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छत्तीसगढ़ के राज्य महिला उद्यमिता नीति से उद्योग स्थापना हेतु मिलेगा वित्तीय सहायता

सारंगढ़ बिलाईगढ़ : छत्तीसगढ़ के राज्य महिला उद्यमिता नीति से उद्योग स्थापना हेतु मिलेगा वित्तीय सहायता

महिलाएं जितनी सशक्त होंगी, विकास उतनी ही तेजी से होगा। छत्तीसगढ़ सरकार हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए नई योजनाओं के निर्माण के साथ ही उन्हें प्रोत्साहन दे रही है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में लघु और कुटीर उद्योग में बड़ी संख्या में महिलाएं काम कर रही है। इसके साथ ही स्व-सहायता समूह के माध्यम से गौठानों, वनोपज संग्रहण सहित अन्य क्षेत्रों में कार्यरत महिलाएं राज्य के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने महिलाओं की कार्यकुशलता को एक नई पहचान देने और उन्हें उद्यम से जोड़ने के लिए राज्य महिला उद्यमिता नीति 2023-28 लागू की है। इस नीति के तहत महिलाओं को उद्योग स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता (ऋण) देने का प्रावधान किया गया है। इससे महिला कार्यबल में वृद्धि होने के साथ ही उद्योग एवं व्यापार में उनकी सहभागिता बढ़ेगी। इस नीति से महिलाओं के द्वारा शुरू किए गए स्टार्टअप की संख्या में भी तेजी से इजाफा होगा।

स्थायी पूंजी निवेश का 55 प्रतिशत तक, 1 करोड़ 20 लाख तक स्थायी पूंजी निवेश अनुदान

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राज्य महिला उद्यमिता नीति 2023-28 के तहत राज्य की महिला उद्यमी को विनिर्माण उद्यम परियोजना के लिए अधिकतम 50 लाख रूपए, सेवा उद्यम परियोजना के लिए अधिकतम 25 लाख रूपए और व्यवसाय उद्यम परियोजना के लिए अधिकतम 10 लाख रूपए तक ऋण देने का प्रावधान रखा गया है। इस नीति के तहत महिला उद्यमियों द्वारा प्रदेश में स्थापित नवीन, विस्तारीकरण, शवलीकृत पात्र सूक्ष्म, लघु एवं मध्य विनिर्माण व सेवा उद्यमों को आर्थिक निवेश प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। उद्यम में किए गए स्थायी पूंजी निवेश का 30-55 प्रतिशत तक यानी 40 लाख से 1 करोड़ 20 लाख रूपए तक स्थायी पूंजी निवेश अनुदान, उद्यमों के लिए प्राप्त किए गए सावधि ऋण तथा परियोजना प्रतिवेदन में प्रावधानित कार्यशील पूंजी (अधिकतम तीन माह की आवश्यकता के बराबर) पर 45 से 70 प्रतिशत, अधिकतम राशि 15 से 60 लाख रूपए तक ब्याज अनुदान, नए उद्यमों की स्थापना के लिए 50 प्रतिशत, अधिकतम 75 लाख रूपए तक मार्जिन मनी अनुदान, नेट राज्य वस्तु एवं सेवा कर (नेट एसजीएसटी) प्रतिपूर्ति वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने के दिनांक से 6 से 16 वर्षों तक, विद्युत शुल्क से छूट वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक से 6 से 12 वर्षों तक पूर्ण छूट और उक्त के अतिरिक्त स्टाम्प शुल्क से छूट, परिवहन अनुदान, मण्डी शुल्क से छूट, किराया अनुदान दिए जाने का प्रावधान किया गया है।

स्टार्टअप पैकेज में 5 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान, एक वर्ष अतिरिक्त छूट

महिला स्व-सहायता समूहों को अतिरिक्त आर्थिक निवेश प्रोत्साहन के रुप में अनुदानों में 5 प्रतिशत का अतिरिक्त अनुदान और छूट के मामलों में 1 वर्ष की अतिरिक्त समयावधि दी जाएगी। महिलाओं द्वारा स्थापित स्टार्ट-अप उद्यमों को औद्योगिक नीति 2019-24 के अंर्तगत घोषित स्टार्टअप पैकेज में 5 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान एवं छूट के मामलों में एक वर्ष अतिरिक्त छूट का प्रावधान किया गया है।

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