आज का पंचांग: 22 अगस्त 2026 (शनिवार), श्रावण शुक्ल पक्ष दशमी
भारतीय वैदिक पंचांग के अनुसार 22 अगस्त 2026, शनिवार का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है, जो देर रात तक रहेगी। शनिवार का दिन भगवान शनिदेव और संकटमोचन हनुमान जी की उपासना के लिए विशेष रूप से फलदायी माना जाता है—
विशेष जानकारी: आज ज्येष्ठा नक्षत्र के उपरांत मूल नक्षत्र प्रवेश करेगा तथा वृश्चिक राशि से चंद्रमा धनु राशि में संचार करेंगे। शुभ कार्यों के लिए अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:58 से 12:50 तक रहेगा। राहुकाल के समय किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत से बचें।
मूल पंचांग विवरण (Basic Panchang Details)
| पंचांग तत्व | विवरण |
|---|---|
| विक्रम संवत | 2083 (सिद्धार्थी) |
| शक संवत | 1948 (सिद्धार्थी) |
| मास / पक्ष | श्रावण (सावन) – शुक्ल पक्ष |
| तिथि | दशमी तिथि (रात 02:00 बजे तक, तत्पश्चात एकादशी) |
| वार | शनिवार |
| नक्षत्र | ज्येष्ठा (दोपहर 02:49 बजे तक), तत्पश्चात मूल |
| योग | विष्कम्भ योग (अगले दिन सुबह 06:12 बजे तक) |
| करण | तैतिल (दोपहर 12:48 तक), फिर गर (रात 02:00 तक) |
| सूर्य राशि | सिंह राशि |
| चंद्र राशि | वृश्चिक राशि (दोपहर 02:49 तक), फिर धनु राशि |
सूर्योदय, सूर्यास्त एवं चंद्रोदय समय
सूर्योदय
सुबह 05:54 AM
सूर्यास्त
शाम 06:50 PM
चंद्रोदय
दोपहर 02:51 PM
चन्द्रास्त
रात 01:27 AM (23 अगस्त)
शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
| मुहूर्त का नाम | समय अवधि |
|---|---|
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 04:26 AM से 05:10 AM |
| अमृत काल | सुबह 04:55 AM से 06:43 AM |
| अभिजित मुहूर्त | दोपहर 11:58 AM से 12:50 PM |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02:30 PM से 03:22 PM |
अशुभ काल एवं राहुकाल (Inauspicious Timings)
| समय | अवधि |
|---|---|
| राहुकाल | सुबह 09:08 AM से 10:46 AM (कोई भी नया कार्य न करें) |
| यमगण्ड काल | दोपहर 02:01 PM से 03:39 PM |
| गुलिक काल | सुबह 05:54 AM से 07:31 AM |
| दुर्मुहूर्त | सुबह 05:54 AM से 06:46 AM |
आज का चौघड़िया (Day Choghadiya)
| प्रकार | चौघड़िया | समय |
|---|---|---|
| शुभ (Neutral) | काल | 05:54 AM – 07:31 AM |
| सामान्य | चल | 07:31 AM – 09:08 AM |
| अशुभ | उद्योग | 09:08 AM – 10:46 AM |
| शुभ | अमृत | 10:46 AM – 12:23 PM |
| शुभ | लाभ | 12:23 PM – 02:01 PM |
| शुभ | शुभ | 03:38 PM – 05:16 PM |
आज के विशेष उपाय एवं दिशाशूल
दिशाशूल: शनिवार को पूर्व दिशा में यात्रा करना वर्जित माना जाता है। यदि आवश्यक हो तो अदरक या राई खाकर और भगवान गणेश का ध्यान करके घर से निकलें।
शनिवार विशेष उपाय: आज के दिन पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और शनि चालीसा या हनुमान चालीसा का पाठ करें। इससे शनि देव की कृपा बनी रहती है और संकटों से मुक्ति मिलती है।









