सरकार का रिमोट कंट्रोल किसके हाथ में है? यदि राजभवन से ही सरकार चलानी है तो सरकार को तत्काल भंग करे!

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रायपुर//राज्यपाल द्वारा छत्तीसगढ़ में इन्वेस्टर मीट के लिए केंद्रीय वित्तमंत्री को दिए गए प्रपोजल पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि 10 महीनों में ही भाजपा की सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है, कार्यक्रम तय करना विधायिका का उत्तरदायित्व है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की साय सरकार इतनी निकम्मी है कि प्रदेश में इन्वेस्टर में तक का आयोजन अपने पुरुषार्थ से करवा पाने में अक्षम हैं। जिला स्तर में अधिकारियों की बैठक तक महामहिम राज्यपाल को लेना पड़ रहा है और अब इन्वेस्टर मीट का प्रपोजल भी महामहिम के द्वारा देना इस बात का प्रमाण है कि भाजपा सरकार पूरी तरह से नाकाम हो चुकी है।

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प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार को स्पष्ट करना चाहिए की सरकार आखिर चला कौन रहा है? इस निकम्मी सरकार का रिमोट कंट्रोल किसके हाथ में है? संवैधानिक व्यवस्था के विपरीत यदि राजभवन से ही सरकार चलाना है तो ऐसे प्रदेश सरकार का कोई औचित्य नहीं है। तत्काल राष्ट्रपति शासन लगाकर छत्तीसगढ़ की निकम्मी भाजपा सरकार को भंग कर देना चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है भारतीय जनता पार्टी की सरकार घरेलू और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से निवेश आकर्षित करने में पूरी तरह से नाकाम रही है। पहले भी जब 2003 से 2018 तक छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार थी तब भी कभी रतनजोत तो कभी औषधि खेती के नाम पर, कभी बड़े पावर प्लांट लगाने का झांसा देकर केवल छत्तीसगढ़ की जनता को धोखे में रखा गया। जमीन अधिग्रहित करके बिना उद्योग लगाए लैंड बैंक बनाकर रखा गया, लेकिन निवेश जुटा पाने में भाजपा की सरकार है नाकाम रहे अब एक बार फिर से मोदी के मित्र चंद पूंजीपतियों को प्रदेश के संसाधन लुटाए जा रहे हैं शिक्षा, स्वास्थ्य, वनोपज प्रोसेसिंग, उद्योग और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्र में निजी निवेश हासिल कर पाने में यह सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है।