दुर्ग में कांग्रेस के 3 दिवसीय संगठन सृजन प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत शनिवार को हुई, लेकिन दिनभर चर्चा संगठन की ट्रेनिंग से ज्यादा कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर रही। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव से जब भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव के बीच गुटबाजी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया।
सिंहदेव ने कहा कि, परिवार में दो लोगों की राय अलग हो सकती है। इसे गुटबाजी नहीं कहा जा सकता। कांग्रेस की तरफ उंगली उठाने वाले भाजपा के नेताओं को पहले अपने वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल के पत्रों का जवाब देना चाहिए। बृजमोहन अग्रवाल जैसे वरिष्ठ नेता को आखिर मुख्यमंत्री को एक के बाद एक पत्र क्यों लिखने पड़ रहे हैं ? उन्हें अपनी बात सार्वजनिक क्यों करनी पड़ रही है।
भूपेश वरिष्ठ नेता, देवेंद्र जवान नेता, दोनों पड़ोसी विधायक
सिंहदेव से सीधे पूछा गया कि, क्या कांग्रेस में भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव के दो गुट हैं, तो उन्होंने कहा कि दोनों अलग-अलग उम्र और अनुभव के नेता हैं। भूपेश बघेल वरिष्ठ नेता हैं, जबकि देवेंद्र यादव युवा नेता हैं। दोनों पड़ोसी विधायक भी हैं। जब उनसे पूछा गया कि उनका समर्थन किसके साथ है, तो सिंहदेव का जवाब सीधा था मेरा समर्थन कांग्रेस को है।
गुटबाजी पर सिंहदेव ने परिवार का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि, समाज की सबसे छोटी इकाई परिवार होती है। परिवार में भाई-भाई, पिता-पुत्र के बीच भी अलग राय हो सकती है। इसी तरह हर राजनीतिक दल में विचारों का अंतर होना सामान्य बात है। उनके मुताबिक पार्टी को नुकसान न हो, इसके लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए।
भाजपा ने सीनियर नेताओं को दरकिनार किया
सिंहदेव ने गुटबाजी के सवाल का जवाब देते हुए अचानक भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि, बृजमोहन अग्रवाल मुख्यमंत्री को कितने पत्र लिख चुके हैं, इसका जवाब भाजपा को देना चाहिए।
सिंहदेव ने कहा कि, जब कोई वरिष्ठ नेता अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए बार-बार पत्र लिखता है और बाद में उन्हें सार्वजनिक भी करता है, तो इस पर भी सवाल उठना चाहिए। उनके इस बयान को कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति पर भाजपा के हमले का सीधा जवाब माना जा रहा है।
संगठन सृजन में 307 ब्लॉक अध्यक्षों की ट्रेनिंग
दुर्ग में 5 से 7 सितंबर तक चलने वाले 3 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में ब्लॉक अध्यक्षों और मास्टर ट्रेनर्स को संगठन चलाने, बूथ स्तर पर काम करने, सोशल मीडिया के इस्तेमाल और पार्टी की नीतियों को लोगों तक पहुंचाने की जानकारी दी जा रही है। यह अभियान सिर्फ दुर्ग तक सीमित नहीं है।
कांग्रेस ने राज्य के 307 ब्लॉक अध्यक्षों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण देने की योजना बनाई है। इससे पहले बस्तर संभाग में इसकी शुरुआत हो चुकी है। इसके बाद अलग-अलग संभागों में शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। कांग्रेस का दावा है कि इसका मकसद चुनाव के समय अचानक सक्रिय होने के बजाय अभी से ब्लॉक से लेकर बूथ तक संगठन को मजबूत करना है।













