
Modi Government Changed 28 Government Schemes Name: 11 साल में 28 योजनाओं के नाम बदले, अब मनरेगा भी नई पहचान के साथ
मोदी सरकार ने 11 साल में 28 सरकारी योजनाओं के नाम बदले। अब मनरेगा भी VBG RAM G बनी। जानिए किन-किन योजनाओं के बदले गए नाम और सरकार-विपक्ष की दलीलें।
Modi Government Changed 28 Government Schemes Name: 11 साल में 28 योजनाओं के नाम बदले, अब मनरेगा भी नई पहचान के साथ
नई दिल्ली।मोदी सरकार और बीजेपी शासित राज्यों ने बीते 11 वर्षों में न केवल योजनाओं के ढांचे में बदलाव किए, बल्कि सड़कों, इमारतों, संस्थानों और कानूनों के नाम बदलकर उन्हें नई पहचान दी। सरकार का तर्क रहा है कि यह बदलाव औपनिवेशिक सोच से बाहर निकलकर भारतीय मूल्यों और ‘विकसित भारत 2047’ के विजन से जुड़ा है, जबकि विपक्ष इसे केवल नाम बदलने की राजनीति बता रहा है।
राजपथ से कर्तव्य पथ तक
मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद कई प्रतीकात्मक बदलाव किए।
- राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ किया गया
- प्रधानमंत्री आवास की रेस कोर्स रोड का नाम लोक कल्याण मार्ग रखा गया
- राजभवन अब कई राज्यों में लोकभवन कहे जाने लगे
इसके साथ ही IPC और CrPC जैसे औपनिवेशिक कानूनों की जगह भारतीय न्याय संहिता और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता जैसे भारतीय नाम अपनाए गए।
योजनाओं को मिला नया नाम और नया दावा
खाद्य सुरक्षा योजना
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत करीब 81 करोड़ लोगों को सस्ते अनाज की गारंटी दी गई थी।
कोविड-19 महामारी के दौरान मोदी सरकार ने मुफ्त अनाज योजना को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के रूप में लागू कर इसे अलग पहचान दी।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन
2011 में शुरू हुई योजना का नाम 2016 में बदलकर
दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन कर दिया गया।
सरकार का कहना है कि इससे अंत्योदय के सिद्धांत को केंद्र में रखा गया।
ग्रामीण विद्युतीकरण योजना
2005 में शुरू राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना का नाम 2015 में बदलकर
दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना किया गया।
सरकार के अनुसार, इस योजना के तहत 24×7 बिजली आपूर्ति और वितरण ढांचे को मजबूत किया गया।
स्वच्छता अभियान
UPA सरकार की निर्मल भारत अभियान और निर्मल ग्राम पुरस्कार को 2014 में
स्वच्छ भारत मिशन के रूप में नया नाम और नई पहचान दी गई।
गांवों के साथ-साथ शहरों को शामिल कर इसे जन आंदोलन बनाने का दावा किया गया।
शहरी विकास मिशन
2005 में शुरू जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण मिशन को 2015 में
AMRUT (अटल मिशन फॉर रीजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन) बनाया गया।
आवास योजना
1985 में शुरू इंदिरा आवास योजना को 2016 में
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) में बदला गया।
इसे PMAY-G (ग्रामीण) और PMAY-Urban (शहरी) दो हिस्सों में लागू किया गया।
अब मनरेगा भी बदली पहचान के साथ
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA), जो 2005 में शुरू हुई थी और 100 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी देती है, अब नए कानून के रूप में पेश की गई है—
विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (VBG RAM G)
सरकार का दावा है कि—
- ग्रामीण परिवारों को अब 125 दिनों तक काम की गारंटी मिलेगी
- फोकस केवल मजदूरी नहीं, बल्कि
- ग्रामीण अधोसंरचना
- जल सुरक्षा
- आजीविका
- जलवायु-अनुकूल विकास
पर होगा
वहीं, विपक्ष इसे मनरेगा की आत्मा से छेड़छाड़ बता रहा है।
लोकसभा में हंगामे के बीच बिल पास
नया Viksit Bharat-G RAM G (Gramin Rozgar and Ajeevika Mission) Amendment Bill लोकसभा में पारित हो गया।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरकार की ओर से जवाब दिया।
विपक्षी सांसदों ने बिल का विरोध करते हुए नारेबाजी की और कागज फाड़कर सदन में फेंक दिए, लेकिन इसके बावजूद बिल पास हो गया।
11 साल, 28 योजनाओं के नाम बदले
मोदी सरकार अपने 11 साल के कार्यकाल में अब तक 27 योजनाओं के नाम बदल चुकी थी।
मनरेगा के नए नाम के साथ यह संख्या 28 हो गई है।
यह मुद्दा अब सरकार और विपक्ष के बीच सियासी बहस का बड़ा केंद्र बन गया है।












