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अडाणी समूह ने ‘गलत मीडिया रिपोर्टिग’ पर दिया स्पष्टीकरण

अडाणी समूह ने ‘गलत मीडिया रिपोर्टिग’ पर दिया स्पष्टीकरण

नई दिल्ली,अडाणी समूह ने फाइनेंशियल टाइम्स में छपे एक लेख पर प्रतिक्रिया देते हुए अखबार को भेजा गया एक पत्र सोमवार को मीडिया के साथ साझा किया, जिसमें अडाणी समूह की पूर्व में सार्वजनिक की गई सूचनाओं को समझने में हुई गलतियों और रिपोर्ट के गलत तथ्यों के बारे में कहा गया है। अडाणी समूह ने कहा कि इंडियन डाटा रिवील्स अडाणी इंपायर्स रिलायंस ऑन ऑफशोर फंडिंग शीर्षक वाला यह लेख अडानी परिवार और अडानी समूह की छवि यथासंभव धूमिल करने के लिए झूठ पर आधारित जानबूझ कर किया गया प्रयास है।

पत्र में कहा गया है, ऐसा करने के क्रम में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध तथ्यों के उपयोग में चयनात्मकता होने की इच्छा और कंपनी द्वारा दी सूचनाओं को समझने में आलस्य दिख रहा है, और ऐसे आक्षेप लगाए गए हैं जो झूठे और हानिकारक हैं। हम समझते हैं कि अडाणी को खत्म करने की प्रतिस्पर्धी दौड़ आकर्षक हो सकती है। लेकिन हम प्रतिभूति कानूनों का पूरी तरह से अनुपालन कर रहे हैं और प्रवर्तकों के स्वामित्व तथा वित्तपोषण को छिपाने का प्रयास नहीं कर रहे हैं।

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वास्तव में, जैसा कि 18 जनवरी 2021 और 23 जनवरी 2021 को सार्वजनिक रूप से सूचना दी गई थी, अडाणी समूह के प्रवर्तकों ने अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी फ्रांस की टोटल एनर्जीज (तब टोटल रिन्यूएबल्स एसएएस) को बेचकर दो अरब डॉलर जुटाए। उस समय फाइनेंशियल टाइम्स ने भी इसे छापा था, लेकिन 22 मार्च 2023 की खबर में पूरी तरह से अनदेखा कर दिया। इसके अलावा, अक्टूबर 2019 में, प्रवर्तकों ने अडाणी टोटल गैस लिमिटेड में 37.4 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री के माध्यम से 70 करोड़ डॉलर जुटाए थे। यह तथ्य अडाणी की प्रेस विज्ञप्ति में प्रकाशित किया गया था। फाइनेंशियल टाइम्स ने इस तथ्य को भी अनदेखा कर दिया जबकि अखबार ने उस समय समाचार प्रकाशित किया था।

इस प्रकार जुटाई गई पूंजी का नए व्यवसाय के विकास और अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड, अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड, अडाणी ट्रांसमिशन लिमिटेड और अडाणी पावर लिमिटेड जैसी पोर्टफोलियो कंपनियों के विकास के लिए प्रवर्तक संस्थाओं ने पुनर्निवेश किया। प्रवर्तक संस्थाओं की अडाणी कंपनियों में पर्याप्त हिस्सेदारी है, जो समय के साथ बढ़ी है। इक्विटी की बिक्री के माध्यम से प्राप्त धन कर समय पर उपयोग कर इन संस्थाओं ने अपना निवेश बढ़ाया है। पत्र में कहा गया है, ध्यान दें, अडाणी परिवार ने सेकेंडरी सेल से मिले पैसे को एजीईएल के अतिरिक्त शेयर खरीदने में और शेयरहोल्डर लोन तथा अन्य सिक्युरिटी के माध्यम से एजीईएल को सहायता प्रदान करने में लगाया।

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