विशेष रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में सनसनीखेज वारदात: गर्लफ्रेंड ने पति संग मिलकर बॉयफ्रेंड को कुल्हाड़ी से काटा, सिर गड्ढे में दफन किया और धड़ 200 मीटर दूर फेंका
शादी से पहले का अफेयर खत्म करना चाहती थी शादीशुदा महिला; जबरन संबंध बनाए रखने का दबाव बनाने पर पति-पत्नी ने रची खौफनाक साजिश।
मुख्य बिंदु:
- 35 वर्षीय मृतक वसीम अंसारी 2 अक्टूबर की शाम से लापता था।
- आरोपियों ने हत्या के बाद पहचान मिटाने के लिए शव को दो हिस्सों में काटा।
- सिर को चिल्मा उबका जंगल के नाले के पास गड्ढे में दफनाया गया, जबकि धड़ 200 मीटर दूर मिला।
- पुलिस ने आरोपी पति सोनू खैरवार (30) और पत्नी मनबासो खैरवार (25) को गिरफ्तार किया।
घटना का विस्तृत विवरण
बलरामपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है। पस्ता थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक शादीशुदा महिला ने अपने पति के साथ मिलकर अपने पूर्व प्रेमी की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया और साक्ष्य छुपाने तथा शव की पहचान मिटाने के उद्देश्य से उसके सिर और धड़ को अलग-अलग काटकर दो अलग-अलग गड्ढों में छुपा दिया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान ग्राम कोदौरा निवासी वसीम अंसारी (35 वर्ष) के रूप में हुई है। वहीं, इस जघन्य हत्याकांड में शामिल आरोपियों की पहचान कोटडीह निवासी सोनू खैरवार (30 वर्ष) और उसकी पत्नी मनबासो खैरवार (25 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हिरासत में ले लिया है।
2 अक्टूबर से लापता था वसीम, मक्का बाड़ी में मिली थी एक्टिवा
घटनाक्रम की शुरुआत 2 अक्टूबर 2026 की शाम को हुई। परिजनों के अनुसार, वसीम अंसारी 2 अक्टूबर की शाम करीब 6:00 बजे अपनी स्कूटी (एक्टिवा) लेकर घर से निकला था। जब वह देर रात तक वापस अपने घर नहीं लौटा, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने उसकी तलाश शुरू की।
अगले दिन (3 अक्टूबर) सुबह करीब 8:00 बजे वसीम की एक्टिवा मक्का बाड़ी के पास लावारिस हालत में पाई गई, लेकिन वसीम का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद वसीम के भाई अमीम अंसारी ने बिना किसी देरी के डौरा पुलिस चौकी में अपने भाई की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर गुमशुदा की तलाश और मामले की जांच शुरू की।
घटनाक्रम की समय-सारणी (Timeline)
वसीम अंसारी अपनी एक्टिवा से घर से निकला।
महिला (मनबासो) ने फोन कर वसीम को जंगल के पास मिलने बुलाया और पति के साथ मिलकर हमला किया।
मक्का बाड़ी के पास लावारिस एक्टिवा मिली; भाई ने गुमशुदगी दर्ज कराई।
पुलिस को जंगल से सिर और धड़ अलग-अलग गड्ढों में मिले; दोनों आरोपी गिरफ्तार।
जंगल में नाले के पास मिला कटा हुआ सिर
जांच के दौरान 5 अक्टूबर को पुलिस को चिल्मा उबका के जंगल में नाले के पास एक गड्ढे में इंसानी सिर दफन होने की गुप्त सूचना मिली। सूचना मिलते ही पस्ता थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गड्ढे को खुदवाकर सिर को बाहर निकाला।
पुलिस ने तत्काल पहचान के लिए वसीम के भाई अमीम अंसारी को मौके पर बुलाया। अमीम ने सिर की पहचान अपने लापता भाई वसीम अंसारी के रूप में की। हालांकि, शुरुआत में घटनास्थल के आसपास से धड़ गायब था। पुलिस ने सर्च ऑपरेशन तेज किया और गहन छानबीन के बाद कटे हुए सिर से लगभग 200 मीटर दूर एक अन्य गड्ढे से वसीम का धड़ भी बरामद कर लिया।
हत्या की वजह: अवैध संबंध और ब्लैकमेलिंग का दबाव
शव बरामद होने के बाद पुलिस ने संदेह के आधार पर ग्राम कोटडीह के रहने वाले सोनू खैरवार और उसकी पत्नी मनबासो खैरवार को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की। शुरुआत में गुमराह करने के बाद, दोनों ने कड़ाई से की गई पूछताछ में वसीम की हत्या का जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस पूछताछ में सामने आई कहानी के मुताबिक:
- शादी से पहले का संबंध: मनबासो खैरवार का शादी से पहले वसीम अंसारी के साथ प्रेम संबंध (अफेयर) था।
- पारिवारिक विवाद: शादी के बाद जब इस अफेयर की भनक मनबासो के पति सोनू खैरवार को लगी, तो उनके घर में आए दिन विवाद और कलह होने लगा।
- अफेयर खत्म करने से इनकार: विवाद से परेशान होकर मनबासो वसीम से अपना रिश्ता पूरी तरह खत्म करना चाहती थी, लेकिन वसीम लगातार उस पर अवैध संबंध बनाए रखने के लिए दबाव बना रहा था।
- हत्या की साजिश: लगातार मिल रही धमकियों और दबाव से तंग आकर पति-पत्नी (सोनू और मनबासो) ने मिलकर वसीम को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
जंगल में बुलाकर कुल्हाड़ी से किया हमला
तय योजना के अनुसार, 2 अक्टूबर की शाम करीब 7:00 बजे मनबासो ने वसीम को फोन करके चिल्मा उबका जंगल के पास मिलने के लिए बुलाया। प्रेमी वसीम जैसे ही नियत स्थान पर पहुंचा, वहां पहले से घात लगाकर बैठे सोनू खैरवार और मनबासो ने उस पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया।
कुल्हाड़ी के ताबड़तोड़ वार से वसीम की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव के दो टुकड़े (सिर और धड़ अलग) कर दिए। आरोपियों ने सिर को नाले के पास गड्ढा खोदकर झाड़ियों में दफना दिया और धड़ को वहां से 200 मीटर दूर ले जाकर दूसरे गड्ढे में छिपा दिया ताकि किसी को भनक न लगे।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया
पस्ता थाना पुलिस ने मामले में हत्या (Section Under BNS), साक्ष्य छुपाने और आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी और अन्य साक्ष्य जब्त कर लिए हैं। दोनों आरोपियों (सोनू खैरवार और मनबासो खैरवार) को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में फॉरेंसिक टीम की मदद से सभी वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए हैं ताकि अदालत में आरोपियों के खिलाफ मजबूत केस प्रस्तुत किया जा सके। इस वीभत्स घटना के बाद से क्षेत्र में सनसनी का माहौल है।
Ashish Sinha
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