31 करोड़ रूपए की लागत से परलकोट जलाशय का होगा संधारण

31 करोड़ रूपए की लागत से परलकोट जलाशय का होगा संधारण

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मुख्य नहर निर्माण और बारदा में एनीकट निर्माण के लिए 22 करोड़ रूपए की घोषणा

रायपुर/ कांकेर जिले के पखांजूर क्षेत्र के किसानों को परलकोट जलाशय से अब भरपूर पानी मिलेगा। जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने इस जलाशय के संधारण कार्य का भूमिपूजन किया। यह कार्य लगभग 31 करोड़ रूपए की लागत से पूर्ण होगा।

परलकोट जलाशय में आर.बी.सी. एवं एल.बी.सी. गेट की मरम्मत तथा आरबीसी. नहर आर.डी. 14 किलोमीटर तक लाइनिंग कार्य एवं ट्रफ निर्माण कार्य किया जाएगा। भूमिपूजन के मौके पर जल संसाधन मंत्री श्री कश्यप ने 07 करोड़ रूपए की लागत से बारदा आश्रम एनीकट निर्माण और परलकोट जलाशय की बायीं तट पर मुख्य नहर निर्माण हेतु 15 करोड़ रूपए की घोषणा की। इस अवसर पर कार्यक्रम में अंतागढ़ विधायक श्री विक्रम उसेण्डी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि परलकोट जलाशय से वर्तमान में 5400 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती है, जबकि संधारण कार्य पूर्ण हो जाने से 9000 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा मिलेगी। संधारण कार्य के बाद 3600 हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र में वृद्धि होगी, जिससे पखांजूर क्षेत्र के 67 ग्रामों में निवासरत 15 हजार से अधिक किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

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जल संसाधन मंत्री कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का लगभग 37 से 40 प्रतिशत मछली का उत्पादन इसी क्षेत्र से होता है। इसका ज्वलंत उदाहरण है कि जिले को मत्स्यपालन के क्षेत्र में कल 21 नवम्बर को देश में ‘बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट अवार्ड’ से नवाजा गया है। केबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि इस क्षेत्र में एकीकृत खेती के अलावा बत्तख पालन, मछली पालन, सूअर पालन, बकरा पालन, मुर्गा पालन, दुग्ध उत्पादन आदि के लिए उन्नत तकनीकी का उपयोग किया जाता है। इन व्यवसायों को बढ़ावा देने पूरे प्रदेश में 500 दुग्ध उत्पादन केन्द्र और 500 फिश हेचरी के लिए सहकारी (कोऑपरेटिव) समिति इसी वर्ष गठित की जानी है और इसके लिए सबसे बेहतर व अनुकूल क्षेत्र कापसी, बांदे, पखांजूर का क्षेत्र है।