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आज का पंचांग 21 अगस्त 2026: सावन शुक्ल नवमी, शुभ मुहूर्त, सर्वार्थ सिद्धि योग, चौघड़िया व दैनिक राशिफल






आज का पंचांग 21 अगस्त 2026: श्रावण शुक्ल नवमी तिथि, सर्वार्थ सिद्धि योग, शुभ मुहूर्त एवं राहुकाल विस्तृत विवरण


आज का पंचांग 21 अगस्त 2026: श्रावण शुक्ल नवमी तिथि, सर्वार्थ सिद्धि योग और शुक्रवार का विस्तृत पंचांग व शुभ मुहूर्त

हिंदू धर्मशास्त्रों में पंचांग का अत्यधिक महत्वपूर्ण स्थान है। पंचांग के मुख्य रूप से पांच अंग—तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण होते हैं। इन पांचों तत्वों के गणितीय और खगोलीय संयोजन से ही प्रत्येक दिन के शुभ और अशुभ समय का निर्धारण होता है। आज 21 अगस्त 2026, शुक्रवार का दिन श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि के साथ अत्यंत फलदायी माना जा रहा है। आज के दिन अनुराधा एवं ज्येष्ठा नक्षत्र का योग बन रहा है, साथ ही लक्ष्मी उपासना और व्यापारिक कार्यों के लिए यह दिन उत्तम है।

मुख्य पंचांग बिंदु (21 अगस्त 2026)

  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थी)
  • शक संवत: 1948 (पराभव)
  • मास व पक्ष: श्रावण मास, शुक्ल पक्ष
  • मुख्य तिथि: नवमी तिथि (रात्रि 11:36 बजे तक, तत्पश्चात दशमी)
  • दिन व वार: शुक्रवार (माता लक्ष्मी जी की पूजा का विशेष दिन)
  • प्रमुख योग: सर्वार्थ सिद्धि योग व वैधृति योग
  • चंद्र राशि: वृश्चिक (दिन-रात)
  • सूर्य राशि: सिंह (स्वराशि में)

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (21 अगस्त 2026)

आज के पंचांग में सूर्य देव अपनी स्वराशि सिंह में स्थित हैं, जो आत्मबल, शासन और आरोग्य की वृद्धि करते हैं। वहीं चंद्रमा दिन-रात मंगल की राशि वृश्चिक में संचरण करेंगे। सूर्य और चंद्रमा के उदयास्त का समय निम्नलिखित है:

खगोलीय घटना समय (IST)
सूर्योदय (Sunrise) प्रातः 05:53 बजे
सूर्यास्त (Sunset) सायं 06:55 बजे
चंद्रोदय (Moonrise) दोपहर 02:12 बजे
चंद्रास्त (Moonset) मध्यरात्रि 12:10 बजे (22 अगस्त)
सूर्य राशि सिंह
चंद्र राशि वृश्चिक
ऋतु वर्षा ऋतु (दक्षिणायन, उत्तर गोल)

तिथि, नक्षत्र, योग एवं करण विवरण

वैदिक ज्योतिष के अनुसार पंचांग के ये चार अंग दैनिक जीवन के महत्वपूर्ण कार्यों को सही समय पर संपादित करने के लिए दिशा-निर्देश देते हैं:

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  • तिथि: श्रावण शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि रात्रि 11:36 बजे तक रहेगी। इसके पश्चात दशमी तिथि का आरंभ होगा। नवमी तिथि देवी दुर्गा की साधना एवं नए विचारों के क्रियान्वयन के लिए उत्तम मानी जाती है।
  • नक्षत्र: अनुराधा नक्षत्र प्रातः 11:53 बजे तक रहेगा, तत्पश्चात ज्येष्ठा नक्षत्र का आरंभ होगा। अनुराधा नक्षत्र के स्वामी मित्र देव हैं जो मित्रता, सहकारिता और सामूहिक कार्यों को सफलता प्रदान करते हैं।
  • योग: वैधृति योग अगले दिन तड़के 05:18 बजे तक रहेगा, जिसके बाद विषकुम्भ योग शुरू होगा। इसके साथ ही दिन के पूर्वार्ध में सर्वार्थ सिद्धि योग का प्रभाव रहेगा, जो सभी संकल्पित कार्यों को सिद्ध करने वाला माना गया है।
  • करण: बालव करण प्रातः 10:25 बजे तक रहेगा, जिसके बाद कौलव करण रात्रि 11:36 बजे तक रहेगा। तदुपरांत तैतिल करण का प्रवेश होगा।

