अपराधताजा ख़बरेंब्रेकिंग न्यूज़राज्य
Trending

हिमाचल में रिश्वतखोरी कांड: ईडी ने असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर निशांत सरीन को किया गिरफ्तार, करोड़ों की संपत्ति जब्त

हिमाचल प्रदेश में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला — असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर निशांत सरीन को ईडी ने रिश्वत और अवैध संपत्ति के आरोप में गिरफ्तार किया। 2.23 करोड़ रुपये के बैंक डिपॉजिट, लग्जरी गाड़ियां और सोना जब्त।

हिमाचल प्रदेश में एक बड़ा भ्रष्टाचार कांड सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने निशांत सरीन, जो इस समय असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर (मुख्यालय), डायरेक्टरेट ऑफ हेल्थ एंड सेफ्टी रेगुलेशन, हिमाचल प्रदेश में पदस्थ हैं, को मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया है।

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
c3bafc7d-8a11-4a77-be3b-4c82fa127c77 (1)

ईडी की जांच राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार-निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) द्वारा दर्ज एफआईआर पर आधारित थी। सरीन पर आरोप है कि उन्होंने बतौर ड्रग इंस्पेक्टर और बाद में असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर, दवा कंपनियों से रिश्वत लेकर भारी मात्रा में अवैध संपत्ति अर्जित की।

राज्य की विजिलेंस टीम ने निशांत सरीन और उनकी सहयोगी कोमल खन्ना के खिलाफ भ्रष्टाचार, जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया था। दोनों पर Zhenia Pharmaceuticals (पंचकूला) की पार्टनरशिप डीड में फर्जीवाड़ा करने का भी आरोप है — जिसमें कोमल खन्ना की हिस्सेदारी 50% से बढ़ाकर 95% कर दी गई थी, और इसमें सरीन की प्रत्यक्ष भूमिका बताई गई।

ईडी की जून–जुलाई 2025 की छापेमारी में सामने आया कि सरीन ने 1.66 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित की है। जांच के दौरान निम्न संपत्तियाँ जब्त और फ्रीज की गईं —

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
  • ₹2.23 करोड़ की बैंक राशि और FDRs

  • ₹65 लाख रुपये मूल्य के सोने के गहने

  • ₹32 लाख की दो लग्जरी गाड़ियाँ

अधिकारियों का कहना है कि निशांत सरीन ने दवा कंपनियों से रिश्वत लेकर बेनामी संपत्तियाँ खरीदीं और आलीशान जीवनशैली अपनाई। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष पीएमएलए अदालत, शिमला में पेश किया गया, जहाँ से 14 अक्टूबर 2025 तक ईडी रिमांड में भेज दिया गया है।


ईडी की कार्रवाई पर क्या कहा गया:

ईडी अधिकारियों के अनुसार —

“यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश है। सार्वजनिक पदों का दुरुपयोग कर अवैध संपत्ति अर्जित करने वालों पर शून्य सहनशीलता की नीति लागू की जाएगी।”

हिमाचल में पिछले कुछ वर्षों में दवा उद्योग से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों में तेजी आई है। ड्रग कंट्रोल विभाग पर पहले भी औषधि लाइसेंसिंग में घोटाले और घूसखोरी के आरोप लगते रहे हैं। ईडी की इस कार्रवाई से अब पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है।

Ashish Sinha

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!