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1. पंचांग के मुख्य घटक (Key Components)
| पंचांग अंग | विवरण एवं समय |
|---|---|
| दिन / वार | गुरुवार (Thursday) |
| तिथि | चतुर्दशी (प्रातः 09:08 तक) तत्पश्चात पूर्णिमा |
| नक्षत्र | धनिष्ठा (28 अगस्त तड़के 02:15 बजे तक) |
| पक्ष | श्रावण शुक्ल पक्ष |
| योग | अतिगण्ड योग (सायं काल तक) |
| करण | वणिज (प्रातः 09:08 तक) तत्पश्चात विष्टि (भद्रा) |
| संवत्सर / संवत | विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थी) | शक संवत 1948 (पराभव) |
| ऋतु | वर्षा / शरद ऋतु |
| अयन | दक्षिणायन |
2. सूर्य एवं चंद्र से संबंधित समय (Sun & Moon Timings)
| घटना | समय |
|---|---|
| सूर्योदय (Sunrise) | प्रातः 05:56 बजे |
| सूर्यास्त (Sunset) | सायं 06:48 बजे |
| चंद्रोदय (Moonrise) | सायं 06:15 बजे (लगभग) |
| चंद्रास्त (Moonset) | अगले दिन प्रातः 05:40 बजे |
| सूर्य राशि | सिंह (Sun in Leo) |
| चंद्र राशि | मकर (Moon in Capricorn) |
3. शुभ मुहूर्त एवं काल (Auspicious Timings)
किसी भी नए कार्य, पूजन, व्यवसाय विस्तार या मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त का चयन श्रेष्ठ परिणाम प्रदान करता है:
| शुभ काल | समय सीमा |
|---|---|
| अभिजित मुहूर्त | दोपहर 11:56 से दोपहर 12:48 बजे तक |
| अमृत काल | सायं 04:20 से सायं 05:55 बजे तक |
| ब्रह्म मुहूर्त | प्रातः 04:28 से प्रातः 05:12 बजे तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02:30 से दोपहर 03:22 बजे तक |
| गोधूलि मुहूर्त | सायं 06:48 से सायं 07:10 बजे तक |
4. अशुभ समय एवं राहुकाल (Inauspicious Timings)
शास्त्रों के अनुसार अशुभ काल या राहुकाल के दौरान महत्वपूर्ण निर्णय एवं नए कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए:
| अशुभ काल | समय सीमा |
|---|---|
| राहुकाल | दोपहर 01:59 से दोपहर 03:35 बजे तक |
| यमगंड | प्रातः 05:56 से प्रातः 07:32 बजे तक |
| दुर्मुहूर्त | प्रातः 10:14 से प्रातः 11:05 बजे तक एवं दोपहर 03:22 से 04:14 बजे तक |
| भद्रा काल | प्रातः 09:10 से रात्रि 09:34 बजे तक |
| वर्ज्यम | प्रातः 07:12 से प्रातः 08:45 बजे तक |
5. आज का विशेष पर्व एवं व्रत (Festivals & Vrats)
सत्यनारायण व्रत एवं हयग्रीव जयंती: आज श्रावण शुक्ल चतुर्दशी तिथि एवं पूर्णिमा का संयोग बन रहा है। आज के दिन सत्यनारायण भगवान की कथा एवं पूजन अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अतिरिक्त, भगवान विष्णु के हयग्रीव अवतार की जयंती भी आज मनाई जाती है।
6. दैनिक राशिफल: सभी 12 राशियों का फलादेश (Daily Horoscope)
1. मेष (Aries)
आज कर्मक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। कार्यस्थल पर सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा के योग बन रहे हैं। वित्तीय स्थिति मजबूत होगी।
2. वृषभ (Taurus)
भाग्य आज आपका पूर्ण साथ देगा। धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे होंगे। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल है।
3. मिथुन (Gemini)
स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। वाणी पर संयम रखें और अनावश्यक विवादों से बचें।
4. कर्क (Cancer)
दाम्पत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। व्यापारिक साझेदारों के साथ संबंध प्रगाढ़ होंगे। नए अनुबंध या व्यावसायिक प्रस्ताव प्राप्त हो सकते हैं।
5. सिंह (Leo)
प्रतिस्पर्धियों और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नए अवसर मिल सकते हैं। स्वास्थ्य में सुधार महसूस होगा।
6. कन्या (Virgo)
बौद्धिक कार्यों और पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है। प्रेम संबंधों के लिए दिन अनुकूल रहेगा।
7. तुला (Libra)
भौतिक सुख-सुविधाओं की वस्तुओं में वृद्धि होगी। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। भूमि या भवन से जुड़े मामलों में निर्णय सोच-समझकर लें।
8. वृश्चिक (Scorpio)
आपके पराक्रम और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का सहयोग प्राप्त होगा। छोटी दूरी की यात्राएं फलदायी साबित होंगी।
9. धनु (Sagittarius)
धन आगमन के नए स्रोत खुलेंगे। परिवार में मांगलिक कार्य या उत्सव का माहौल रहेगा। अपनी वाणी के प्रभाव से कठिन कार्य भी आसानी से हल कर लेंगे।
10. मकर (Capricorn)
चंद्रमा आज आपकी ही राशि में संचार कर रहा है। आपका मानसिक संतुलन मजबूत रहेगा। नए विचार और योजनाएं साकार होंगी। व्यक्तित्व में निखार आएगा।
11. कुंभ (Aquarius)
अत्यधिक खर्चों के कारण बजट बिगड़ने की संभावना है। विदेशी संपर्कों से लाभ हो सकता है। योग व ध्यान को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
12. मीन (Pisces)
आय में वृद्धि के योग हैं। पुराने निवेश से बढ़िया लाभ प्राप्त होगा। मित्रों के साथ सुखद समय व्यतीत करने का अवसर मिलेगा।
7. आज के ज्योतिषीय उपाय (Astrological Remedies)
- गुरुवार का उपाय: भगवान विष्णु को पीले फूल और चने की दाल अर्पित करें।
- मंत्र जाप: “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का 108 बार जाप करें।
- दान: किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण को पीले वस्त्र या अन्न का दान करें।
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