सड़क हादसे में घायल अनमोल के लिए देवदूत बने विधायक बृहस्पति सिंह

सड़क हादसे में घायल अनमोल के लिए देवदूत बने विधायक बृहस्पति सिंह

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

रामनुजगंज/न्यूज रिपोर्टर/मनोज यादव/जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के विधायक बृहस्पति सिंह भले ही बैंककर्मी के साथ मारपीट के मामले में सुर्खियों में रहे हो, परंतु इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि उन्होंने एक कदम आगे बढ़कर जनहित में जो फैसला लिया वह सराहनीय कदम था. भले ही यह मामला पूरे छत्तीसगढ़ में चर्चा का विषय बना हो, परंतु वास्तविक स्थिति जब लोगों ने समझा तब यह बात समझ में आई कि विधायक गलत नहीं है, किसानों की परेशानी देख विधायक से रहा नहीं गया और आक्रोश में उन्होंने यह गलती कर दी. आखिरकार अंत भला तो सब भला.

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

विधायक हमेशा नेक कार्यों के लिए चर्चा में रहते है जिसका जीता जागता उदाहरण बहुत दिनों बाद प्रकाश में आया है. जिसका उन्होंने आज तक किसी से जिक्र तक नहीं किया था. बात उस समय खुली जब क्षेत्र के संवेदनशील विधायक या यह कहे कि भावनात्मक रूप से जनता से जुड़े विधायक बृहस्पति से जब स्वयं गंभीर अवस्था में अपना इलाज रायपुर में करा रहे थे उसी दरमियान रामानुजगंज के निकट ग्राम मितगाई के विनय खलखो का 23 वर्षीय पुत्र छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग की तैयारी बिलासपुर से कर रहा था. गांव में सड़क दुर्घटना में सर एवं जबड़े में गंभीर चोट आई थी. जिसका इलाज रायपुर के निजी अस्पताल में चल रहा था. वह लड़का लगातार तकरीबन 1 माह तक कोमा में रहा और परिवार की आर्थिक स्थिति डामाडोल होने लगी.ऐसी स्थिति में घायल अनमोल की मां सरोजिनी खलको क्षेत्र के विधायक के पास अपनी फरियाद लेकर गई. जैसे ही इस बात का पता विधायक को पता चला तो उन्होंने तत्काल उसकी मदद की. उसके पश्चात भी रायपुर के हॉस्पिटल में जहां वो एडमिट करने को तैयार नहीं था उनके कदम से तत्काल उस बच्चे की जान बच गई और वह भले ही व्हीलचेयर पर हो, लेकिन आज सही सलामत है. आज जब वही परिवार विधायक का शुक्रिया अदा करने गया तो उन्होंने तत्काल उसके माता-पिता को 4,00,000 रुपए का चेक प्रदान किया और यह भी कहा कि इसका जितना अच्छा इलाज हो सकता है. आप कराइए, मुझसे जो भी सहायता बन पड़ेगी, निसंकोच मेरे पास आइए, मैं आपके लिए हमेशा तैयार हूं.