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जिले में लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ी

जिले में लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ी

जिले में सिकल सेल और उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की परीक्षण प्रदेश में सर्वाधिक

प्रधानमंत्री जन आरोग्य के क्लेम रेट में रिकॉर्ड वृद्धि

महासमुंद // स्वास्थ्य के क्षेत्र में शासन द्वारा वर्तमान योजनाओं के माध्यम से व्यापक सुधार लाने का प्रयास किया गया है जिससे कई स्वास्थ्य संकेतकों में उल्लेखनीय प्रगति दिखाई देता है। महासमुंद जिले में स्वास्थ्य में सुधार के लिए विशेष प्रयास किए गए है। जहां शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए समन्वय और रणनीति बनाकर कार्य किया गया है। वहीं कलेक्टर श्री प्रभात मलिक द्वारा नियमित समीक्षा से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य के साथ संसाधनों का विस्तार किया गया जिससे मरीजों को समुचित उपचार मिल रहा है। जिले में 5 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों का उन्नयन कार्य किया गया है। यहां अब पहले की तुलना में बेहतर आधारभूत संरचनाओं के साथ स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित की गई है।

सिकल सेल परीक्षण के लिए अभियान, राज्य में सर्वाधिक प्रमाण पत्र जारी
कलेक्टर श्री प्रभात मलिक के मार्गदर्शन में जिले में वर्ष 2022-23 में कुल 3,66,801 सिकल सेल परीक्षण किए गए जिसमें 673 सिकल सेल मरीजों की पहचान कर उनमें से 539 मरीजों को दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किए गए। यह राज्य में जारी सर्वाधिक दिव्यांग प्रमाण पत्र है। साथ ही जिले के समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 17.5 लाख रुपए की लागत से इलेक्ट्रोफोरेसिस मशीन प्रदत्त की गई है, जिससे मरीजों का सिकल सेल वाहक (एस.) अथवा ग्रसित (एस.एस.) होने का चिन्हांकन किया जाता है।

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परीक्षण कर 205 बच्चों को श्रवण यंत्र प्रदान किए गए
इस वर्ष श्रवण बाधित बच्चों की पहचान और उनके निदान के लिए विभिन्न गतिविधियों एवं विशेष अभियान चलाया गया। जिसके माध्यम से कुल 690 श्रवण बाधित बच्चों को चिन्हांकित कर 205 पात्र बच्चों/मरीजों को बैटरी सहित श्रवण यंत्र प्रदान किए गए। श्रवण यंत्र तिवरण के लिए आरबीएसके टीम द्वारा स्कूल व आंगनबाड़ी में संभावित बाधित बच्चों का चिन्हांकन किया गया। साथ ही उप स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर बुधवार को स्वास्थ्य मेला का आयोजन कर चिन्हांकन किया गया। चिन्हांकन के लिए टीम द्वारा हाट बाजार पहुंचकर परीक्षण किया जाता था व मेडिकल बोर्ड की टीम द्वारा आयोजित स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से चिन्हांकन किया गया।

एनीमिक महिलाओं और किशोरियों की पहचान के लिए विशेष अभियान
जिले के 10 से 49 वर्ष तक की 1,71,343 किशोरियों एवं महिलाओं की हीमोग्लोबिन जांच की गई जिसमें गंभीर बालिकाओं एवं महिलाओं को फॉलो अप किया गया। 7-11 ग्राम रक्त अल्पता वाली किशोरियों व महिलाओं का चिन्हांकन कर महिला एवं बाल विकास विभाग से समन्वय करते हुए विभिन्न योजनाओं के द्वारा उन्हें लाभ प्रदान किया जा रहा है।

उच्च जोखिम गर्भवती जांच, राज्य में सर्वाधिक
स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष गतिविधियों के माध्यम से वर्ष 2023-24 में पंजीकृत गर्भवती महिलाओं में से कुल 4,174 यानि 21 प्रतिशत गर्भावस्था के हाई रिस्क प्रेगनेंसी केस चिन्हांकित किए गए जो कि राज्य में सर्वाधिक है। यह आंकड़ा पिछले सत्र से 5 प्रतिशत अधिक है। मैदानी स्तर पर कार्यरत मितानिन, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (महिला), स्टाफ नर्स एवं ग्रामीण चिकित्सा सहायक का हाई रिस्क प्रेग्नेंसी पर प्रशिक्षण कर उच्च जोखिम प्रकरण पहचानने के लिए स्वास्थ्य केन्द्र में आवश्यक प्रचार-प्रसार किया गया है।

प्रधानमंत्री जन आरोग्य के क्लेम रेट में रिकार्ड वृद्धि
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत जरूरतमंदों को लाभ पहुंचाने विशेष प्रयास किए गए। वर्ष 2022-23 में 7,659 आयुष्मान क्लेम के विरूद्ध 2 करोड़ 48 लाख (28 प्रतिशत) राशि क्लेम की गई थी, वहीं 2023-24 में 14,475 आयुष्मान क्लेम के विरूद्ध 4 करोड़ 67 लाख (58 प्रतिशत) राशि क्लेम की गई। यह पिछले सत्र की तुलना में 30 प्रतिशत की वृद्धि है।

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