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राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026: पीएम मोदी ने 82 विजेताओं से की बात; स्क्रीन टाइम, ड्रग्स और NEP पर दिया संदेश | Pradesh Khabar






राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026: पीएम मोदी ने 82 उत्कृष्ट शिक्षकों से किया संवाद


राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं से मिले पीएम मोदी: बच्चों में स्क्रीन टाइम घटाने, नशे की लत से बचाने और व्यावहारिक शिक्षा पर दिया जोर

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के 82 विजेताओं से संवाद किया।
  • पुरस्कार विजेताओं में स्कूल शिक्षा से 48, उच्च शिक्षा से 21 और कौशल विकास मंत्रालय से 13 शिक्षक/प्रशिक्षक शामिल।
  • शिक्षकों को छात्रों में बढ़ते नशे (ड्रग्स) के प्रति सतर्क रहने और उन्हें इस आदत से उबारने में मदद करने का आह्वान।
  • खेलकूद व रचनात्मक गतिविधियों के जरिए बच्चों की अत्यधिक स्क्रीन टाइम व मोबाइल लत दूर करने की सलाह।
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत कक्षा से बाहर वास्तविक कौशल और श्रम के सम्मान जैसे नैतिक मूल्य सिखाने पर बल।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के विजेताओं के साथ एक विशेष और आत्मीय संवाद आयोजित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने देश भर से चुने गए उत्कृष्ट शिक्षकों और शिक्षाविदों द्वारा शिक्षण के क्षेत्र में किए गए नवाचारों की सराहना की और आधुनिक समय में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।

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तीन विभागों से चुने गए 82 उत्कृष्ट शिक्षक

इस वर्ष तीन अलग-अलग विभागों से कुल 82 शिक्षकों एवं शिक्षाविदों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चुना गया है। इनमें स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग से 48 शिक्षक, उच्च शिक्षण संस्थानों व पॉलिटेक्निक से 21 संकाय सदस्य और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के 13 कौशल प्रशिक्षक शामिल हैं। संवाद के दौरान पुरस्कार विजेताओं ने अपने अनुभवों और उन नवीन प्रयोगों को साझा किया, जिनसे उन्होंने कक्षा में पढ़ाई को अधिक रोचक और प्रभावी बनाया है।

नशे के खतरे के प्रति सतर्कता का संदेश: प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि आज के दौर में संयुक्त परिवारों के कम होने के कारण बच्चों के जीवन में शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे केवल अकादमिक प्रदर्शन तक सीमित न रहें, बल्कि बच्चों के व्यवहार पर भी नजर रखें। यदि कोई बच्चा नशे की लत में फंस रहा है, तो उसके कारणों की पहचान कर उसे समय रहते इस दलदल से बाहर निकालें।

स्क्रीन टाइम की चुनौती और खेलकूद का महत्व

बच्चों में देर रात तक मोबाइल के इस्तेमाल और अत्यधिक स्क्रीन टाइम पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षकों को अभिभावकों से इस विषय पर संवाद करना चाहिए। बच्चों को स्क्रीन की लत से दूर करने के लिए उन्हें खेलकूद, मैदानी गतिविधियों और रचनात्मक कार्यों से जोड़ना सबसे प्रभावी उपाय है।

बाल सुलभ जिज्ञासा का संवर्धन और राष्ट्रीय शिक्षा नीति

प्रधानमंत्री ने कहा कि बच्चों के भीतर की मासूमियत और उनकी स्वाभाविक जिज्ञासा को बनाए रखना शिक्षक का मुख्य दायित्व है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) का उल्लेख करते हुए उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को केवल किताबी पाठ्यक्रम तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें बाहरी दुनिया के वास्तविक कौशलों से जोड़ें और उनमें श्रम के प्रति सम्मान (Dignity of Labour) जैसे जीवन मूल्यों का संचार करें।

“बच्चों की स्वाभाविक जिज्ञासा को यदि सही दिशा दी जाए, तो उनके विकास में अभूतपूर्व योगदान दिया जा सकता है। शिक्षकों को बच्चों के व्यवहार का साथी बनकर उन्हें नशे की लत और डिजिटल स्क्रीन की अति से बचाना होगा।”
— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री


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