नारायणपुर: अबूझमाड़ के दुर्गम बीहड़ों में पहुंची संवेदना, डॉ. प्रेमसाईं महाराज ने नक्सल पीड़ित परिवारों को दी आर्थिक सहायता और राशन
नारायणपुर, 26 अगस्त 2026: अबूझमाड़ के दुर्गम इलाकों में जहां कभी नक्सलवाद का खौफ ग्रामीणों की जिंदगी पर भारी पड़ता था, वहीं अब सेवा, संवेदना और विश्वास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। मां मातंगी दिव्य धाम के पीठाधीश्वर गुरुजी डॉ. प्रेमसाईं महाराज ने नारायणपुर प्रवास के दौरान दंडवन, छिनारी और कलेपाल पहुंचकर नक्सल हिंसा में अपनों को खो चुके परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ितों का दुख-दर्द साझा करते हुए आर्थिक सहायता, राशन सामग्री और वस्त्र प्रदान कर उनका हौसला बढ़ाया।
- दंडवन: पंचम दास मानिकपुरी के परिजनों को ₹31 हजार की सहायता।
- छिनारी: सुखलाल गावड़े के परिजनों को ₹31 हजार का सहयोग।
- कलेपाल: मानकु पोटाई के परिजनों को ₹51 हजार की आर्थिक मदद।
- सामग्री वितरण: राशन सामग्री, वस्त्र, दर्द निवारक तेल एवं मां बगलामुखी यज्ञ की भभूत वितरित की गई।
- राम मंदिर निर्माण: गढ़बेंगाल राम मंदिर निर्माण समिति को ₹50 हजार का सहयोग दिया गया।
“नक्सल हिंसा में मारे गए निर्दोष ग्रामीण भी इस लड़ाई के नायक”
डॉ. प्रेमसाईं महाराज ने कहा कि किसी परिवार के सदस्य की कमी को दुनिया का कोई सहयोग पूरा नहीं कर सकता। हमारा उद्देश्य सहायता का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि इन परिवारों को यह अहसास कराना है कि वे अकेले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा में जवानों की शहादत पर समाज और शासन उनके साथ खड़ा होता है, उसी प्रकार नक्सल हिंसा में मारे गए निर्दोष ग्रामीणों की पीड़ा और संघर्ष को भी सम्मान मिलना चाहिए, क्योंकि वे भी इस लड़ाई के नायक हैं।
शिक्षा से बदलेगा अबूझमाड़ के बच्चों का भविष्य
गुरुजी की यह सेवा पहल केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वर्षों से बाधित शिक्षा व्यवस्था को गति देने के लिए वे बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित कर रहे हैं। जरूरतमंद बच्चों को किताबें, स्कूल बैग और चप्पल उपलब्ध कराकर नियमित स्कूल जाने और पढ़कर आगे बढ़ने का संदेश दिया जा रहा है।
गढ़बेंगाल राम मंदिर निर्माण के लिए ₹50 हजार का योगदान
प्रवास के दौरान डॉ. प्रेमसाईं महाराज गढ़बेंगाल स्थित राम मंदिर भी पहुंचे। उन्होंने मंदिर निर्माण समिति के सदस्यों व श्रद्धालुओं से चर्चा कर ₹50 हजार की सहायता राशि सौंपी और जल्द ही अतिरिक्त ₹50 हजार सहयोग देने का आश्वासन दिया। बीहड़ों में सेवा और धार्मिक-सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से वे ग्रामीणों के बीच सकारात्मकता का संचार कर रहे हैं।











