2.39 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी में मां शक्ति स्टील ट्रेडर्स का संचालक सुजीत जायसवाल गिरफ्तार
राहुल गोयल की शिकायत पर अंबिकापुर कोतवाली में दर्ज था मामला; गुदरी चौक से पुलिस की विशेष टीम ने दबोचा, 21 सितंबर को न्यायालय में पेशी
मामले के मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- आरोपी का नाम: सुजीत जायसवाल (संचालक, मां शक्ति स्टील ट्रेडर्स)
- शिकायतकर्ता: राहुल गोयल (संचालक: जयहनुमान कोलडिपो, मारुति मिनरल्स, जय हनुमान रोडलाइन्स)
- कुल धोखाधड़ी राशि: ₹2,39,98,700 (2.39 करोड़ रुपये से अधिक)
- कुल दिया गया लेनदेन: ₹4,80,50,000 (13 अगस्त 2021 से 25 नवंबर 2022 के मध्य)
- वापस लौटाई गई राशि: ₹2,72,00,000 (कुल बकाया ₹2,08,50,000)
- अतिरिक्त आर्थिक नुकसान: आहाता निर्माण पर ₹26 लाख एवं धर्मकांटा खरीद पर ₹5,48,700
- गिरफ्तारी स्थल एवं तिथि: 20 सितंबर 2026, गुदरी चौक, अंबिकापुर
- प्राथमिकी (FIR): अपराध क्रमांक 0398/2026 (दर्ज तिथि: 12 जून 2026)
- लागू बीएनएस धाराएं: BNS की धारा 318(4), 316(5), 296, और 351(3)
1. घटनाक्रम एवं गिरफ्तारी का पूरा ब्योरा
अंबिकापुर (प्रदेश खबर ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में व्यापारिक जगत और आम जनता के बीच उस समय भारी हलचल मच गई, जब स्थानीय कोतवाली पुलिस ने करोड़ों रुपये के लेनदेन से जुड़े धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर मामले में मां शक्ति स्टील ट्रेडर्स के संचालक सुजीत जायसवाल को धर दबोचा।
पुलिस से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आरोपी सुजीत जायसवाल के खिलाफ करीब 2 करोड़ 39 लाख 98 हजार 700 रुपये की धोखाधड़ी और रकम मांगने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां देने का आरोप है। पुलिस टीम काफी समय से उसकी गतिविधियों और ठिकानों पर नजर बनाए हुए थी। 20 सितंबर 2026 को मिली सटीक सूचना के आधार पर अंबिकापुर के व्यस्ततम व्यापारिक क्षेत्र गुदरी चौक से उसे हिरासत में लिया गया। गिरफ्तारी की वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करने के उपरांत पुलिस द्वारा आरोपी को 21 सितंबर 2026 को सक्षम दंडाधिकारी के समक्ष न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है।
2. राहुल गोयल का दावा: व्यापारिक परिचय से शुरू हुआ लेनदेन
पुलिस में दर्ज लिखित शिकायत और प्राथमिकी के अनुसार, अंबिकापुर के पुराना बस स्टैंड क्षेत्र के निवासी राहुल गोयल एक स्थापित व्यवसायी हैं। राहुल गोयल क्षेत्र में ‘जयहनुमान कोलडिपो’, ‘मारुति मिनरल्स’ और ‘जय हनुमान रोडलाइन्स’ नामक अलग-अलग प्रतिष्ठित व्यावसायिक फर्मों का संचालन करते हैं।
एक ही शहर में समान व्यापारिक गतिविधियों और औद्योगिक सर्किल से जुड़े होने के कारण राहुल गोयल और मां शक्ति स्टील ट्रेडर्स के संचालक सुजीत जायसवाल के बीच पुराना व्यावसायिक परिचय था। इसी परिचय और भरोसे का फायदा उठाते हुए सुजीत जायसवाल ने अपने व्यवसाय को विस्तार देने और आकस्मिक वित्तीय आवश्यकताओं का हवाला देकर राहुल गोयल से बड़ी वित्तीय सहायता मांगी थी।
शिकायतकर्ता राहुल गोयल ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने भरोसा दिलाया था कि वह कारोबार में प्राप्त लाभ के साथ समस्त राशि नियत समय सीमा के भीतर लौटा देगा। मित्रवत और व्यावसायिक संबंधों पर भरोसा करते हुए राहुल गोयल ने अपनी विभिन्न फर्मों के माध्यम से सुजीत जायसवाल को करोड़ों रुपये की राशि किस्तों में हस्तांतरित कर दी।
3. 4.80 करोड़ रुपये के वित्तीय लेनदेन का पूरा हिसाब
शिकायतकर्ता द्वारा पुलिस को प्रस्तुत दस्तावेजों और बैंक खातों के विवरण के अनुसार, 13 अगस्त 2021 से लेकर 25 नवंबर 2022 के बीच यानी करीब 15 महीनों की अवधि में विभिन्न किस्तों और माध्यमों के जरिए कुल 4 करोड़ 80 लाख 50 हजार रुपये (€4.80 Cr) सुजीत जायसवाल और उसकी फर्म को उपलब्ध कराए गए थे।
इस भारी-भरकम राशि के लेनदेन के बाद आरोपी द्वारा शुरुआत में कुछ राशि लौटाई गई ताकि शिकायतकर्ता का विश्वास बना रहे। आरोपी ने दो अलग-अलग फर्मों के खातों में आंशिक भुगतान वापस किया:
