किसान पानी के बुंद बुंद का इंतजार सिर पर हाथ दे बैठे किसान आस्था पर लगाए हैं आस।
रिपोर्टर खिरसिन्दुर नागेश /गरियाबंद जिला के दोनों ब्लाक मैनपुर और देवभोग के किसान फसलों के लिए मानसून पर निर्भर रहने वाले किसान इस साल बारिश कम होने के बजह से चिंता बढ़ने लगी है। चुकी कि किसान का रोपाई ब्यासी ढप्प हो गई हैं।देख रहे हैं कि, कब पानी गिरे और हमारी खेतों खलिहानों का धान हरा भरा लहराएं और मन को सुकून मिलें। सरकार ने खेतों में सिंचाई करने के लिए संसाधन के अनेक सुविधाएं हैं नहर,स्टाप डेम,व अन्य दूसरे प्रकार संसाधन भी है, लेकिन इस साल अल्प बारिश हुई है, इस लिए इन सिंचाई के संसाधनों में भी पानी कम रह गया है। यहां तक कि नहर के बीच – बीच में क्षतिग्रस्त डैमेज व स्ट्रेक्चर हुई हैं, पानी रोकने के लिए रेत बोरियों में भर कर जाम किया गया।यह देखने व सुनने को मिल रहा है कि मानसून की प्रकोप होने के बजह से शहरों में भयंकर बारिश तबाही मचाई है,जन धन को क्षति पहुंचाई है।हाल के हफ्तों में हुई बारिश देखें तो जलमग्न होने के कारण कई शहर ठप्प पड़ गए हैं। परंतु देवभोग मैनपुर क्षेत्र के किसान पानी की बूंद बूंद के लिए तरस रहे हैं।किसानों के खेतों सुखने लगा है और जमीन दरार होने लगा है।
किसान बड़ी चिंतित में पड़ गए हैं।बारीश होगा या नहीं मन ही मन गुथे जा रहें हैं। नदी, नाला, तालाब,कुंआ का जल स्रोत धीरे धीरे सुखने लगा है। किसानों के खेतों का धान जलने लगा है। किसानों के धान फसल की खेती में पानी का संकट पड़ गया है। किसान अपने खेतों में जाकर सिर में हाथ रख कर बहुत चिंतित में पड़ गए हैं। यदि बारिश बिस अगस्त रोपीई व्यासी लायक पानी नहीं गिरतीं हैं तो किसानों कि पचास प्रतिशत फसल नुकसान हो सकता हैं उसकी नुकसान किसानों पर पड़ने वाला है किसान कृषि कार्य के लिए साहूकार, बैंक से ऋण लेकर खेत में डाल दिया है अब किसान सर पर हाथ देकर बैठा हुआ है इस साल अकाल पड़ सकता हैं। ऋण चुकाने में असमर्थ होंगे। किसानों की चिंता बढ़ती जाएगी,
जहां – जहां सिंचाई कि सुविधाएं हैं, किसान प्रयास कर अपने खेतों में पानी सिंचित करने में सहारा मिल सकती हैं। लेकिन कुछ ऐसा किसानों के जमीन है, जहां नहर, तालाब, कुंआ व अन्य जल संसाधनों कि सुविधा नहीं है, ऐसे किसानों के खरीफ फसल बिना पानी के अभाव में फसलें चपैट हों जाएगी। जहां सरकार नहर जल प्लावन सुविधा पहले से बनीं हुई हैं। सरकार किसानों के हित के लिए हर योजनाओं को मध्य नजर रखते हुए अफसरों को दिन रात अलर्ट कर रही हैं। लेकिन जमीनी स्तर पर देखा जाएं तो योजनाएं कागजों तक चल रहा हैं। अकसर किसानों के हर योजनाओं को आज दिन पर्यन्त तक कोई भी योजना से शत् प्रतिशत लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
हम आपको बता दें की किसान बारिश के चलते दिक्कतों को लेकर आज ग्राम देवी स्थल पर गुहार लगा रहे हैं पूजा अर्चना कर रहे हैं। आस्था लेकर बैठे हुए हैं कि कहीं से भी किसानों को राहत मिल सके। ऐसे ही आस्था लेकर ग्राम ढोडरा में आज दो दिन से ग्राम देवी स्थान में पूजा अर्चना कर पुराण का बखान किया जा रहा है।













