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झीरम घाटी नक्सली हमले मामले में आज यानी 5 सितंबर को जगदलपुर स्थित NIA कोर्ट ने सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया

झीरम घाटी नक्सली हमले मामले में आज यानी 5 सितंबर को जगदलपुर स्थित NIA कोर्ट ने सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया है। इस केस में 11 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई चली थी। एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है, जबकि बाकी 10 आरोपियों पर आज फैसला आया। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में 101 गवाहों के बयान और दस्तावेज पेश किए थे।

दरअसल, 10 अगस्त को मामले में अंतिम बहस हुई थी। इसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। अभियोजन पक्ष ने सबूतों के आधार पर आरोप साबित होने की दलील दी थी, जबकि बचाव पक्ष ने आरोपों को चुनौती दी थी।

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने NIA की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा था कि मामले की जांच सही तरीके से नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया था कि NIA ने दरभा थाने में दर्ज FIR में नामजद लोगों से पूछताछ नहीं की और कोर्ट के निर्देश के बावजूद गुडसा उसेंडी का बयान नहीं लिया गया।

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NIA के रिकॉर्ड के मुताबिक 25 मई 2013 को झीरम घाटी में हुए नक्सली हमले में दिग्गज कांग्रेस नेताओं समेत 27 लोगों की जान गई थी। इसमें 10 पुलिसकर्मी शामिल थे। हमले में 38 लोग घायल हुए थे। वहीं 10 आरोपियों की पैरवी कर रहे वकील अरविंद चौधरी ने कहा कि वे फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे।

झीरम हमला राजनीतिक षड्यंत्र और सुपारी किलिंग थी- बैज

इस फैसले पर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि बस्तर जानता है कि कांग्रेस नेताओं और जवानों की हत्या राजनीतिक षड्यंत्र और सुपारी किलिंग थी। सत्ता हासिल करने के लिए हत्याएं कराई गई थीं। जिन 10 लोगों को आरोपी बनाया गया, वे बड़े नक्सली नहीं थे। हमले की प्लानिंग करने वाले बड़े नक्सली लीडरों पर कार्रवाई नहीं हुई।

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