीन करोड़ छत्तीसगढिय़ा के भरोसे का बजट – मरकाम

आम जनता की तरक्की, खुशहाली और समृद्धि का बजट
रायपुर। आज प्रस्तुत छत्तीसगढ़ बजट 2023-24 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि यह बजट अर्थव्यवस्था की मजबूती, बेहतर वित्तीय अनुशासन और कुशल प्रबंधन का बेहतरीन नमूना है। भविष्य की ठोस बुनियाद के साथ आम जनता की समृद्धि और सभी वर्गों के कल्याण तथा रोजगार मूलक विकास कार्यों के लिए सार्थक और सुदृढ़ प्रयास है। ग्रामीण क्षेत्र एवं सामाजिक सुरक्षा के साथ शिक्षित बेरोजगारों को 2500 प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान। राजीव गांधी किसान न्याय योजना में इनपुट सब्सिडी के लिए 6800 करोड़ का प्रावधान किया गया है। राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना का नगर पंचायत क्षेत्रों के लिये विस्तार। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की राशि में 43 प्रतिशत की वृद्धि (प्रतिमाह 500 की गई है)। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की राशि दुगुनी कर दी गयी है। छात्रवृत्ति की राशि 1000 से बढ़ाकर 1500 रू. प्रतिमाह और छात्रावास के विद्यार्थियों को भोजन सहायता योजना के तहत दी जानी वाली राशि 700 से बढ़ाकर 1200 रू. प्रतिमाह किया जाना प्रशंसनीय है।
उन्होंने कहा है कि पत्रकार गृह निर्माण ऋण अनुदान योजना अंतर्गत ब्याज अनुदान का प्रावधान प्रशंसनीय है। नगरीय क्षेत्रों में अधोसंरचना ?1000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। दुर्ग से नवा रायपुर के लिये लाइट मेट्रो सेवा नगरीय क्षेत्र में औद्योगिक पार्क के लिए ?50 करोड़ का प्रावधान। कोरबा में नवीन ताप विद्युत गृह 25 करोड़ का प्रावधान आगामी समय के ऊर्जा की जरूरतों पर फोकस है। आज़ के बजाट में शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष प्रावधान है। 101 नवीन स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के लिए 807 करोड़ का प्रावधान है। राज्य में 4 नवीन चिकित्सा महाविद्यालय 200 करोड़ है। डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के लिए 990 करोड़ बजट में किया गया है।

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मरकाम ने कहा है कि मानदेय को लेकर भी आज के बजट में ऐतिहासिक प्रावधान किया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ के मानदेय में वृद्धि कर 10,000 रुपए प्रतिमाह, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 7500 प्रतिमाह, आंगनबाड़ी सहायिका को 5000 प्रतिमाह। मितानीनों के लिए रू. 2200 अतिरिक्त प्रतिमाह। ग्राम कोटवारों के लिए सेवा भूमि के आधार पर रू. 3000, रू. 4500 रू. 5500, रू. 6000 प्रतिमाह। ग्राम पटेलों के लिए रू. 3000 प्रतिमाह। मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम अंतर्गत रसोईयों हेतु रू. 1800 प्रतिमाह। विद्यालयों में कार्यरत स्वच्छता कर्मियों हेतु रू. 2800 प्रतिमाह। होमगार्ड जवानों हेतु न्यूनतम रू. 6,300 से अधिकतम रू. 6,420 प्रतिमाह। स्वावलंबी गोठानों की संचालन समिति के अध्यक्ष हेतु रू. 750 एवं अशासकीय सदस्यों हेतु रू. 500 प्रतिमाह का प्रावधान है। कुल मिलाकर आज के बजट में प्रदेश के सभी वर्गों के लिए कुछ ना कुछ प्रावधान है। किसी भी तरह का कोई नया नए कर का भार जनता पर नहीं लादा गया है उसके बावजूद साढ़े तीन हज़ार करोड़ के राजस्व आधिक्य का बजट भूपेश सरकार की बड़ी उपलब्धि है।

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