आज का शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat Timings)

शुभ मुहूर्त में किए गए धार्मिक अनुष्ठान, व्यापारिक समझौते, नया निवेश और मांगलिक कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न होते हैं। 21 अगस्त 2026 के मुख्य शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:

शुभ मुहूर्त का नाम प्रारंभ समय समाप्त समय
ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 03:55 बजे प्रातः 04:41 बजे
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:58 बजे दोपहर 12:50 बजे
अमृत काल तड़के 04:56 बजे (22 अगस्त) प्रातः 06:44 बजे (22 अगस्त)
विजय मुहूर्त दोपहर 02:32 बजे दोपहर 03:24 बजे
गोधूलि मुहूर्त सायं 06:55 बजे सायं 07:18 बजे

आज का अशुभ काल व राहुकाल (Inauspicious Timings)

वैदिक परंपरा के अनुसार राहुकाल और यमगंड जैसे अशुभ कालों में कोई भी नया या शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। इस दौरान यात्रा, गृह प्रवेश, व्यापार का शुभारंभ या कोई महत्वपूर्ण निर्णय स्थगित रखना हितकर होता है:

अशुभ काल समय (IST)
राहुकाल (Rahu Kalam) सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक
यमगंड (Yamaganda) दोपहर 03:30 बजे से सायं 05:00 बजे तक
गुलिक काल (Gulika Kalam) सुबह 07:30 बजे से 09:00 बजे तक
दुर्मुहूर्त (Dur Muhurat) प्रातः 08:41 से 09:32 बजे एवं दोपहर 12:55 से 01:46 बजे तक
वर्ज्यम् (Varjyam) सायं 06:09 बजे से रात्रि 07:57 बजे तक

आज का चौघड़िया मुहूर्त (21 अगस्त 2026)

दिनभर में सामान्य यात्रा, त्वरित निर्णय और तात्कालिक कार्यों के लिए चौघड़िया मुहूर्त का विचार किया जाता है। शुक्रवार का दिन होने से चौघड़िया की स्थिति इस प्रकार है:

दिन का चौघड़िया (Day Choghadiya)

  • चर (सामान्य): सुबह 05:53 बजे से 07:31 बजे तक
  • लाभ (उन्नति): सुबह 07:31 बजे से 09:09 बजे तक
  • अमृत (सर्वोत्तम): सुबह 09:09 बजे से 10:46 बजे तक
  • काल (अशुभ): सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक
  • शुभ (उत्तम): दोपहर 12:24 बजे से 02:01 बजे तक
  • रोग (हानिकारक): दोपहर 02:01 बजे से 03:39 बजे तक
  • उद्वेग (अशुभ): दोपहर 03:39 बजे से सायं 05:17 बजे तक
  • चर (सामान्य): सायं 05:17 बजे से 06:55 बजे तक

शुक्रवार का विशेष ज्योतिषीय उपाय एवं धार्मिक महत्व

आज शुक्रवार का दिन है, जो धन, समृद्धि और भौतिक सुख-सुविधाओं की अधिष्ठात्री देवी महालक्ष्मी और सौंदर्य-कला के कारक ग्रह शुक्र देव को समर्पित है। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की संयुक्त पूजा का विशेष महत्व है।

आज के अचूक धार्मिक उपाय:

  • लक्ष्मी पूजन: आज लक्ष्मी नारायण मंदिर में जाकर माता लक्ष्मी को लाल गुलाब या कमल का फूल अर्पित करें।
  • श्री सूक्त का पाठ: सायं काल के समय घर के मंदिर में गाय के घी का दीपक जलाकर ‘श्री सूक्त’ या ‘महालक्ष्मी अष्टकम’ का पाठ करें।
  • मिश्री व खीर का भोग: देवी महालक्ष्मी को खीर अथवा मिश्री और मखाने का भोग लगाएं, इससे आर्थिक समस्याओं का निवारण होता है।
  • शुक्र ग्रह शांति: शुक्रवार को सफेद वस्त्र, चावल, दूध या चीनी का दान किसी जरूरतमंद को करने से कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति मजबूत होती है।


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