आज का इतिहास (27 अगस्त): देश और दुनिया की ऐतिहासिक घटनाएं
इतिहास के पन्नों में हर दिन किसी न किसी महत्वपूर्ण घटना, क्रांतिकारी परिवर्तन, वैज्ञानिक खोज या महान विभूतियों के योगदान के लिए दर्ज होता है। 27 अगस्त का दिन भी भारतीय और विश्व इतिहास के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी रहा है। इस दिन जहां एक तरफ ब्रिटिश शासन के अंतिम वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन का दुखद अंत हुआ, वहीं दूसरी ओर वैज्ञानिक और तकनीकी जगत में अंतरमहाद्वीपीय मिसाइलों के परीक्षण तथा अंतरिक्ष अभियानों की दिशा में कई अहम पड़ाव पार किए गए।
मुख्य बिंदु (Highlights)
- 1979: भारत के अंतिम वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन की बम विस्फोट में मौत।
- 1957: सोवियत संघ द्वारा दुनिया की पहली अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का सफल परीक्षण।
- 1962: नासा ने शुक्र ग्रह के अध्ययन के लिए ‘मैरीनर 2’ अंतरिक्ष यान का प्रक्षेपण किया।
- 1991: मोलदोवा ने सोवियत संघ से अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की।
1. लॉर्ड माउंटबेटन का दुखद अंत (1979)
27 अगस्त 1979 का दिन आधुनिक ब्रिटिश और भारतीय इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में याद किया जाता है। भारत के अंतिम वायसराय और स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर-जनरल लॉर्ड लुई माउंटबेटन की आयरलैंड के तट के पास प्रोविज़नल आइरिश रिपब्लिकन आर्मी (IRA) द्वारा किए गए एक नौका विस्फोट में हत्या कर दी गई थी।
लॉर्ड माउंटबेटन ने 1947 में भारत के विभाजन और सत्ता हस्तांतरण में मुख्य भूमिका निभाई थी। वह भारतीय नेताओं, जिनमें महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू शामिल थे, के साथ अपने कूटनीतिक संबंधों के लिए जाने जाते थे। जब वह आयरलैंड के काउंटी स्लाइगो में छुट्टी मना रहे थे, तब उनकी नौका ‘शैडो V’ में रखे बम को रिमोट कंट्रोल से विस्फोटित कर दिया गया, जिसमें माउंटबेटन समेत उनके परिवार के अन्य सदस्य भी मारे गए।
2. विज्ञान और तकनीक: पहली अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल (1957)
27 अगस्त 1957 को सोवियत संघ ने घोषणा की कि उसने दुनिया की पहली अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM), ‘R-7 सेमोर्का’ का सफल परीक्षण कर लिया है। यह शीत युद्ध (Cold War) के दौरान रक्षा और अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम था। इस मिसाइल प्रणाली ने न केवल सैन्य संतुलन को बदला, बल्कि बाद में इसी रॉकेट तकनीक का उपयोग कर स्पुतनिक उपग्रह को कक्षा में स्थापित किया गया।
3. अंतरिक्ष अनुसंधान: नासा का मैरीनर 2 मिशन (1962)
अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में 27 अगस्त 1962 को अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने ‘मैरीनर 2’ (Mariner 2) अंतरिक्ष यान को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। यह मानव इतिहास का पहला ऐसा अंतरिक्ष मिशन बना जिसने किसी अन्य ग्रह (शुक्र ग्रह) के पास से गुजरकर आंकड़े और वैज्ञानिक डेटा पृथ्वी पर भेजे। इसने शुक्र ग्रह के तापमान, वातावरण और चुंबकीय क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण रहस्य खोले।
4. 27 अगस्त की अन्य महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
- 1604: अमृतसर के स्वर्ण मंदिर (हरिमंदिर साहिब) में सिख धर्म के पवित्र ग्रंथ ‘गुरु ग्रंथ साहिब’ की स्थापना की गई।
- 1781: हैदर अली और ब्रिटिश सेना के बीच ‘पॉलीलुर का युद्ध’ लड़ा गया।
- 1883: इंडोनेशिया के क्रैकाटोआ ज्वालामुखी में भयानक विस्फोट हुआ, जिसकी आवाज हजारों मील दूर तक सुनी गई और यह इतिहास की सबसे विनाशकारी आपदाओं में से एक बनी।
- 1939: दुनिया के पहले जेट चालित विमान ‘हीन्केल ही 178’ (Heinkel He 178) ने जर्मनी में अपनी पहली सफल उड़ान भरी।
- 1991: सोवियत संघ के विघटन के दौर में ‘मोलदोवा’ ने खुद को एक स्वतंत्र राष्ट्र घोषित किया।
- 2003: मंगल ग्रह लगभग 60,000 वर्षों में पृथ्वी के सबसे निकट (लगभग 55.7 मिलियन किलोमीटर) पहुंचा।
5. 27 अगस्त को जन्मे प्रमुख व्यक्ति
- 1859: भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी और प्रसिद्ध समाज सुधारक टाटाजी का जन्म हुआ।
- 1908: प्रसिद्ध अमेरिकी क्रिकेटर डोनाल्ड ब्रैडमैन (Don Bradman) का जन्म हुआ, जिन्हें खेल इतिहास का सबसे महान बल्लेबाज माना जाता है।
- 1972: भारतीय पेशेवर पहलवान और अभिनेता दिलीप सिंह राणा (द ग्रेट खली) का जन्म हुआ।
6. 27 अगस्त को हुए प्रमुख निधन
- 1976: भारतीय पार्श्वगायक मुकेश (Mukesh) का अमेरिका में निधन हुआ। उनके गाए कालजयी गीत आज भी भारतीय संगीत प्रेमियों के दिलों में रचे-बसे हैं।
- 1979: लॉर्ड लुई माउंटबेटन, भारत के अंतिम वायसराय।
- 2006: प्रसिद्ध भारतीय फिल्म निर्देशक और पटकथा लेखक ऋषिकेश मुखर्जी का निधन हुआ, जिन्होंने ‘आनंद’, ‘बावर्ची’ और ‘गोलमाल’ जैसी सदाबहार फिल्में बनाईं।
निष्कर्ष
27 अगस्त का इतिहास जहां विज्ञान, अंतरिक्ष अभियान और राजनीतिक उथल-पुथल की याद दिलाता है, वहीं यह हमें सबक देता है कि वैश्विक घटनाओं ने आधुनिक दुनिया की रूपरेखा तय करने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। इतिहास की इन सीखों के साथ आगे बढ़ना ही मानव सभ्यता की निरंतरता का प्रतीक है।









