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छात्रावास-आश्रमों के सुव्यवस्थित संचालन हेतु मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण संपन्न

रायपुर : छात्रावास-आश्रमों के सुव्यवस्थित संचालन हेतु मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण संपन्न

आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग

आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के तत्वावधान में ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान निमोरा रायपुर में चल रहे मास्टर ट्रेनर्स के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज समापन हुआ। विगत् 08 जून से चल रहे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रावास-आश्रमों के सुव्यवस्थित संचालन हेतु मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जाना था। समपान सत्र के अंत में मास्टर ट्रेनर्स से फीडबैक लिया गया और समापन सत्र में पढाई के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य, बाल संरक्षण, किचन गार्डन की उपयोगिता, स्वस्थ शरीर, कैरियर गाइडेंस, पौष्टिक आहार की आवश्यकताएं के साथ ही विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में विषय-विशेषज्ञों द्वारा जानकारी साझा की गई।

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सत्र को सम्बोधित करते हुए उपायुक्त श्री प्रज्ञान सेठ ने कॅरियर गाइडेंस विषय पर अपनी बात रखी। उन्होंने एकलव्य, नवोदय एवं प्रयास विद्यालयों में प्रवेश परीक्षा की तैयारी तथा राष्ट्रीय स्कॉलरशिप पात्रता परीक्षा आदि की तैयारी के विषय में विस्तार से जानकारी दी। सत्र को संबोधित करते हुए सेवानिवृत्त प्राचार्य श्री बी.आर.साहू, ने कहा कि जीवन में अनुशासन का अत्यंत महत्व है जो व्यक्ति अपने जीवन में अनुशासित है, उसके सफल होने की दर उतनी अधिक बढ़ जाती है। प्रशिक्षण सत्र को यूनिसेफ की स्टेट कंस्लटेंट श्रीमती पार्वती नायर ने भी सम्बोधित किया और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता पर बल देने की बात कही।

कार्यशाला में यूनिसेफ की स्टेट हेड सुश्री स्नेहिल ने कहा कि बाल संरक्षण ‘‘बच्चों को किसी भी कथित या वास्तविक खतरे से या उसके खिलाफ सुरक्षा से संबंधित है’’। बाल संरक्षण किसी एक संस्था विशेष की ही जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की जिम्मेदारी है। प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए उद्यानिकी विभाग के अपर संचालक श्री भूपेन्द्र पांडे ने किचन गार्डन की महत्ता बतायी। डाईट रायपुर के व्याख्याता श्री छबीराम साहू ने विद्यार्थियों के लिए फिटनेस एवं योगा को अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। साथ ही न्यूट्रिशनिस्ट डॉ.नमिता पांडे ने विद्यार्थियों को संपूर्ण पौष्टिक आहार के लिए भोजन मीनू में किस-किस सामग्री को किस-किस मात्रा में शामिल किया जाए, उस पर विस्तार से जानकारी दी।

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