भाजपा हार के डर से सत्ता का दुरुपयोग कर रही – कांग्रेस

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सीधे चुनाव नही जीत रहे तो बेईमानी पर उतर आई भाजपा

भाजपा में टिकिट बेंची गयी कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय जला रहे

रायपुर/ भाजपा टिकिट बंटने के बाद जिस प्रकार से भाजपा कार्यकर्ता बगावत पर उतर आये है, उसके कारण भाजपा बौखला गयी है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी स्थानीय निकाय चुनाव में बेईमानी पर उतर आई है। सरकार के दबाव और भ्रष्टाचार के पैसे का दुरूपयोग करके कांग्रेस प्रत्याशियों को मैदान से हटाने, डराने धमकाने का षडयंत्र पूरे प्रदेश में चल रहा है। धमतरी के कांग्रेस के महापौर प्रत्याशी विजय गोलछा का नामांकन साजिश करके रद्द किया गया, प्रदेश के अन्य निगमों, नगर पंचायतों में भी कांग्रेस प्रत्याशियों को चुनाव से पहले ही हटाने की साजिश रची गयी है। सरकार के तमाम हथकंडो के बाद भी कांग्रेस पार्टी पूरी मजबूती से चुनाव लड़ेगी। जनता कांग्रेस के साथ है, भाजपा कोई भी षडयंत्र करले उसकी हार तय है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि टिकिट बटंने के बाद भाजपा में बगावत है नगरी में भाजपा कार्यालय जला दिया गया प्रदेश के आधा दर्जन क्षेत्रों में भाजपा नेताओं के पुतले फूंके जा रहे। भाजपा की टिकिट सत्ता के दलाल बेच रहे, भाजपा कार्यकर्ताओं में हताशा है।

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प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा के उम्मीदवार जो चुनाव लड़ने के अयोग्य है उनके खिलाफ आई आपत्ति को दरकिनार कर दिया गया। बिलासपुर की भाजपा महापौर प्रत्याशी पूजा विधानी तेलुगु समाज से आती है। नामांकन पत्र में उन्होंने खुद को उड़िया बताया है। पूजा विधानी का असली नाम एल पद्मजा है अशोक विधानी से शादी के बाद उनका नाम पूजा विधानी पड़ा। एम पद्मजा को तेलगु समाज का माना जाता था पर उड़िया समाज का होने और ओबीसी वर्ग से होने का उन्होंने नामांकन भरा। पूजा विधानी का ओबीसी समुदाय का होने का तथाकथित प्रमाण और दस्तावेज छत्तीसगढ़ का नहीं है। कांग्रेस प्रत्याशी के तथ्यपूर्ण और तर्कसगंत आपत्ति को सरकार और भाजपा नेताओं के दबाव में बिलासपुर कलेक्टर ने दरकिनार कर दिया। नियमतः किसी भी व्यक्ति का जाति प्रमाण पत्र उसी राज्य में बनने पर ही मान्य किया जाता है। राज्य के बाहर के जाति प्रमाण पत्र के आधार पर न चुनाव लड़ा जा सकता है और न ही नौकरी के लिये पात्र माना ताता है। बिलासपुर कलेक्टर ने पूजा विधानी का जाति प्रमाण पत्र भाजपा प्रत्याशी होने के कारण अवैध तरीके से स्वीकार किया।