आज का पंचांग: भाद्रपद कृष्ण सप्तमी, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल एवं चौघड़िया मुहूर्त की संपूर्ण जानकारी
रायपुर: सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य, धार्मिक अनुष्ठान, नए व्यवसाय की शुरुआत अथवा मांगलिक कार्यों के संपादन हेतु दैनिक पंचांग का अवलोकन अत्यंत आवश्यक माना गया है। पंचांग के मुख्य 5 अंग—तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण होते हैं। इन्हीं तत्वों के सटीक तालमेल से दिन के शुभ और अशुभ काल का निर्धारण होता है।
1. आज की तिथि एवं पंचांगीय गणना
सूर्योदयकालीन गणना के अनुसार आज की तिथि, संवत और सूर्य-चंद्र की स्थिति निम्न प्रकार है:
| पंचांग तत्व | विवरण / समय |
|---|---|
| दिनांक | 3 सितंबर 2026 |
| विक्रम संवत | 2083 (सिद्धार्थी) |
| शक संवत | 1948 (शुभकृत) |
| मास (महीना) | भाद्रपद (पूर्णिमान्त) / श्रावण (अमान्त) |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| तिथि | सप्तमी तिथि (अगले दिन तड़के 02:25 AM तक, तत्पश्चात अष्टमी) |
| दिन (वार) | गुरुवार |
| सूर्योदय समय | प्रातः 06:00 AM |
| सूर्यास्त समय | सायंकाल 06:41 PM |
| चंद्रोदय समय | रात्रि 10:33 PM |
| चंद्रास्त समय | दोपहर 11:57 AM |
2. नक्षत्र, योग एवं करण
ग्रहों और नक्षत्रों के गोचर से दिन की ऊर्जा निर्धारित होती है। आज के प्रमुख ज्योतिषीय योग एवं नक्षत्र की स्थिति इस प्रकार है:
| घटक | नाम एवं अवधि |
|---|---|
| नक्षत्र | कृत्तिका नक्षत्र (मध्यरात्रि 12:29 AM तक), तत्पश्चात रोहिणी नक्षत्र |
| योग | व्याघात योग (सायं 06:33 PM तक), तत्पश्चात हर्षण योग |
| प्रथम करण | विष्टि (भद्रा) दोपहर 03:27 PM तक |
| द्वितीय करण | बव करण (अगले दिन 02:25 AM तक) |
| सूर्य राशि | सिंह राशि |
| चंद्र राशि | मेष राशि (प्रातः 07:25 AM तक), तत्पश्चात वृषभ राशि में प्रवेश |
3. आज के शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
शास्त्रों के अनुसार शुभ मुहूर्त में प्रारंभ किए गए कार्य निर्विघ्न संपन्न होते हैं। आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त निम्न हैं:
| शुभ मुहूर्त का नाम | समय सीमा |
|---|---|
| ब्रह्म मुहूर्त | प्रातः 03:55 AM से 04:41 AM तक |
| अभिजीत मुहूर्त | दोपहर 11:55 AM से 12:46 PM तक |
| अमृत काल | रात्रि 10:12 PM से 11:43 PM तक |
अशुभ काल अथवा राहुकाल की अवधि में महत्वपूर्ण आर्थिक फैसले, अनुबंध हस्ताक्षर या गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य टालने चाहिए:
- राहुकाल: दोपहर 01:30 PM से 03:00 PM तक
- यमगंड: प्रातः 06:00 AM से 07:30 AM तक
- गुलिक काल: प्रातः 09:00 AM से 10:30 AM तक
- दिशा शूल: दक्षिण दिशा (यदि यात्रा अनिवार्य हो तो दही या जीरा खाकर निकलें)
4. आज का दिन चौघड़िया मुहूर्त
दिनभर में आपातकालीन या त्वरित यात्राओं तथा व्यापारिक सुगमता हेतु चौघड़िया चक्र का उपयोग किया जाता है:
| समय (दिन का चौघड़िया) | प्रकार / प्रभाव |
|---|---|
| 06:00 AM से 07:35 AM | शुभ (उत्तम) |
| 07:35 AM से 09:10 AM | रोग (सामान्य/वर्जित) |
| 09:10 AM से 10:45 AM | उद्वेग (अशुभ) |
| 10:45 AM से 12:20 PM | चर (सामान्य शुभ) |
| 12:20 PM से 01:55 PM | लाभ (उन्नति कारक) |
| 01:55 PM से 03:30 PM | काल (राहुकाल – वर्जित) |
| 03:30 PM से 05:05 PM | शुभ (उत्तम) |
| 05:05 PM से 06:41 PM | अमृत (सर्वोत्तम) |
5. गुरुवार का विशेष उपाय
आज गुरुवार का दिन होने के कारण जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की आराधना का विशेष महत्व है।
- विष्णु पूजन: भगवान विष्णु को पीले पुष्प, चने की दाल और गुड़ अर्पित करें।
- कदली वृक्ष पूजन: आज के दिन केले के पौधे में जल अर्पित कर दीपक प्रज्वलित करना अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है।
- गुरु मंत्र: ‘ॐ बृहस्पतये नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करने से बुद्धि, विद्या और धन-धान्य में वृद्धि होती है।









