मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक: 47,990 करोड़ रुपये के विकास प्रस्तावों को मंजूरी
भोपाल: मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास, जन-स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे के विस्तार, कृषि अनुसंधान और महिला सशक्तिकरण को गति देने के लिए 47 हजार 990 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 44,515 करोड़ रुपये से अधिक का बजट शामिल है।
भोपाल-विदिशा 4-लेन मार्ग के लिए 1,757.55 करोड़ रुपये स्वीकृत
भोपाल को मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस पहल करते हुए भोपाल-विदिशा मार्ग (44.83 कि.मी.) को 2-लेन से 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर उन्नयन के लिए 1,757.55 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। यह परियोजना हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) पर आधारित होगी।
- वित्तीय संरचना: कुल निर्माण लागत का 40% अंश मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा राज्य राजमार्ग निधि से तथा शेष 60% राशि 15 वर्षों तक छः माही एन्यूटी के रूप में राज्य बजट से दी जाएगी। इसके अतिरिक्त भू-अर्जन और अन्य कार्यों के लिए 364.41 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
- सांस्कृतिक व भौगोलिक महत्व: यह मार्ग भानपुर, सूखी सेवनिया, बालमपुर, सलामतपुर से गुजरते हुए भोपाल और विदिशा को जोड़ता है। यह यूनेस्को विश्व धरोहर सांची स्तूप और कर्क रेखा (कि.मी. 24.550) से गुजरने के कारण औद्योगिक और पर्यटन दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
भोपाल बायपास 4-लेन: 2031 तक यूजर चार्ज संग्रहण को मंजूरी
भोपाल शहर के यातायात दबाव को कम करने वाले 51.963 कि.मी. लंबे भोपाल बायपास को 6-लेन बनाने के दृष्टिगत 19 जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2031 तक उपयोगकर्ता शुल्क (टोल) संग्रहण की अनुमति दी गई है। साथ ही लोक निर्माण विभाग को इसकी अवधि 5 वर्ष और बढ़ाने के लिए अधिकृत किया गया है।
स्वास्थ्य सेवाएं: 44,515.13 करोड़ रुपये की सौगात
मंत्रि-परिषद ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग की प्रमुख योजनाओं को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 44,515.13 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है:
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM): 28,083.47 करोड़ रुपये (केंद्र:राज्य 60:40 अनुपात)। इसमें मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, टीबी उन्मूलन, आयुष्मान आरोग्य मंदिर और निःशुल्क दवा व जांच योजनाएं शामिल हैं।
- आयुष्मान भारत योजना: 12,123.81 करोड़ रुपये की स्वीकृति, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग को कैशलेस इलाज की सुविधा जारी रहेगी।
- स्वास्थ्य संस्थाओं की सुरक्षा व सफाई: 1,159.58 करोड़ रुपये स्वीकृत।
- जिला स्तरीय अमला योजना: 654.84 करोड़ रुपये स्वीकृत।
सीहोर में स्थापित होगा नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट
किसान कल्याण वर्ष में सोयाबीन किसानों को बड़ी सौगात देते हुए सीहोर जिले की इछावर तहसील के गांव भाऊखेड़ी में 20 हैक्टेयर भूमि इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च (ICAR) के अधीन नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट को स्थायी पट्टे पर आवंटित करने का निर्णय लिया गया है। इससे प्रदेश के लगभग 50 लाख किसानों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के लिए 918 करोड़ रुपये
वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को लाभांश वितरण योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर रखने के लिए 918 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। अब काष्ठ बिक्री के 20% राजस्व और बांस विदोहन के 100% लाभ में श्रमिकों के साथ-साथ क्षेत्र के स्थानीय रहवासियों को भी लाभांश दिया जाएगा।
महिला सशक्तिकरण: राज्य स्तरीय पुरस्कार राशियों में बढ़ोतरी
विपरीत परिस्थितियों में समाज सेवा करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ‘रानी दुर्गावती राज्य स्तरीय पुरस्कार’ की राशि 2 लाख रुपये तय की गई है। वहीं वर्ष 2006 से दिए जा रहे ‘रानी अवंती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार’ की राशि को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया गया है।
अन्य प्रमुख निर्णय
- जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय: 11 महाविद्यालयों और 8 अनुसंधान केंद्रों के संचालन तथा वेतन-पेंशन दायित्वों के लिए आगामी 5 वर्षों (2026-2031) हेतु 795.59 करोड़ रुपये की ब्लॉक ग्रांट स्वीकृत।
- खनिज भवनों का रखरखाव: प्रदेश के 54 खनिज भवनों के संधारण के लिए 2.50 करोड़ रुपये मंजूर।
- देवास पटाखा फैक्ट्री दुर्घटना: 14 मई 2026 को हुई दुर्घटना की सुभाष काकड़े (सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति) की अध्यक्षता वाली एकल सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग की अवधि 3 माह (14 अगस्त 2026 तक) बढ़ाने का अनुसमर्थन।
- MPPSC रिपोर्ट: मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के 63वें, 64वें और 68वें वार्षिक प्रतिवेदन को विधानसभा के पटल पर रखने का अनुमोदन।












