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संस्कृत मंडलम की परीक्षा में गंभीर अनियमितता उजागर

संस्कृत मंडलम की परीक्षा में गंभीर अनियमितता उजागर

राष्ट्रीय स्तर पर क्लेट और नीट के परीक्षा परिणामों में भी फर्जीवाड़ा, योग्य और प्रतिभावान छात्रों पर अत्याचार है

रायपुर/संस्कृत बोर्ड की परीक्षा को लेकर जांच रिपोर्ट में हुए खुलासे पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि किसी भी बोर्ड के द्वारा आयोजित परीक्षा में 90 फ़ीसदी धांधली का मामला दुनिया में और कहीं नहीं है जो वर्तमान में संस्कृत बोर्ड की परीक्षा में छत्तीसगढ़ में उजागर हुआ है। विष्णुदेव साय सरकार के संरक्षण के बिना इतना बड़ा फर्जीवाड़ा संभव ही नहीं है। जांच में स्पष्ट हुआ है कि 90 फ़ीसदी उत्तर पुस्तिकाओं में दूसरों की हैंडराइटिंग है। 24 में से 19 टॉपर फर्जी पाए गए ऐसे परीक्षार्थियों को मेरिट में बताया गया है जिन्होंने परीक्षा ही नहीं दी। इतने गंभीर विषय पर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और शिक्षा मंत्री का यह कहना कि “टाइपो एरर” है, तो यह प्रमाणित है कि भाजपा सरकार के संरक्षण में ही शिक्षा विभाग में अंधेरगर्दी चल रहा है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि यह पहला मौका नहीं है, जब भाजपा की सरकार में शिक्षा जैसे पवित्र विभाग को कलंकित किया गया हो। छत्तीसगढ़ में ही पूर्ववर्ती भारतीय जनता पार्टी की रमन सरकार के समय तत्कालिन शिक्षा मंत्री केदार कश्यप के पत्नी के बदले साली का परीक्षा देते हैं रंगे हाथों पकड़े जाने के बावजूद काई कार्यवाही नहीं की गयी, उसी तरह पोरा बाई प्रकरण भी सर्वविदित है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद एक बार फिर वही दौर लौट आया है।

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प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि पूरे देश में भाजपाईयो का यही चरित्र है। जहां-जहां भाजपा की सरकारें हैं, चाहे राज्य में हो या केंद्र में इसी तरह से योग्य और प्रतिभावन छात्रों के अधिकारों को कुचल कर अनुचित तरीके से पैसे कमाने के नए नए अवसर निकलते हैं। मध्य प्रदेश का व्यापम घोटाला दुनिया का सबसे बड़ा परीक्षा घोटाला है जिसमें जांच के दौरान ही 100 से अधिक गवाहों की संदिग्ध मौतें हो गई लेकिन आज तक असलियत उजागर नहीं हुआ। हाल ही में जो क्लैट के रिजल्ट आए उसमें भी गंभीर अनियमिताएं पाई गई। विगत 4 जून को जो पूरे देश में मेडिकल के प्रवेश के लिए नीट का रिजल्ट आया उसमें तोफर्जीवाड़े और बेशर्मी की पराकाष्ठा ही पर हो गई। 67 लोगों को और 1 मिले जिनके 720 में 720 अंक है जबकि पिछले साल और वन रैंक केवल तीन छात्रों को मिला था। सबसे ज्यादा चौंकाने वाला तथ्य तो यह है कि नीट में कल 180 प्रश्न आते हैं प्रति प्रश्न पर चार नंबर अर्थात कुल नंबर 720, डब्फ से उत्तर देना होता है। गलत उत्तर पर एक नंबर की नेगेटिव मार्किंग होती है अर्थात यदि सभी सवाल के सही जवाब हो तो 720 नंबर आते हैं एक सवाल यदि छोड़ दे तो 716 नंबर मिलेंगे और यदि एक सवाल गलत हो जाए तो 715 अंक मिलेंगे लेकिन दो ऐसे छात्र हैं जिनका 718 और 719 अंक हासिल होना बताया गया जो कि असंभव है। ये छात्र सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश भी आ जाएंगे। छात्रों की योग्यता और प्रतिभा को कुचलना और भ्रष्टाचार के लिए रास्ता बनाने का क्रम करना भाजपा नेताओं का व्यवसाय बन गया है। तमाम शिकायतों के बावजूद न जांच ना कार्यवाही ना निलंबन ना फिर बेहद स्पष्ट है कि भाजपा के नेताओं का स्पष्ट तौर पर संरक्षण है।

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