कर्नाटक के मंत्री केएम शिवलिंगेगौड़ा के सरकारी अधिकारियों को ‘टिप’ देने वाले बयान पर विवाद हो गया। मंत्री ने कहा था कि अगर कोई अधिकारी समय पर और ईमानदारी से काम करता है, तो खुशी से सम्मान के तौर पर उसे कुछ देना गलत नहीं है।
मंत्री के इस बयान पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने ही सवाल उठाए। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद विवाद और बढ़ गया। लोगों ने सवाल किया कि जब सरकारी कर्मचारियों को वेतन मिलता है, तो उन्हें अलग से पैसे क्यों दिए जाएं।
कुछ लोगों ने इसे रिश्वत को सामान्य बनाने वाला बयान बताया और मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं, भाजपा MLC सीटी रवि ने भी सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ सरकार रिश्वत की शिकायत करने की बात कहती है जबकि उसके मंत्री ही अधिकारियों को पैसे देने की बात कर रहे हैं।

















