Advertisement

धमतरी : बेरोजगारी भत्ता योजना और सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण की जमीनी हकीकत जानने कलेक्टर ने किया आकस्मिक निरीक्षण

धमतरी : बेरोजगारी भत्ता योजना और सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण की जमीनी हकीकत जानने कलेक्टर ने किया आकस्मिक निरीक्षण

बेरोजगारी भत्ता योजना हेतु बनाये गए सत्यापन केंद्र का कलेक्टर ने किया निरीक्षण

बेरोजगारी भत्ता हेतु दस्तावेज सत्यापन कराने पहुंचे शिक्षित बेरोजगारों से कलेक्टर ने बातचीत कर सत्यापन कार्य के संबंध में जानकारी ली

कलेक्टर रघुवंशी ने ग्राम सियादेही, कुकरेल, माकरदोना, मारदापोटी और केरेगांव में सर्वेक्षण कार्य का लिया जायजा

file_0000000093d882119d122d54d9d757b5
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40 (4)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (3)
sjjj
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)

कलेक्टर ऋतुराज रघुवंशी ने आज राज्य शासन की महत्वपूर्ण योजना बेरोजगारी भत्ता और सामाजिक, आर्थिक सर्वेक्षण कार्य के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत जानने सियादेही, कुकरेल, माकरदोना, मारदापोटी और केरेगांव पहुँचे। कलेक्टर रघुवंशी सर्वप्रथम नगरी विकासखण्ड के ग्राम सियादेही पहुँचकर सर्वे हुए हितग्राहियो के घर प्रगणकों द्वारा भरे फार्म का मुआयना क़िया। उन्होंने हितग्राहियों के घर पहुंचे और प्रगणकों से सर्वे वाले एप में एंट्री करवा कर सर्वे कार्य को भी देखा। कलेक्टर ने फॉर्म में भरी जाने वाली जरूरी जानकारी और दस्तावेजों का भी अवलोकन किया। बेरोजगारी भत्ता योजना हेतु बनाये गए सत्यापन केंद्र का कलेक्टर ने निरीक्षण किया।
कलेक्टर ऋतुराज रघुवंशी आज अपने निरीक्षण के दौरान नगरी विकासखण्ड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कुकरेल में सत्यापन कार्य का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने दस्तावेजों का सत्यापन कराने पहुंचे शिक्षित बेरोजगारों से बातचीत कर सत्यापन कार्य के संबंध में जानकारी भी ली। इसके अलावा उन्होंने सत्यापन कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारियों से बातचीत की एवं उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने आवेदकों द्वारा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने की स्थिति में उन्हें अपील के लिए अवसर भी प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने सत्यापन कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारियों को आवेदन अपात्र होने की स्थिति में आवेदकों को उसका स्पष्ट कारण भी बताने कहा। बेरोजगारी भत्ता योजना के क्रियान्वयन हेतु जिले में कुल 50 क्लस्टर स्थापित किए गए हैं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों में 31 और नगरीय निकायों में 19 क्लस्टर सम्मिलित हैं। इसके लिए राज्य शासन द्वारा पोर्टल तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से पात्र युवक-युवतियों के द्वारा ऑनलाइन आवेदन किया जा रहा है। बेरोजगारी भत्ता योजनान्तर्गत प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों की हार्ड कॉपी निर्धारित क्लस्टरों में जमा की जाएगी, जिनका सत्यापन संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा किया जाएगा। इसके लिए जनपद पंचायत धमतरी में 10, नगरी में 09, जनपद पंचायत कुरूद व मगरलोड में 6-6 और नगर निगम धमतरी में 5, नगर पंचायत कुरूद, आमदी, भखारा व नगरी में 3-3 और नगर पंचायत मगरलोड में 2 क्लस्टर बनाए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि 01 अप्रैल से शिक्षित बेरोजगारों को भत्ता देने की योजना के तहत आयु सीमा 18 से 35 वर्ष, परिवार की वार्षिक आय की सीमा ढाई लाख रूपए और 01 अप्रैल को 2 वर्ष पुराना रोजगार पंजीयन होना अनिवार्य है। आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों में छत्तीसगढ़ का मूल निवासी प्रमाण पत्र, जन्मतिथि के लिए 10 वीं की अंकसूची, शैक्षणिक योग्यता के लिए 12 वीं उत्तीर्ण का प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, रोजगार पंजीयन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो एवं आय का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। आवेदन के लिए कोई अंतिम तिथि नहीं है। योजना का लाभ लेने के लिए पात्र बेरोजगार युवक-युवती सीधे राज्य शासन की वेबसाइट http://berojgaribhatta.cg.nic.in पर घर बैठे आवेदन कर सकते हैं।
कलेक्टर ने नवसर्वेक्षित गांव कारीपानी पहुंचकर देखा राजस्व सर्वे का काम
कलेक्टर ऋतुराज रघुवंशी ने आज अपने सघन दौरा कार्यक्रम के दौरान नवसर्वेक्षित गांव कारीपानी पहुंचकर राजस्व सर्वे का काम देखा। कारीपानी गांव का राजस्व सर्वे पूर्ण हो चुका है, जिसका अंतिम प्रकाशन फरवरी माह में किया गया। कलेक्टर ने इस गांव का जल्द ही राजस्व रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए।
ज्ञात हो कि नगरी तहसील के कारीपानी गांव का राजस्व सर्वे कर मॉडल ग्राम के रूप में चिन्हांकित कर भुईंया सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा। जिले के 87 वन से घोषित राजस्व ग्रामों में से 31 ग्रामों का राजस्व अभिलेख तैयार किया जा रहा है। इसके बाद भुईंया सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा। वर्तमान में इन ग्रामों का नक्शा तैयार किया जा चुका है। नक्शा के आधार पर ही खसरा तैयार किया जा रहा है। निस्तार पत्रक, अधिकार अभिलेख, खसरा पांचसाला तैयार किया जाएगा। राजस्व सर्वे होने से उन ग्रामों के किसानों को उनके द्वारा धारित भूमि की प्रतिलिपि ऑनलाइन मिल सकेगी, जो कि अपने मोबाईल से जानकारी ले सकेंगे। अभिलेख शुद्धता कराया जा सकेगा और बैंक लोन, धान विक्रय, नामातरण (फौती) आदि के लिए उक्त प्रतिलिपि का उपयोग किया जा सकेगा। प्रतिलिपि उपलब्ध कराने किसी तहसील/पटवारी कार्यालय में जाने की जरूरत नहीं होगी। लोकसेवा केन्द्र से प्रतिलिपि निकाली जा सकेगी। साथ ही धारित भूमि का सीमांकन, त्रुटि सुधार कार्य भी कराया जा सकेगा।

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.16.05