आज का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल एवं चौघड़िया मुहूर्त की संपूर्ण जानकारी
रायपुर: भारतीय सनातन परंपरा में किसी भी नए कार्य की शुरुआत, धार्मिक अनुष्ठान, यात्रा अथवा मांगलिक कार्यों के संपादन से पूर्व दैनिक पंचांग का अवलोकन अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। पंचांग के मुख्य 5 अंग—तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण होते हैं। इन पांचों तत्वों के सटीक संतुलन और गणना से ही दिन के शुभ और अशुभ समय का निर्धारण किया जाता है। दैनिक जीवन में ग्रहों की चाल और नक्षत्रों का प्रभाव मानव जीवन पर सीधा असर डालता है।
1. आज की तिथि एवं पंचांगीय गणना
आज सूर्योदय एवं सूर्यास्त के समय ग्रहों की स्थिति के आधार पर तिथि, संवत्सर और काल गणना निम्न प्रकार है:
| पंचांग तत्व | विवरण / समय |
|---|---|
| विक्रम संवत | 2083 (नल) |
| शक संवत | 1948 (शुभकृत) |
| मास (महीना) | भाद्रपद / आश्विन (अमान्त/पूर्णिमान्त) |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष / शुक्ल पक्ष |
| दिन (वार) | बुधवार |
| सूर्योदय समय | प्रातः 06:08 AM |
| सूर्यास्त समय | सायंकाल 06:36 PM |
| चंद्रोदय समय | रात्रि 10:15 PM |
| चंद्रास्त समय | प्रातः 10:42 AM |
2. नक्षत्र, योग एवं करण
शास्त्रों के अनुसार नक्षत्र और योग की स्थिति मनुष्य के मनोभावों और दैनिक कार्यों के परिणामों को निर्धारित करती है। आज के दिन की नक्षत्र और योग स्थिति नीचे दी गई है:
| घटक | नाम एवं अवधि |
|---|---|
| नक्षत्र | कृत्तिका नक्षत्र (अपराह्न तक), तत्पश्चात रोहिणी नक्षत्र |
| योग | हर्षण योग (रात्रि तक), तत्पश्चात वज्र योग |
| प्रथम करण | बव करण (अपराह्न तक) |
| द्वितीय करण | बालव करण (रात्रि तक) |
| सूर्य राशि | सिंह राशि |
| चंद्र राशि | वृषभ राशि (अहोरात्र) |
3. आज के शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न होते हैं और उनमें सफलता की संभावना अत्यधिक बढ़ जाती है। आज के मुख्य शुभ मुहूर्त निम्नलिखित हैं:
| शुभ मुहूर्त का नाम | समय सीमा |
|---|---|
| ब्रह्म मुहूर्त | प्रातः 04:32 AM से 05:20 AM तक |
| अभिजीत मुहूर्त | दोपहर 11:58 AM से 12:48 PM तक (स्थान भेद संभव) |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02:28 PM से 03:18 PM तक |
| गोधूलि मुहूर्त | सायंकाल 06:24 PM से 06:48 PM तक |
| अमृत काल | अहोरात्र (विशेष अनुष्ठान हेतु उपयुक्त) |
अशुभ समय में किसी भी नए व्यवसाय, गृह प्रवेश, स्वर्ण क्रय अथवा यात्रा की शुरुआत करने से बचना चाहिए।
- राहुकाल: दोपहर 12:22 PM से 01:56 PM तक (इस समय शुभ कार्य न करें)
- यमगंड: प्रातः 07:42 AM से 09:15 AM तक
- गुलिक काल: प्रातः 10:48 AM से 12:22 PM तक
- दुर्मुहूर्त: दोपहर 11:58 AM से 12:48 PM तक
- दिशा शूल: उत्तर दिशा (यदि यात्रा अनिवार्य हो तो तिल या धनिया खाकर प्रस्थान करें)
4. आज का दिन एवं रात्रि चौघड़िया मुहूर्त
चौघड़िया मुहूर्त का उपयोग यात्रा और आपातकालीन परिस्थितियों में शुभ समय की पहचान के लिए अत्यंत व्यावहारिक माना जाता है।
| समय (दिन का चौघड़िया) | प्रकार / मुहूर्त |
|---|---|
| 06:08 AM से 07:42 AM | लाभ (उन्नति कारक) |
| 07:42 AM से 09:15 AM | अमृत (सर्वोत्तम) |
| 09:15 AM से 10:48 AM | काल (अशुभ) |
| 10:48 AM से 12:22 PM | शुभ (उत्तम) |
| 12:22 PM से 01:56 PM | रोग (वर्जित – राहुकाल) |
| 01:56 PM से 03:29 PM | उद्वेग (अशुभ) |
| 03:29 PM से 05:03 PM | चर (सामान्य शुभ) |
| 05:03 PM से 06:36 PM | लाभ (उन्नति कारक) |
5. आज के उपाय एवं विशेष नियम
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज का दिन भगवान श्री गणेश और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त करने का दिन है। यदि आपके कार्यों में निरंतर बाधाएं आ रही हैं या मानसिक तनाव की स्थिति बनी हुई है, तो आज के दिन निम्नलिखित सामान्य उपाय किए जा सकते हैं:
- गणेश पूजन: भगवान श्री गणेश को दुर्वा की 21 गांठें अर्पित करें और ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें।
- दान पुण्य: गाय को हरा चारा अथवा मूंग की दाल खिलाना शुभ फलदायी रहेगा। इससे बुद्धिमत्ता और व्यापार में वृद्धि होती है।
- सूर्य देव को अर्घ्य: प्रातः काल तांबे के लोटे में जल लेकर रोली और लाल पुष्प डालकर सूर्य देव को अर्घ्य प्रदान करें।








