Advertisement

गोधन न्याय योजना बना अतिरिक्त आय का जरिया, पशु पालक हो रहे आर्थिक रूप से सशक्त

रायगढ़ : गोधन न्याय योजना बना अतिरिक्त आय का जरिया, पशु पालक हो रहे आर्थिक रूप से सशक्त

गोधन न्याय योजना बना अतिरिक्त आय का जरिया,

गोबर बेचकर श्रीमती दुखी बाई ने कमाये 97 हजार से अधिक की राशि

गाय कोठा मरम्मत के साथ, टायलेट का भी कराया निर्माण

गोधन न्याय योजना से गौपालक, किसान, गौठान समिति एवं महिला समूह भी हो रही लाभान्वित

राज्य सरकार की गोधन न्याय योजना गौपालकों एवं किसानों के लिए आर्थिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण साबित हो रही है। जिससे ग्रामीणों में पशुपालन को लेकर रुझान बढ़ रहा है, वही किसान गोबर बेचकर आर्थिक रूप से सशक्त भी हो रहे है। एक समय किसी ने यह सोचा नहीं होगा कि गोबर विक्रय कर आय अर्जित किया जा सकता है। लेकिन आज शासन ने फ्लैगशीप योजना के माध्यम से यह कर दिखाया, जहां गोबर खरीद कर किसानों, गौपालकों को राशि प्रदान कर रही है, वही महिला समूह के माध्यम से बनाए जा रहे वर्मी कम्पोस्ट से अब राज्य जैविक खेती की ओर अग्रसर भी हो रहा है।

file_0000000093d882119d122d54d9d757b5

गोधन न्याय योजना से राज्य के गौपालकों, किसानों, गौठान समितियों और महिला समूह लाभान्वित हो रही है। गोधन न्याय योजना के माध्यम से राज्य सरकार किसानों एवं ग्रामीणों से गोबर खरीद रही है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त होने के साथ ही उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है।

इसका उदाहरण देखने को मिला विकासखण्ड रायगढ़ के ग्राम-बनोरा में, जहां श्रीमती दुखी बाई निषाद निवासरत है, वे बताती है गोधन योजना से उनके जीवन में काफी बदलाव आया है, आज गोबर विक्रय से अतिरिक्त आय प्राप्त होने से वे आर्थिक रूप से मजबूत हुई है। वे एक लघु किसान है, उनके पास लगभग 0.405 हेक्टेयर कृषि भूमि है साथ ही 8 पशुधन है। श्रीमती दुखीबाई कृषि के धान को समर्थन मूल्य में विक्रय कर रही है, इसके अलावा उन्हें गोधन न्याय योजना अंतर्गत गोबर विक्रय कर अतिरिक्त आमदनी भी प्राप्त हो रही है। उन्होंने बताया कि 485.46 क्विंटल विक्रय किया, जिससे उन्हें 97 हजार 92 रुपए प्राप्त हुई थी। उन्होंने बताया कि प्राप्त राशि से पशुओं की कोठा मरम्मत एवं टॉयलेट निर्माण करवा चुकी है। इसके अलावा घरेलू खर्चों के साथ ईलाज और दवाईयों की खरीदी में भी मदद मिली।

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.16.05