| विवरण / फर्म का नाम | दी गई कुल राशि (रु में) | आरोपी द्वारा लौटाई गई राशि (रु में) | शेष बकाया राशि (रु में) |
|---|---|---|---|
| जयहनुमान कोलडिपो | – | ₹1,78,00,000 | – |
| मारुति मिनरल्स | – | ₹94,00,000 | – |
| कुल योग (मूल लेनदेन) | ₹4,80,50,000 | ₹2,72,00,000 | ₹2,08,50,000 |
इस प्रकार, केवल मूल नकदी/बैंक हस्तांतरण के आधार पर ही राहुल गोयल का सुजीत जायसवाल के ऊपर 2 करोड़ 8 लाख 50 हजार रुपये का सीधा बकाया निकल रहा था।
4. उत्तर प्रदेश के दुद्धी में जमीन और धर्मकांटा लगाने का झांसा
बकाया राशि 2.08 करोड़ रुपये हो जाने के बाद जब राहुल गोयल ने अपनी राशि वापस लौटाने का दबाव बनाया, तो आरोपी सुजीत जायसवाल ने एक नई योजना सामने रखी। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के अंतर्गत दुद्धी स्थित ‘आश्रम मोड़’ के पास एक बेसकीमती व्यावसायिक जमीन खरीदने का सौदा चल रहा है।
सुजीत जायसवाल ने राहुल गोयल को भरोसा दिया कि वह उस जमीन की रजिस्ट्री उनके नाम पर करा देगा और वहां एक बड़ा धर्मकांटा (वेब्रिज) स्थापित कर व्यापारिक गतिविधियों से होने वाली आय से पूरे हिसाब को चुकता कर देगा। राहुल गोयल आरोपी के इस झांसे में आ गए।
अतिरिक्त खर्च का विवरण:
- आहाता एवं इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण (5 से 11 मार्च 2022): आरोपी के कहने पर दुद्धी स्थित प्रस्तावित जमीन की घेराबंदी, आहाता (बाउंड्री वॉल) और प्राथमिक इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर राहुल गोयल द्वारा लगभग 26,00,000 रुपये (छब्बीस लाख रुपये) खर्च किए गए।
- धर्मकांटा क्रय एवं स्थापना (12 जुलाई 2022): इसके अलावा, व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए 5,48,700 रुपये (पाँच लाख अड़तालिस हजार सात सौ रुपये) की लागत से एक नया धर्मकांटा खरीदकर आरोपी को सुपुर्द किया गया।
| मद / मद का नाम | दावा की गई राशि (रुपये में) |
|---|---|
| मूल बकाया राशि (कैश/बैंक लेनदेन के बाद शेष) | ₹2,08,50,000 |
| दुद्धी (यूपी) में आहाता एवं इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण खर्च | ₹26,00,000 |
| धर्मकांटा (वेब्रिज) का क्रय मूल्य | ₹5,48,700 |
| कुल धोखाधड़ी व नुकसान का योग | ₹2,39,98,700 |
5. रकम मांगने पर विवाद, गाली-गलौज और परिवार को धमकी
समय बीतने के साथ जब उत्तर प्रदेश के दुद्धी स्थित जमीन की रजिस्ट्री राहुल गोयल के पक्ष में नहीं हुई और न ही धर्मकांटा से कोई व्यापारिक समायोजन किया गया, तब शिकायतकर्ता को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ। राहुल गोयल ने जब सख्ती से अपनी पूरी राशि 2.39 करोड़ रुपये वापस करने तथा धर्मकांटा व संपत्ति लौटाने की मांग की, तो सुजीत जायसवाल का रवैया पूरी तरह बदल गया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि सुजीत जायसवाल ने साफ इंकार करते हुए जमीन की रजिस्ट्री करने और धर्मकांटा वापस करने से मना कर दिया। जब भी पैसे की मांग की जाती, आरोपी गाली-गलौज पर उतर आता था।
– राहुल गोयल (पुलिस को दिए आवेदन के अनुसार)
राहुल गोयल ने अंबिकापुर कोतवाली पुलिस को सौंपे अपने विस्तृत शिकायती आवेदन में बताया कि आरोपी सुजीत जायसवाल की नीयत शुरू से ही खराब थी और उसने छल-कपट (Cheating and Fraudulent intention) की नीयत से ही उनसे इतनी बड़ी रकम हासिल की थी। आवेदन के साथ बैंक ट्रांजैक्शन की प्रतियां, संदेशों के स्क्रीनशॉट और टेलीफोनिक धमकियों से जुड़े साक्ष्य पुलिस को सौंपे गए थे।
6. पुलिस कार्रवाई: अपराध क्रमांक 0398/2026 और बीएनएस की धाराएं
राहुल गोयल द्वारा प्रस्तुत विस्तृत आवेदन, बैंक स्टेटमेंट और साक्ष्यों की प्रारंभिक जांच के पश्चात अंबिकापुर कोतवाली पुलिस ने 12 जून 2026 को आरोपी सुजीत जायसवाल के विरुद्ध अपराध क्रमांक 0398/2026 दर्ज किया।
चूंकि मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रभावी होने के बाद दर्ज किया गया, इसलिए पुलिस ने नए आपराधिक कानूनों की सख्त धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध किया:
