मैनपाट में यादव समाज द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का भव्य आयोजन: जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंजा छत्तीसगढ़ का शिमला
- छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मैनपाट में सर्व यादव समाज द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व अत्यधिक उत्साह व भव्यता से मनाया गया।
- पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवाओं और समाज के लोगों ने निकाली भव्य शोभायात्रा व बाइक रैली।
- दही-हांडी (मटकी फोड़) प्रतियोगिता बनी मुख्य आकर्षण का केंद्र, विजेता टोलियों को पुरस्कृत किया गया।
- सांस्कृतिक संध्या में अहीर नृत्य और श्रीकृष्ण भजनों की प्रस्तुति से भक्तिमय हुआ संपूर्ण मैनपाट क्षेत्र।
- यादव समाज के वरिष्ठजनों ने एकजुटता, सामाजिक समरसता और गोपालन का दिया संदेश।
मैनपाट (सरगुजा): ‘छत्तीसगढ़ के शिमला’ के नाम से विख्यात मैनपाट में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का महापर्व सर्व यादव समाज के तत्वावधान में अत्यंत हर्षोल्लास, भक्तिभाव और भव्य रूप से मनाया गया। भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य उत्सव को लेकर पूरे मैनपाट क्षेत्र में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया। यादव समाज के बैनर तले आयोजित इस भव्य समारोह में क्षेत्रभर से हजारों की संख्या में समाजजन और श्रद्धालु शामिल हुए।
भव्य शोभायात्रा और बाइक रैली से भक्तिमय हुआ वातावरण
जन्माष्टमी महोत्सव की शुरुआत विशाल शोभायात्रा और बाइक रैली से हुई। पारंपरिक परिधानों में सजे यादव समाज के युवाओं ने हाथ में ध्वज लेकर भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए। शोभायात्रा मुख्य मार्गों से होती हुई कार्यक्रम स्थल तक पहुंची, जहां जगह-जगह स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों द्वारा पुष्पवर्षा कर रैली का आत्मीय स्वागत किया गया। इस दौरान ‘जय कन्हैया लाल की, हाथी घोड़ा पालकी’ और ‘जय श्री कृष्णा’ के जयघोष से संपूर्ण मैनपाट अंचल गूंज उठा।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और अहीर नृत्य की छटा
महोत्सव के दौरान आयोजित सांस्कृतिक संध्या में पारंपरिक अहीर नृत्य (रौत नाचा) की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। मोरपंख और पारंपरिक पोशाक धारण किए नर्तकों ने लाठी चालन और दोहों के माध्यम से समां बांध दिया। इसके साथ ही स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत राधा-कृष्ण रासलीला और भक्ति भजनों पर उपस्थित श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे।
सामाजिक एकजुटता और गोपालन का संकल्प
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सर्व यादव समाज मैनपाट के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन, साहस, संगठन शक्ति और कर्मयोग के संदेश पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने संपूर्ण मानव जाति को धर्म, सत्य और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का मार्ग दिखाया है। समाज प्रमुखों ने गोवंश संरक्षण, दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और समाज में शिक्षा व संस्कार के प्रसार का संकल्प लिया।
— मनोज यादव, रिपोर्टर (मैनपाट, सरगुजा)














