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राजिम कुंभ कल्प मेला कल से: पुण्य स्नान में जुटेंगे बड़ी संख्या में श्रद्धालु

राजिम कुंभ कल्प मेला कल से: पुण्य स्नान में जुटेंगे बड़ी संख्या में श्रद्धालु

गरियाबंद / दुनिया भर में ख्याति प्राप्त देश के पांचवे कुंभ के नाम से प्रसिद्ध राजिम कुंभ कल्प मेले की शुरूआत 12 फरवरी से होने जा रहा है। राजिम की पावनधरा त्रिवेणी संगम में आयोजित होने वाला यह मेला देश और दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई हुई है। देश के कई प्रदेशों से ख्याति प्राप्त मंदिर, मठों, अखाड़ों और आश्रमों से जाने-माने हजारों साधु-संतों के चरण पड़ते हैं। उनके अमृतवाणी और चरण रज का पुण्य लाभ भी राजिम कुंभ मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को मिलता है।
12 फरवरी से 26 फरवरी तक चलेगा कुंभ मेला
12 फरवरी माघ पूर्णिमा से प्रारंभ होने वाले राजिम कुंभ कल्प मेला का समापन 26 फरवरी महाशिवरात्रि को होगा। इसके साथ ही 21 फरवरी से 26 फरवरी तक विराट संत समागम होगा। इस दौरान 12 फरवरी माघ पूर्णिमा, 21 फरवरी जानकी जयंती और 26 फरवरी महाशिवरात्रि को पर्व स्नान भी होंगे, जिसमें शाही जुलूस भी निकाली जाएगी। 12 फरवरी सुबह माघ पूर्णिमा के अवसर पर हजारों श्रद्धालु पुण्य स्नान करेंगे। पुण्य स्नान पश्चात भगवान श्री राजीव लोचन एवं श्री कुलेश्वर महादेव, दानदानेश्वर, बाबा गरीबनाथ, लोमष ऋषि आश्रम दर्शन कर पुण्य लाभ लेंगे।
नवीन मेला मैदान में लगेगा मेला
इस बार नए मेला मैदान में कुंभ कल्प का आयोजन किया जा रहा है। लगभग 54 एकड़ में फैले नवीन मेला मैदान में मुख्यमंच, विभागीय स्टॉल, फूड जोन, मीना बाजार आदि लगेगा। वहीं पुराने मेला स्थल पर संत समागम, महानदी आरती किया जाएगा। प्रशासन ने इस बार लोमष ऋषि आश्रम से कुलेश्वर महादेव मंदिर, मामा-भांचा मंदिर, महानदी आरती स्थल होते हुए नवीन मेला मैदान में अस्थाीय कच्ची सड़क बनाया गया है। सड़क के दोनों किनारे दुकान भी सज गई है। रात्रि में मेला स्थल का दृष्य काफी विहंगम नजर आ रही है। मेला क्षेत्र के चारों तरफ रंग बिरंगी सतरंगी झालरों से जगमग हो रहा है। नदी क्षेत्र में ही साहू समाज राजिम भक्तिन मंदिर समिति, राइस मिल एसोसिएशन द्वारा निशुल्क भंडारे की व्यवस्था रहेगी।

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सांस्कृतिक कार्यक्रम का होगा आयोजन:
नवीन मेला स्थल पर स्थानीय कलाकारों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी होगी। वहीं मुख्य मंच में ही राष्ट्रीय एवं प्रदेश के सुप्रसिद्ध लोक कला मंच के अलावा दूसरे राज्यों के कार्यक्रम की प्रस्तुति होगी। इसके अलावा प्रतिदिन शाम 6 बजे से साध्वी प्रज्ञा भारती के सानिध्य में भव्य महानदी आरती किया जाएगा।

पंडोखर सरकार का लगेगा दरबार :
नदी क्षेत्र में बनाए गए संत समागम स्थल पर 21 फरवरी से 25 फरवरी तक दतिया म.प्र. से पहुंचे गुरुशरण महाराज (पंडोखर सरकार) का सत्संग दरबार लगाया जाएगा। महाराज जी शाम 4 बजे से 7 बजे सत्संग करेंगे। इसी प्रकार 13 फरवरी से 19 फरवरी तक भागवत कथा का आयोजन किया गया है। जहां उदयपुर राजस्थान से पधारे डॉ. संजय कृष्ण सलिल जी महाराज प्रवचन देंगे। कथा का आयोजन शाम 4 बजे से 7 बजे तक रखा गया है।

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