- BNS की धारा 318(4): छल करना और बेईमानी से संपत्ति सुपुर्द करने के लिए प्रेरित करना (Cheating and dishonestly inducing delivery of property – पूर्व में IPC धारा 420)। इसमें गंभीर सजा का प्रावधान है।
- BNS की धारा 316(5): आपराधिक विश्वासघात (Criminal breach of trust – पूर्व में IPC धारा 406/409)। व्यापारिक संबंध में अमानत में खयानत करने पर यह धारा लागू की जाती है।
- BNS की धारा 296: सार्वजनिक या निजी स्थान पर अश्लील कृत्य या गाली-गलौज करना (Obscene acts and songs – पूर्व में IPC धारा 294)।
- BNS की धारा 351(3): आपराधिक धमकी (Criminal intimidation with threat to cause death or grievous hurt – पूर्व में IPC धारा 506 भाग-2)। जान से मारने या परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी पर यह गैर-जमानती धारा जोड़ी जाती है।
7. आईजी और एसपी के निर्देश पर गठित विशेष पुलिस टीम
2.39 करोड़ रुपये जैसी भारी-भरकम राशि से जुड़ी धोखाधड़ी का मामला होने के कारण इसे सरगुजा पुलिस प्रशासन ने अत्यंत संवेदनशीलता और गंभीरता से लिया। सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) तथा सरगुजा के पुलिस अधीक्षक (SP) ने कोतवाली थाना प्रभारी को निर्देश दिए कि मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और आरोपी की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अंबिकापुर कोतवाली पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने सुजीत जायसवाल के संभावित ठिकानों, निवास स्थल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर दबिश दी। हालांकि, मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था और पुलिस की नजरों से बचने का प्रयास कर रहा था।
पुलिस की तकनीकी टीम और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। 20 सितंबर 2026 को पुलिस को सटीक सूचना मिली कि सुजीत जायसवाल अंबिकापुर के शहर के हृदय स्थल कहे जाने वाले गुदरी चौक इलाके में देखा गया है। सूचना मिलते ही विशेष टीम ने तत्काल घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया।
8. अंबिकापुर के व्यापारिक जगत में मची खलबली, जांच जारी
मां शक्ति स्टील ट्रेडर्स के संचालक सुजीत जायसवाल की गिरफ्तारी की खबर जंगल की आग की तरह पूरे अंबिकापुर शहर और सरगुजा संभाग के व्यावसायिक गलियारों में फैल गई। स्टील और कंस्ट्रक्शन मटेरियल के कारोबार से जुड़े स्थानीय व्यापारियों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
अंबिकापुर कोतवाली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले से जुड़े अन्य वित्तीय पहलुओं की भी गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस निम्न बिंदुओं पर जांच को आगे बढ़ा रही है:
- बैंक खातों का फॉरेंसिक ऑडिट: सुजीत जायसवाल और उसकी फर्म मां शक्ति स्टील ट्रेडर्स के बैंक खातों के विवरण खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि राहुल गोयल से ली गई रकम को कहां-कहां ट्रांसफर किया गया या निवेश किया गया।
- उत्तर प्रदेश दुद्धी स्थित संपत्ति की स्थिति: दुद्धी (सोनभद्र, यूपी) स्थित जिस जमीन और धर्मकांटा का जिक्र शिकायत में किया गया है, उसकी वास्तविक मालिकाना स्थिति जांचने के लिए एक टीम उत्तर प्रदेश भेजी जा सकती है।
- अन्य पीड़ितों की संभावना: पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि क्या सुजीत जायसवाल ने इसी तरह शहर के अन्य व्यापारियों या आम लोगों से भी कारोबार के नाम पर उधार या निवेश लेकर धोखाधड़ी की है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी नए तथ्य या साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर पूरक आरोप पत्र (Supplementary Chargesheet) न्यायालय में दाखिल किया जाएगा। फिलहाल 21 सितंबर 2026 को आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की न्यायिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।















