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जनसमस्या निवारण शिविर का हुआ आयोजन

जनसमस्या निवारण शिविर का हुआ आयोजन

रायपुर //जिस मूलनिवास प्रमाण पत्र, नामांतरण, ऋण पुस्तिका केे लिए हफ्ते भर का समय लगता है, लेकिन आज वह घण्टे भर में बन गए और हितग्राहियों को हाथों में तत्काल मिल गए। यह नजारा था कलेक्टोरेट परिसर का। जहां आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इसके पूर्व में तहसील एवं राजस्व मंडंल स्तर पर भी शिविर का आयोजन किया गया था। आज शिविर में संभागायुक्त डॉ संजय अलंग और कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने आम नागरिकों से रूबरू होकर समस्याएं सुनी। कुछ समस्याओं का मौके पर निराकरण हुआ। कुछ के लिए समय सीमा निश्चित कर समाधान करने की कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए।

शिविर में आवेदको द्वारा नामांतरण के संबंध में 31 आवेदन प्राप्त हुये थे जिसमें स्थल पर 22 आवेदनों का निराकरण किया गया, शेष प्रक्रियाधीन है। खाता विभाजन के कुल 02 आवेदन प्राप्त हुये थे जिसमें प्रकरण दर्ज किया गया। सीमांकन के 05 आवेदन में से 03 आवेदनों का निराकरण स्थल पर किया गया, शेष प्रक्रियाधीन है। किसान-किताब के 08 आवेदन प्राप्त हुये सभी आवेदनो का निराकरण स्थल पर किया गया। जाति/आय/निवास प्रमाण पत्र के 19 आवेदन प्राप्त हुये सभी आवेदनो का निराकरण स्थल पर किया गया। राजस्व संबंधी अन्य आवेदनो की कुल 48 आवेदनों में 18 आवेदन का निराकरण स्थल पर किया गया शेष प्रक्रियाधीन है। इस प्रकार कुल 125 आवेदनो में से 72 आवेदनो का स्थल में निराकरण किया गया शेष आवेदनों को शीघ्र निराकरण किये जाने हेतु संबंधित अधिकारियों का निर्देशित किया गया।

शिविर में सभी तहसीलों के राजस्व अमला मौजूद था। कलेक्टर सभी तहसीलों के टेबल पर गए उनके आवेदन की स्थिति जानी और आवेदकों से भी बात की। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने राजस्व अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि नागरिकों से संवेदनशीलता के साथ व्यवहार करें। जो समस्या जल्द निराकृत हो सकती है। उसका समाधान करें, जो समय सीमा के भीतर अवश्य करें। उन्होंने कहा कि वे स्वयं तहसीलवार मौके पर जाकर समीक्षा करेंगे और लंबिल राजस्व प्रकरण की जमीनी हकीकत की जानकारी लेंगे।

लंबे समय से लंबित सीमांकन के लिए आए कृष्णकुमार, कलेक्टर ने दिया सप्ताह भर के भीतर करने का निर्देश
शिविर में आए चंगोराभाठा निवासी कृष्ण कुमार चौधरी ने बताया कि 1992 में पिता जी ने पांच लोगो के साथ मिलकर बच्चों के भविष्य के लिए 15 हजार स्क्वेयर फिट भूमि खरीदी थी। जिसका सीमांकन के आवेदन लगातार उनके द्वारा जब वो जीवित थे और उनके देहांत के पश्चात हम लगातार लगाते रहे। 15 सालों से। हर बार नाप-जोख किया जाता था। लेकिन प्रक्रिया पूरी नही होती थी। आज शिविर में कलेक्टर डॉ सिंह के पास मैने आवेदन देकर अपनी समस्या बताई। कलेक्टर डॉ सिंह ने अधिकारियों को प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए और कहा कि सप्ताह भर के भीतर सीमांकन बाटांकन हो जाएगा।

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ईश्वर का घंटे भर के भीतर हुआ ऋण पुस्तिका का नवीनीकरण
ग्राम तेंदुआ निवासी श्री ईश्वर प्रसाद साहू ने बताया कि मुझे पटवारी और कोटवार से शिविर की जानकारी मिली। शिविर में पहंुच कर ऋण पुस्तिका नवीनीकरण आवेदन दिया। घंटे भर के भीतर ही मुक्षे प्राप्त हो गया। उन्होंने कलेक्टर डॉ सिंह को धन्यवाद दिया।

अनुज और रामचरण के भूमि का तत्काल हुआ नामांतरण
शिविर में रायपुर तहसील के ग्राम कांदुल निवासी अनुज चन्द्राकर और रामचरण ने भूमि नामांतरण के लिए आवेदन दिया। जिसके कुछ समय भीतर ही उन्हें प्रक्रिया पूरी कर कागजात प्रदान कर दिए गए।

अमन को मिला तत्काल स्थानीय निवासी प्रमाणपत्र
शिविर में पंडरी के काली नगर निवासी अमन मिश्रा आए और उन्होंने स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र बनाने आवेदन दिया। कलेक्टर के निर्देश पर कुछ समय के भीतर प्रक्रिया पूर्ण कर प्रमाण पत्र दे दिया गया। उन्होंने कलेक्टर को इसके लिए धन्यवाद दिया।

आरिफ मोहम्मद को मिला ऋण पुस्तिका और अब्दुल के समस्या का हुआ समाधान
रवि नगर रायपुर निवासी आरिफ मोहम्मद ने बताया कि वे पूर्व में भूमि नामांतरण कर ऋण पुस्तिका प्रदान नही किया गया था। आज शिविर में पहुंच मैने कलेक्टर को अपनी समस्या बताई। उन्होंने तत्काल निर्देशित कर प्रक्रिया पूर्ण कर ऋण पुस्तिका उपलब्ध कराया। मठपुरेना निवासी अब्दुल बहार अंसारी ने बताया कि उन्होंने करीब एक हजार वर्गफुट जमीन क्रय की थी। जिसका नामांतरण पूर्व में करा लिया था। विक्रेता के द्वारा भूमि का आवासीय परिवर्तन कराकर विक्रय किया गया परंतु उनके बी-1 खाते में कृषि का उल्लेख था। उनके आवेदन देने पर तत्काल उनके समस्या का समाधान हो गया।

आरबीसी 6-4 के तहत 10 हितग्राहियों को सहायता राशि दी गई
शिविर में कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह ने प्राकृतिक आपदा से मृत व्यक्तियों के परिजनों को आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की। इनमें गजानंद साहू सांप काटने के कारण, श्रीमती गौरी तांडी तालाब में डूबने, रोमनाथ रात्रे तालाब में डूबने, श्रीमती अशवंतीन के खारून में डूबने, मनीष शर्मा नदी में डूबने, फिरंता यादव को सांप के काटने, राधा ठाकुुर आकाशीय बिजली के गिरने, गीता यादव तालाब में डूबने, कुंती लहरे तालाब में डूबने और श्रीमती राखी साहु खारून नदी के पानी मेें डूबने के कारण मृत्यु हो गई। इन सभी मृतकों के परिजनों को प्रति हितग्राही 4 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई है।

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