रीवा गांधी स्मारक चिकित्सालय मामला: प्रसूता और गर्भस्थ शिशु की मौत पर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल का कड़ा रुख, दो डॉक्टर और दो नर्सिंग ऑफिसर निलंबित
रीवा: गांधी स्मारक चिकित्सालय में ग्राम हटवा निवासी कल्पना मिश्रा और उनके गर्भस्थ शिशु की मृत्यु के मामले को उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बेहद गंभीरता से लिया है। मामले में प्रथम दृष्टया घोर लापरवाही और दुर्व्यवहार की शिकायत पर दो चिकित्सा शिक्षकों और दो नर्सिंग ऑफिसरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निष्पक्ष जांच के लिए वरिष्ठ डॉक्टरों की समिति गठित की गई है।
दो डॉक्टर और दो नर्सिंग ऑफिसर निलंबित
परिजनों द्वारा चिकित्सकों एवं स्टाफ पर इलाज में लापरवाही और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए गए थे। प्राथमिक जांच और शिकायत के आधार पर निम्नलिखित कार्रवाई की गई है:
- डॉ. सोनल अग्रवाल: प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग (ड्यूटी डॉक्टर) – घोर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता के आधार पर निलंबित।
- डॉ. निधि पाण्डेय: निश्चेतना (एनेस्थीसिया) विभाग – घोर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता के आधार पर निलंबित।
- नर्सिंग ऑफिसर्स: परिजनों से दुर्व्यवहार की शिकायत के आधार पर दो नर्सिंग ऑफिसरों को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल के सख्त निर्देश
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि रोगियों और उनके परिजनों के साथ संवेदनशील व्यवहार और निर्धारित मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट आने पर दोषियों के खिलाफ और अधिक कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
प्रकरण का चिकित्सकीय ब्योरा
गांधी स्मारक चिकित्सालय रीवा के अभिलेखों के अनुसार मामला इस प्रकार है:
- भर्ती का समय: 26 अगस्त 2026 को तड़के लगभग 2:38 बजे प्रसूति विभाग में भर्ती कराया गया था।
- घटनाक्रम: उसी दिन रात 11:55 बजे उपचार के दौरान प्रसूता और उनके गर्भस्थ शिशु की मृत्यु हो गई।
- मेडिकल स्थिति: भर्ती के समय मरीज का प्लेटलेट काउंट काफी कम (लगभग 30 हजार) था। रक्तचाप और लीवर एंजाइम अत्यधिक बढ़े हुए थे। जांच के आधार पर मरीज में गंभीर प्री-एक्लेम्पसिया, थ्रोम्बोसाइटोपीनिया और हेल्प (HELLP) सिंड्रोम का निदान किया गया था।
शव परीक्षण के बाद गृह ग्राम पहुंचाया गया
परिजनों की मांग पर मृतिका एवं उनके शिशु का शव परीक्षण (पोस्टमार्टम) जिला चिकित्सालय एवं चिकित्सा महाविद्यालय रीवा की संयुक्त टीम द्वारा किया गया। सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण करने के पश्चात दोनों शवों को ससम्मान उनके गृह ग्राम हटवा (थाना वैकुण्ठपुर) पहुंचाया गया।
















