युवा शक्ति को उन्नत खेती और एग्री-स्टार्टअप्स से जोड़ रही सरकार: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- भोपाल के रवीन्द्र भवन में आयोजित ‘कृषि नवाचार संवाद’ कार्यक्रम का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया शुभारंभ।
- प्रदेश में प्रतिवर्ष 1 लाख गिर नस्ल की बछिया तैयार करने और डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की घोषणा।
- एनडीडीबी के साथ एमओयू: पशुपालकों को दूध के दाम 8 से 10 रुपये प्रति लीटर अधिक मिलने की व्यवस्था।
- आगामी 5 वर्षों में सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य।
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश युवा आयोग द्वारा रवीन्द्र भवन में आयोजित ‘कृषि नवाचार संवाद’ कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवा शक्ति को उन्नत खेती, एग्री-स्टार्टअप्स और कृषि उत्पादों के निर्यात से जोड़ने पर विशेष ध्यान दे रही है। बदलते दौर के साथ खेती का स्वरूप बदला है और युवाओं को नई तकनीक व आधुनिक पद्धतियों के माध्यम से कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाना होगा।
‘दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश को अग्रणी बनाने का लक्ष्य’
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के साथ समझौता (MoU) किया गया है, जिससे किसानों को अब दूध के दाम में 8 से 10 रुपये प्रति लीटर का अतिरिक्त लाभ मिल रहा है। इसके साथ ही पशुपालकों को उन्नत नस्लें उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना’ शुरू की गई है। सरकार जल्द ही प्रतिवर्ष 1 लाख गिर नस्ल की बछिया तैयार करने की योजना भी धरातल पर उतारेगी।
‘सिंचाई का रकबा 100 लाख हेक्टेयर करने का संकल्प’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य के कृषि परिदृश्य में तेजी से सुधार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले 5 वर्षों में राज्य का कुल सिंचाई रकबा बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य हर गांव तक पीने का स्वच्छ पानी और हर खेत तक सिंचाई जल पहुंचाना है। इसके अलावा विश्वविद्यालयों में कृषि संकाय की पढ़ाई शुरू कर युवाओं को आधुनिक कृषि से जोड़ा जा रहा है।
‘कृषक कल्याण वर्ष से मिलेगा एग्री-बिजनेस को बढ़ावा’
खेल, युवा कल्याण एवं सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कार्यक्रम में कहा कि विकसित भारत @2047 के निर्माण का मूल आधार कृषि ही है। राज्य सरकार का यह पूरा वर्ष ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में समर्पित है, जिसमें फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि महाविद्यालयों के विद्यार्थियों, वैज्ञानिकों, एग्री-स्टार्टअप प्रतिनिधियों और युवा कृषकों से मशरूम, पॉलीहाउस, सोना मोती गेहूं और कृषि ऐप्स जैसे नवाचारों पर सीधी चर्चा की।
— डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश








