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संगठित साजिश के तहत बीजेपी ने सरगुजा जिला प्रशासन पर दबाव बना रेडक्रॉस का चुनाव स्थगित कराया।

संगठित साजिश के तहत बीजेपी ने सरगुजा जिला प्रशासन पर दबाव बना रेडक्रॉस का चुनाव स्थगित कराया।

अम्बिकापुर/आज सरगुजा के जिला पंचायत सभागार में आयोजित रेडक्रॉस सोसाइटी के चुनाव के दौरान शर्मनाक दृश्य देखने को मिला। भाजपा के बौखलाए पदाधिकारियों ने आज रेडक्रॉस के चुनाव को उस दौरान बाधित कर दिया जब नियमसम्मत हो रहे चुनाव को वे लोग रोकने पहुँचे जो स्वयं खुद रेडक्रॉस सोसाइटी के सदस्य तक नहीं हैं। भाजपा के चंद कार्यकर्ता और पदाधिकारी खुलेआम चुनाव प्रक्रिया को बाधित किया और रिटर्निंग ऑफिसर पर जबरदस्त दबाव डालकर चुनाव को निरस्त करवाया। न सिर्फ पीठासीन अधिकारी और रिटर्निंग अधिकारी से धक्का मुक्की हुई बल्कि जम कर नारेबाजी कर चुनाव को बाधित किया गया।

यह पूरा घटनाक्रम दिखाता है कि सरगुजा का जिला प्रशासन सत्तासीन बीजेपी के आगे घुटने टेक चुका है। प्रशासन पूरी तरह से बीजेपी के दबाव में दिखी। बीजेपी के पदाधिकारियों ने न सिर्फ चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की, बल्कि मौके पर मौजूद कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी और अभद्र व्यवहार भी किया।

हम आपको बता दें कि सरगुजा रेडक्रॉस सोसायटी का चुनाव नवम्बर महीने में होना था। 3 नवम्बर को अधिसूचना जारी की गई थी, तब वोटर लिस्ट का प्रकाशन और दावा-आपत्ति बजी हुआ था। इसके बाद भाजपा समर्थित लोगों ने रायपुर राज्य कार्यालय में आपत्ति दर्ज कराते हुए चुनाव की तिथि बढ़ाने और नये सदस्यों को बनाने का समय मांगा। फिर से नई अधिसूचना निकाल कर 16 दिसंबर तक नये सदस्य बनाये गये और 17 दिसंबर को पुनः दूसरी बार वोटर लिस्ट जारी कर 19 दिसंबर को वोटिंग हेतु 12:00 बजे जिला पंचायत में चुनाव तय किया गया। किंतु नियमसम्मत हो रहा यह चुनाव जिला प्रशासन के फेलियर के कारण स्थगित करना पड़ा। ऐसा आरोप रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरपर्सन आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने आरोप लगाया है।

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बताया जा रहा है कि 17 दिसंबर को जारी वोटर लिस्ट में कुछ 757 सदस्य थे। बताया जा रहा है कि कांग्रेस समर्थित व वर्तमान चेयरपर्सन आदित्येश्वर शरण सिंह देव के समर्थित लगभग 500 से ऊपर सदस्य लखनपुर, उड़यपुर, अम्बिकापुर ग्रामीण व शहर, लुंड्रा, मैनपाट, बतौली व सीतापुर से वोटिंग हेतु पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि वोटरों की इसी भीड़ को देखते हुए भाजपा बौखला गई और मात्र 20-25 की संख्या में पहुंचे भाजपा के कार्यकर्ता व पदाधिकारियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए चुनाव को बाधित कर दिया।

आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने कहा कि जिला प्रशासन की यह फेलियर लोकतंत्र और निष्पक्षता पर एक सीधा सा हमला है। पूरे जिले से पहुंचे रेडक्रॉस सोसायटी के सदस्यों को सिर्फ इसलिए वापस होना पड़ा। क्यों कि भाजपा को लोकतंत्र पर भरोसा नहीं है।

इस पूरे मामले में देखा जाए तो यह घटना यह साबित करती है कि बीजेपी अपनी सत्ता की भूख मिटाने के लिए हर संस्थान और प्रशासनिक तंत्र को अपने कब्जे में लेने पर आमादा है। उसे लोकतंत्र पर भरोसा नहीं है।

रेडक्रॉस सोसायटी, सरगुजा के मौजूदा चेयरमैन श्री आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने रेडक्रॉस जैसी सामाजिक संस्था के चुनाव को राजनीति का अखाड़ा बनने देने को लेकर प्रशासन पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय पर जब वे रेडक्रॉस सोसायटी की बैठक में पहुंचे तो बैठक की लिए तय जिला पंचायत का हॉल खुला ही नहीं था। कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था। विलंब से जब करवाई प्रारंभ हुई उस समय पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद भाजपा के उन लोगों को हॉल में प्रवेश करने दिया गया जो कि रेडक्रॉस सोसायटी के सदस्य भी नहीं थे। हॉल में प्रवेश कर इन भाजपाइयों ने जमकर उत्पात मचाया। इन्होंने न केवल दस्तावेजों को फाड़ा, साथ ही साथ अधिकारियों के साथ भी झूम-झटकी की। प्रशासन और पुलिस भाजपाइयों के उत्पात को मूक दर्शक बनकर देखते रहे और रेडक्रॉस सोसायटी जैसी सामाजिक संस्था का चुनाव राजनीति का अखाड़ा बन गया।

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