सुशासन सप्ताह के तहत महासमुंद सहित चारों विकासखंडों में किसान सम्मेलन और संगोष्ठी आयोजित

सुशासन सप्ताह के तहत महासमुंद सहित चारों विकासखंडों में किसान सम्मेलन और संगोष्ठी आयोजित

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मुख्यमंत्री का संदेश विष्णु की पाती के रूप में पाकर किसानों ने अपनी खुशी व्यक्त की

महासमुंद/ राज्य शासन के एक वर्ष पूर्ण होने पर जिले के सभी विकासखंडों में सुशासन सप्ताह के तहत किसान सम्मेलन सह संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के पांचों विकासखंडों से कुल 1643 किसानों ने भाग लिया। इनमें महासमुंद से 670, बागबाहरा से 200, पिथौरा से 248, बसना से 312, और सरायपाली से 213 किसान शामिल हुए। किसान सम्मेलन में किसानों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं से किसानों को लाभान्वित किया गया। किसान सम्मेलन में उन्नतशील किसानों को सम्मानित किया गया। कुल 80 किसानों को “कृषक सम्मान पत्र“ से सम्मानित किया गया, जबकि 24 किसानों को मसूर मिनीकिट और 19 किसानों को रागी बीज वितरित किए गए। इसके अलावा 10 किसानों को स्वायल हेल्थ कार्ड प्रदान किए गए। उद्यानिकी विभाग द्वारा 180 पौधों का वितरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री का संदेश विष्णु की पाती 2,350 किसानों को दी गई, जिसे पाकर किसानों ने खुशी जाहिर की। किसानों ने कहा कि किसान हितैषी सरकार किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत धान बोनस का भुगतान और 3100 रूपए की दर प्रति एकड़ 21 क्ंविटल धान खरीदी सराहनीय कार्य है। किसानों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी पहल ने खेती-किसानी को नई दिशा दी है।

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इस अवसर पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, कृषि विशेषज्ञों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने कृषि, उद्यानिकी, और पशुपालन के क्षेत्र में नवाचार और लाभकारी योजनाओं की जानकारी साझा की। कृषि विभाग ने किसानों को संगठित समूहों के निर्माण और उनकी आय दोगुनी करने की योजनाओं के बारे में अवगत कराया।उद्यानिकी विभाग ने पौध वितरण और नवीन तकनीकों को बढ़ावा देने पर जोर दिया, जबकि पशुपालन विभाग ने स्वावलंबी बनने के लिए विशेष योजनाएं प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम के दौरान उप संचालक कृषि एफ.आर. कश्यप ने इसे किसानों की समृद्धि और सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकों से जोड़ना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था।